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उत्पाद सिपाही पेपर लीक मामला: 166 आरोपी कोर्ट में पेश, पेपर लीक या ठगी का जाल? जांच में बड़ा सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 08:45 AM IST
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सार
झारखंड के तमाड़ में आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़ा कथित पेपर लीक मामला अब बड़े विवाद में बदल गया है। पुलिस ने 166 आरोपियों को रांची सिविल कोर्ट में पेश किया, जिनमें ज्यादातर अभ्यर्थी शामिल हैं।
अभियुक्तों को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड के रांची जिले के तमाड़ में आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़ा कथित पेपर लीक मामला अब बड़ा विवाद बनता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 166 आरोपियों को अदालत में पेश किया है, वहीं इस पूरे मामले में ठगी और पेपर लीक को लेकर बहस तेज हो गई है।
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166 आरोपी कोर्ट में पेश
सोमवार को पुलिस ने कुल 166 आरोपियों को रांची सिविल कोर्ट में पेश किया। इनमें 159 अभ्यर्थी, 5 सॉल्वर गैंग के सदस्य और 2 चालक शामिल हैं। सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच 25-25 के समूह में अदालत के सामने पेश कर उनके बयान दर्ज कराए गए।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता अम्लान पालिक ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
उनका कहना है कि अधिकांश छात्र साइबर ठगी के शिकार हैं। उनके अनुसार, केवल कुछ मामलों में ही प्रश्नों का आंशिक मिलान हुआ है, जबकि बड़ी संख्या में छात्रों को लालच देकर फंसाया गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह साइबर अपराधी लोगों को झांसा देकर ठगी करते हैं, उसी तरह इस गैंग ने भी छात्रों को परीक्षा पास कराने का झूठा भरोसा देकर अपने जाल में फंसाया। ऐसे में छात्रों को आरोपी बनाना सही नहीं है।
पुलिस का दावा: छात्रों ने पैसे देने की बात कबूली
दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई छात्रों ने सॉल्वर गैंग से संपर्क करने और पैसे देने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग ने शहर में कई पिकअप प्वाइंट बना रखे थे, जहां छात्रों को कथित प्रश्नपत्र दिखाए जाते थे और फिर उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया जाता था। कुछ छात्रों ने 10 से 15 लाख रुपये तक देने की बात भी मानी है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
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एसपी का बयान: पेपर लीक नहीं, ठगी का मामला
ग्रामीण एसपी पारस राणा ने साफ किया है कि यह पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि ठगी का मामला है। उन्होंने बताया कि इस पूरे रैकेट का मुख्य आरोपी अतुल वत्स है, जिसका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह कई मामलों में वांटेड भी है। फिलहाल कोर्ट ने सभी आरोपियों को रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
