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Jharkhand News: हंगामे के बीच पहाड़ी मंदिर समिति ने संभाली कमान, 6.74 करोड़ टेंडर पर भ्रष्टाचार के आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2026 10:19 PM IST
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सार
Jharkhand News: रांची में पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने पदभार संभाला, लेकिन इस दौरान हंगामा भी हुआ। समिति ने 6.74 करोड़ के टेंडर में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पढ़ें पूरी खबर...
पहाड़ी मंदिर में पूजा अर्चना करते समिति के सदय
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
रांची में पहाड़ी मंदिर विकास समिति की नई कमिटी ने सोमवार को विधि-विधान के साथ पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष जस्टिस डॉ. एस.एन. पाठक, उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह और वीरेंद्र तिवारी, सचिव राकेश सिन्हा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने पूजा-अर्चना कर आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी संभाली।
मंदिर परिसर में बनी तनावपूर्ण स्थिति
पदभार ग्रहण के दौरान मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बन गई। नई समिति ने आरोप लगाया कि पूर्व कार्यकाल में करीब 6.74 करोड़ रुपये के टेंडर में गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। इसके साथ ही लोहे और प्लास्टिक सामग्री के दुरुपयोग और अवैध बिक्री के भी आरोप लगाए गए हैं। समिति का कहना है कि मंदिर परिसर में बने नए हॉल और अच्छी गुणवत्ता की सीढ़ियों को नुकसान पहुंचाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि पदभार ग्रहण से पहले प्रशासन को सूचना देने के बावजूद संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे।
अन्य कमरों में ताले बंद पाए गए
मंदिर कार्यालय और अन्य कमरों में ताले बंद पाए गए, यहां तक कि कुछ स्थानों पर दोहरी तालेबंदी की स्थिति थी, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। मीडिया से बातचीत में राजेश गाड़ोदिया और सुनील माथुर पर मंदिर परिसर में विवाद और राजनीतिक माहौल बनाने का आरोप लगाया गया। समिति के अनुसार, मुख्य द्वार और सीढ़ियों को अवरुद्ध कर श्रद्धालुओं के प्रवेश में बाधा उत्पन्न की गई और बाहरी लोगों को बुलाकर हंगामा कराया गया।
ये भी पढ़ें- Jharkhand News: बंगाल चुनाव पर झामुमो का बड़ा आरोप, कहा- 29 लाख वोटर वंचित; निष्पक्षता पर भी उठाए सवाल
हालांकि, समिति के सदस्यों की सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और कोई बड़ी घटना नहीं हुई। समिति ने जिला प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि मंदिर परिसर में शांति और व्यवस्था बनी रहे।
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मंदिर परिसर में बनी तनावपूर्ण स्थिति
पदभार ग्रहण के दौरान मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी बन गई। नई समिति ने आरोप लगाया कि पूर्व कार्यकाल में करीब 6.74 करोड़ रुपये के टेंडर में गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। इसके साथ ही लोहे और प्लास्टिक सामग्री के दुरुपयोग और अवैध बिक्री के भी आरोप लगाए गए हैं। समिति का कहना है कि मंदिर परिसर में बने नए हॉल और अच्छी गुणवत्ता की सीढ़ियों को नुकसान पहुंचाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि पदभार ग्रहण से पहले प्रशासन को सूचना देने के बावजूद संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे।
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अन्य कमरों में ताले बंद पाए गए
मंदिर कार्यालय और अन्य कमरों में ताले बंद पाए गए, यहां तक कि कुछ स्थानों पर दोहरी तालेबंदी की स्थिति थी, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। मीडिया से बातचीत में राजेश गाड़ोदिया और सुनील माथुर पर मंदिर परिसर में विवाद और राजनीतिक माहौल बनाने का आरोप लगाया गया। समिति के अनुसार, मुख्य द्वार और सीढ़ियों को अवरुद्ध कर श्रद्धालुओं के प्रवेश में बाधा उत्पन्न की गई और बाहरी लोगों को बुलाकर हंगामा कराया गया।
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हालांकि, समिति के सदस्यों की सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और कोई बड़ी घटना नहीं हुई। समिति ने जिला प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि मंदिर परिसर में शांति और व्यवस्था बनी रहे।