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झारखंड: JPSC-JSSC परीक्षा फर्जीवाड़े में बड़ा एक्शन, अभय तिवारी की पत्नी और भाई गिरफ्तार; CID की जांच तेज
Tue, 18 Aug 2026 08:35 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Tue, 18 Aug 2026 08:35 PM IST
सार
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने परीक्षा एजेंसी TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार किया है। अभय तिवारी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में है। पढ़ें पूरी खबर
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JSSC, झारखंड लोक सेवा आयोग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित फर्जीवाड़े की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और सगे भाई को गिरफ्तार किया। अभय तिवारी को सीआईडी इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह फिलहाल जेल में है।
जांच एजेंसी के अनुसार, उसकी पत्नी और भाई पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफलता हासिल करने का आरोप है। सीआईडी के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों से अभय तिवारी की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
आरोप है कि उसने टीडीपीएल से जुड़े अपने प्रभाव और नेटवर्क का इस्तेमाल अपने भाई और पत्नी को परीक्षा में लाभ पहुंचाने के लिए किया। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी से पूछताछ और उसके पास से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा के विश्लेषण के बाद उसकी पत्नी और भाई की भूमिका सामने आई। इसके आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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डेटा, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा
सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क से और कितने अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिला। जांच एजेंसी डिजिटल उपकरणों से मिले डेटा, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।
ये भी पढ़ें- Bihar Police Constable Result 2026: पुलिस सिपाही भर्ती का रिजल्ट जारी, 27,969 अभ्यर्थी PET/PST के लिए चयनित
आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू
बता दें कि अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए जाने का दावा किया था। सीआईडी इस दावे से जुड़े तथ्यों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसी आवश्यकता के अनुसार उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर सकती है।
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जांच एजेंसी के अनुसार, उसकी पत्नी और भाई पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफलता हासिल करने का आरोप है। सीआईडी के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों से अभय तिवारी की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
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आरोप है कि उसने टीडीपीएल से जुड़े अपने प्रभाव और नेटवर्क का इस्तेमाल अपने भाई और पत्नी को परीक्षा में लाभ पहुंचाने के लिए किया। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी से पूछताछ और उसके पास से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा के विश्लेषण के बाद उसकी पत्नी और भाई की भूमिका सामने आई। इसके आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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डेटा, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा
सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क से और कितने अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिला। जांच एजेंसी डिजिटल उपकरणों से मिले डेटा, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।
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आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू
बता दें कि अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए जाने का दावा किया था। सीआईडी इस दावे से जुड़े तथ्यों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसी आवश्यकता के अनुसार उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर सकती है।