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रांची में RTE के तहत बढ़ी नामांकन की रफ्तार: 117 निजी स्कूलों में 25% सीटें आरक्षित, अब तक 1499 आवेदन प्राप्त
अमर उजाला ब्यूरो, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 05:05 PM IST
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सार
रांची में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 117 निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर नामांकन प्रक्रिया जारी है। अब तक 1499 आवेदन प्राप्त हुए हैं। दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है और पात्र विद्यार्थियों का चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 के तहत कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में निजी विद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया तेजी से जारी है। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के बच्चों को कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क शिक्षा का लाभ दिया जाता है।
जिला प्रशासन की ओर से इस वर्ष जिले के 117 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कुल सीटों का 25 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है। इन आरक्षित सीटों पर दाखिले के लिए जिले के विभिन्न प्रखंडों से अब तक 1499 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो इस योजना के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता और रुचि को दर्शाता है।
दस्तावेजों का सत्यापन जारी
जिला शिक्षा अधीक्षक ने बताया कि प्राप्त सभी आवेदनों की जांच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सावधानीपूर्वक की जा रही है। विद्यार्थियों द्वारा जमा किए गए आवेदन पत्रों के साथ संलग्न आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन लगातार जारी है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता की संभावना न रहे। अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों का चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। इससे नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहेगी।
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मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य
नामांकन को लेकर अभिभावकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने समय पर सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं और अब चयन परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि प्रक्रिया ईमानदारी से पूरी होती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी निजी विद्यालयों को झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 (संशोधित 2019 एवं 2025) के तहत मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य है। इसी नियमावली के तहत जिले के इन 117 विद्यालयों में आरटीई के अंतर्गत नामांकन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिससे वंचित वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा सके।
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जिला प्रशासन की ओर से इस वर्ष जिले के 117 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कुल सीटों का 25 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है। इन आरक्षित सीटों पर दाखिले के लिए जिले के विभिन्न प्रखंडों से अब तक 1499 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो इस योजना के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता और रुचि को दर्शाता है।
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दस्तावेजों का सत्यापन जारी
जिला शिक्षा अधीक्षक ने बताया कि प्राप्त सभी आवेदनों की जांच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सावधानीपूर्वक की जा रही है। विद्यार्थियों द्वारा जमा किए गए आवेदन पत्रों के साथ संलग्न आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन लगातार जारी है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता की संभावना न रहे। अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों का चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। इससे नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहेगी।
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मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य
नामांकन को लेकर अभिभावकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने समय पर सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं और अब चयन परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि प्रक्रिया ईमानदारी से पूरी होती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशों के अनुसार, राज्य के सभी निजी विद्यालयों को झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 (संशोधित 2019 एवं 2025) के तहत मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य है। इसी नियमावली के तहत जिले के इन 117 विद्यालयों में आरटीई के अंतर्गत नामांकन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिससे वंचित वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा सके।

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