सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Jharkhand Fuel Crisis 200 Litre Daily Diesel Limit Sparks Panic Dealers Rush to Minister

Jharkhand: डीजल की किल्लत का खतरा! अब एक दिन में मिलेगा सिर्फ 200 लीटर तेल, मंत्री के पास पहुंचे डीलर्स

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Mon, 15 Jun 2026 07:29 PM IST
विज्ञापन
सार

केंद्र सरकार के नए पेट्रोलियम नियंत्रण आदेश के खिलाफ झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने मंत्री इरफान अंसारी से मुलाकात की। डीलर्स ने 200 लीटर डीजल सीमा और पीईएसओ कंटेनर की अनिवार्यता पर चिंता जताई। मंत्री ने मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का भरोसा दिया।

Jharkhand Fuel Crisis 200 Litre Daily Diesel Limit Sparks Panic Dealers Rush to Minister
मंत्री को ज्ञापन देते पेट्रोलियम ऑनर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर केंद्र सरकार द्वारा जारी नए पेट्रोलियम नियंत्रण आदेश से उत्पन्न व्यावहारिक समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि केंद्र सरकार की 11 जून 2026 की अधिसूचना के अनुसार अब एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल ही उपलब्ध कराया जा सकेगा। साथ ही वाहनों के अतिरिक्त डीजल की आपूर्ति केवल पीईएसओ प्रमाणित कंटेनरों में ही करने का प्रावधान किया गया है।


संस्थानों को उठाना पड़ेगा अतिरिक्त आर्थिक बोझ 
डीलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मानस सिन्हा ने बताया कि इस व्यवस्था से अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, कृषि क्षेत्र, मोबाइल टावर, निर्माण कार्य, उद्योग, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठे, सिंचाई परियोजनाएं और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में पीईएसओ प्रमाणित कंटेनर आसानी से उपलब्ध नहीं हैं और उनकी कीमत भी काफी अधिक है, जिससे आम उपभोक्ताओं और विभिन्न संस्थानों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


केंद्र सरकार के आदेश का पालन राज्य सरकार की जिम्मेदारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विभागीय सचिव को तत्काल बुलाकर पूरे विषय पर चर्चा की और वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आदेश का पालन करना राज्य सरकार की संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है, लेकिन इसके कारण झारखंड में कृषि कार्यों, औद्योगिक गतिविधियों, विकास परियोजनाओं और आवश्यक सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  नशे के खिलाफ झारखंड सरकार का महाअभियान! सीएम सोरेन ने 80 से अधिक प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी


मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगें व्यावहारिक और जनहित से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही नई दिल्ली जाकर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री से मुलाकात करेंगे और झारखंड की परिस्थितियों तथा जनता की समस्याओं को विस्तार से उनके समक्ष रखेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए जनता को होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर अशोक सिंह, प्रमोद सिंह, अशोक झा,साउथ छोटानागपुर पेट्रोलियम एसोसिएशन- अध्यक्ष- राजहंस मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष- नीरज भट्टाचार्य, महासचिव- कमलेश सिंह मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed