14 परीक्षाएं रद्द, फिर भी आंदोलन जारी, देवेंद्रनाथ बोले- CBI-CID नहीं, चाहिए पेपर लीक फ्री सिस्टम की गारंटी
रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का सत्याग्रह 24वें दिन भी जारी रहा। सरकार द्वारा JSSC-CGL और TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं व संबंधित भर्तियों को रद्द करने के फैसले को छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने ऐतिहासिक जीत बताया। हालांकि, छात्रों का आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
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झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में मंगलवार को सत्याग्रह का 24वां दिन रहा। राज्य सरकार की ओर से JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं व उनसे जुड़ी भर्तियों को रद्द करने के फैसले के बाद आंदोलनकारी छात्रों में खुशी जरूर है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। छात्र अब भविष्य में परीक्षाओं को पारदर्शी और पेपर लीक से मुक्त कराने की गारंटी की मांग कर रहे हैं।
देवेंद्रनाथ महतो बोले- CBI-CID जांच से नहीं मिलेगा न्याय
झारखंड सरकार के JSSC-CGL परीक्षा और TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बाद छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि CBI या CID जांच से छात्रों को न्याय नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग अब ऐसी परीक्षा व्यवस्था की है, जिसमें पेपर लीक की कोई गुंजाइश न हो और भविष्य की परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि उनके पास परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का एक पूरा ब्लूप्रिंट है, जिसे वह सरकार के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि 14 परीक्षाओं का रद्द होना छात्रों की ऐतिहासिक जीत है।
दो गुटों में बंटा है छात्रों का आंदोलन
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल दो गुटों में बंटा हुआ है। एक गुट देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व में अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहा है, जबकि दूसरा गुट JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के तहत अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठा है। सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट बैठक के बाद JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के साथ TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं और उनसे जुड़ी भर्तियों को भी रद्द करने की घोषणा की थी। सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों ने जश्न मनाया और इसे अपनी बड़ी जीत बताया।
मंत्रियों ने अनशन खत्म कराया, लेकिन एक गुट अब भी डटा
सोमवार देर रात मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह आंदोलन स्थल पर पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने देवेंद्रनाथ गुट के छात्रों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। साथ ही उन्होंने JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों से भी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। हालांकि, रिफॉर्म मंच के छात्रों ने अपनी मांगों पर रुख स्पष्ट करते हुए अनशन जारी रखने का फैसला किया। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
तीन छात्र अब भी भूख हड़ताल पर
फिलहाल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में दोनों गुटों का सत्याग्रह जारी है। देवेंद्रनाथ गुट ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। वहीं JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के तीन छात्र अभी भी भूख हड़ताल पर हैं। रिफॉर्म गुट के छात्र नेता पीयूष कुमार का कहना है कि सरकार ने उनकी कुछ मांगें मान ली हैं, लेकिन अभी तक इन फैसलों का लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है।
चार मांगों पर लिखित आश्वासन की मांग
पीयूष कुमार ने कहा कि 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। इसके अलावा एज कटऑफ 2018 किया जाए, अधियाचना वापस ली जाए और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की अनुशंसा की जाए।
छात्र नेताओं का कहना है कि इन चार मांगों पर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
CGL में चयनित 1975 अभ्यर्थियों के सामने नौकरी का संकट
वहीं, सरकार द्वारा JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के बाद इस परीक्षा में चयनित 1975 अभ्यर्थियों के सामने नौकरी जाने का संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार को इन अभ्यर्थियों को मंत्रालय में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
मंत्रालय में प्रवेश नहीं मिलने के बाद सभी चयनित अभ्यर्थी बाहर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के फैसले का विरोध किया। ऐसे में एक तरफ आंदोलनकारी छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग पर डटे हैं, तो दूसरी तरफ CGL में चयनित अभ्यर्थी परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले से प्रभावित होने के कारण सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
‘ऐतिहासिक जीत’ के बाद भी जारी है संघर्ष
सरकार के फैसले से आंदोलनकारी छात्रों को बड़ी राहत मिली है और देवेंद्रनाथ महतो ने इसे 14 परीक्षाओं के रद्द होने की ऐतिहासिक जीत बताया है। हालांकि, अब आंदोलन का फोकस केवल पुरानी परीक्षाओं की जांच पर नहीं, बल्कि भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की गारंटी पर भी है। दूसरी ओर, रिफॉर्म गुट CBI जांच समेत अपनी चार मांगों पर लिखित आदेश मिलने तक पीछे हटने को तैयार नहीं है।