फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   jharkhand_jmm_soren_arrested

एक मार्च तक न्यायिक हिरासत में सीता

Thu, 27 Feb 2014 04:29 PM IST
नीरज सिन्हा/रांची से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
नीरज सिन्हा/रांची से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए Updated Thu, 27 Feb 2014 04:29 PM IST
विज्ञापन
jharkhand_jmm_soren_arrested

झारखंड में साल 2012 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायकों की कथित खरीद–फरोख्त मामले में अभियुक्त झारखंड मुक्ति मोर्चा की विधायक सीता सोरेन ने सीबीआई के विशेष न्यायाधीश आरके चौधरी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है।

विज्ञापन


अदालत ने उन्हें एक मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

सीबीआई कोर्ट के वरिष्ठ लोक अभियोजक एसके यादव ने बताया है कि अभियुक्त के आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने उन्हें एक मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


अदालत के इस आदेश के बाद उन्हें बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा ले जाया गया है।

हाईकोर्ट का आदेश

सीता सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन की पुत्रवधू हैं।

साल 2009 में दुमका जिले के जामा विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने झामुमो के टिकट पर चुनाव जीता था।

20 फरवरी को हाईकोर्ट ने झामुमो विधायक की अग्रिम  जमानत याचिका को खारिज करते हुए सीता सोरेन को एक हफ्ते में आत्मसमर्पण करने को कहा था।

हाईकोर्ट से निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने के निर्देश के आलोक में सोमवार से ही कयास लगाए जा रहे थे कि सीता सोरेन कभी भी आत्मसमर्पण कर सकती हैं।

उससे पहले 19 फरवरी को विधायक के सरकारी आवास की  संपत्ति कुर्क की गई थी।

छह अभियुक्त
सुबह करीब 11 बजे सीता सोरेन अपने वकील विश्वजीत मुखर्जी के साथ विशेष अदालत पहुंची।

वकील विश्वजीत मुखर्जी ने बीबीसी को बताया कि कोर्ट को इसकी जानकारी दी गई है कि विधायक अस्वस्थ हैं। उन्हें थॉयराइड है। लिहाजा उनका विशेष तौर पर ख्याल रखा जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुखर्जी ने बताया कि अदालत ने इस मामले में जेल से उचित कदम उठाने को कहा है।

विधायकों की खरीद- फरोख्त के इस मामले में सीता सोरेन समेत कुल छह अभियुक्त हैं।

इन छह अभियुक्तों में सीता सोरेन के पिता बीएन मांझी, निजी सचिव राजेंद्र मंडल के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी आरके अग्रवाल, पवन धूत और एक अन्य व्यक्ति सुनील माहेश्वरी शामिल हैं।

आरके अग्रवाल जेल में हैं जबकि पवन धूत और सुनील माहेश्वरी जमानत पर हैं।

गौरतलब है कि पांच अप्रैल 2012 को हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआइ जांच के आदेश दिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed