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झारखंड JSSC जेई पेपर लीक केस: परीक्षा एजेंसी के मैनेजर समेत छह आरोपी गिरफ्तार, अरुण को मुंबई से SIT ने दबोचा
Tue, 11 Aug 2026 07:45 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 07:45 PM IST
सार
झारखंड में जूनियर इंजीनियर नियुक्ति परीक्षा 2022 के कथित पेपर लीक मामले में एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है। परीक्षा एजेंसी के मैनेजर कृष्ण कुमार समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। वहीं, फरार चल रहे एजेंसी के निदेशक सह मैनेजर अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है।
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पेपर लीक मामले में एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा तीन जुलाई 2022 को आयोजित जूनियर इंजीनियर नियुक्ति परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली स्थित बायनसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की परीक्षा एजेंसी के मैनेजर कृष्ण कुमार और पूर्व अभ्यर्थियों रंजीत मंडल, दीपक कुमार, अभिषेक कुमार तथा दीपक श्रीवास्तव को जेपीसीसी 2022 पेपर लीक मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी
सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, इसी मामले में फरार चल रहे एजेंसी के निदेशक सह मैनेजर अरुण कुमार को भी मुंबई से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब उससे पूछताछ कर पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
परीक्षा में शामिल एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई
गौरतलब है कि यह परीक्षा 1279 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर के बाजार में पहुंचने के आरोप सामने आए थे। जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए उपलब्ध कराए गए थे, जिन्हें अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।
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मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ परीक्षा संचालन में शामिल एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। एसआईटी को जांच के दौरान एजेंसी की कथित मिलीभगत से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने के बाद उसके निदेशक अरुण कुमार तक पहुंचने में सफलता मिली।
इस मामले में इससे पहले भी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब परीक्षा संचालन एजेंसी के निदेशक की गिरफ्तारी के बाद जांच की दिशा और व्यापक हो गई है। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किस स्तर पर लीक हुआ, उसे किसने हासिल किया और फिर किन लोगों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।
ये भी पढ़ें- Live Jharkhand Bandh LIVE: CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान, 14वीं JPSC की PT समेत 2023-25 में हुई परीक्षाएं होंगी रद्द
पूछताछ के दौरान हो सकते हैं बड़े खुलासे
गौरतलब है कि पेपर लीक के आरोपों के बाद जेएसएससी ने तीन जुलाई 2022 को आयोजित इस परीक्षा को रद्द कर दिया था। बाद में मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। न्यायिक रिकॉर्ड में भी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने को लेकर दर्ज प्राथमिकी और जांच का उल्लेख है। अरुण कुमार की गिरफ्तारी को एसआईटी की जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। अब पूछताछ के दौरान यह खुलासा होने की उम्मीद है कि पेपर लीक के पीछे कौन-कौन लोग थे और इस पूरे खेल में अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की व्यवस्था कैसे की गई।
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पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी
सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, इसी मामले में फरार चल रहे एजेंसी के निदेशक सह मैनेजर अरुण कुमार को भी मुंबई से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब उससे पूछताछ कर पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
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परीक्षा में शामिल एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई
गौरतलब है कि यह परीक्षा 1279 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर के बाजार में पहुंचने के आरोप सामने आए थे। जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए उपलब्ध कराए गए थे, जिन्हें अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।
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मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ परीक्षा संचालन में शामिल एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। एसआईटी को जांच के दौरान एजेंसी की कथित मिलीभगत से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने के बाद उसके निदेशक अरुण कुमार तक पहुंचने में सफलता मिली।
इस मामले में इससे पहले भी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब परीक्षा संचालन एजेंसी के निदेशक की गिरफ्तारी के बाद जांच की दिशा और व्यापक हो गई है। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किस स्तर पर लीक हुआ, उसे किसने हासिल किया और फिर किन लोगों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।
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पूछताछ के दौरान हो सकते हैं बड़े खुलासे
गौरतलब है कि पेपर लीक के आरोपों के बाद जेएसएससी ने तीन जुलाई 2022 को आयोजित इस परीक्षा को रद्द कर दिया था। बाद में मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। न्यायिक रिकॉर्ड में भी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने को लेकर दर्ज प्राथमिकी और जांच का उल्लेख है। अरुण कुमार की गिरफ्तारी को एसआईटी की जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। अब पूछताछ के दौरान यह खुलासा होने की उम्मीद है कि पेपर लीक के पीछे कौन-कौन लोग थे और इस पूरे खेल में अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की व्यवस्था कैसे की गई।
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