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Jharkhand: 2029 तक टीबी मुक्त होगा झारखंड! मंत्री इरफान अंसारी का एलान, रिम्स-टू को लेकर कही बड़ी बात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Thu, 11 Jun 2026 05:21 PM IST
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सार

Jharkhand: रांची में आयोजित टीबी मुक्त भारत अभियान की राष्ट्रीय कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने वर्ष 2029 तक झारखंड को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य घोषित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में व्यापक स्क्रीनिंग अभियान, एआई तकनीक, पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों और 'निश्चय मित्र' कार्यक्रम के जरिए टीबी उन्मूलन को गति दी जाएगी।  

Goal set to make Jharkhand TB-free by 2029 medical tourism to get boost as well Minister Irfan Ansari
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

झारखंड सरकार ने वर्ष 2029 तक राज्य को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह घोषणा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने गुरुवार को रांची के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित टीबी मुक्त भारत अभियान पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर की।



टीबी उन्मूलन के लिए पंचायत स्तर तक चलेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग एवं नेशनल टास्क फोर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि टीबी देश और राज्य दोनों के लिए गंभीर चुनौती है। सरकार पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाकर मरीजों की पहचान कर रही है तथा उन्हें निःशुल्क दवा के साथ प्रति माह एक हजार रुपये की सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि टीबी, मलेरिया, थैलेसीमिया और कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों को सरकार ने चुनौती के रूप में लिया है।
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'निश्चय मित्र' बनेंगे जागरूकता अभियान की ताकत
डॉ. अंसारी ने कहा कि टीबी के मरीजों के प्रति सामाजिक भेदभाव समाप्त करने की जरूरत है। इसके लिए “निश्चय मित्र” कार्यक्रम के तहत टीबी से स्वस्थ हो चुके लोग गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाएंगे। आने वाले दिनों में राज्यभर में व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा तथा पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों और एआई तकनीक की मदद से रोग की शीघ्र पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
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रिम्स-2 और मेडिकल कॉलेजों से मजबूत होगा स्वास्थ्य ढांचा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। रांची में एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल होने वाले रिम्स-2 का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने, एमबीबीएस एवं पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने तथा एम्बुलेंस सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना है, ताकि लोगों को हर तरह की उन्नत चिकित्सा सुविधा झारखंड में ही उपलब्ध हो सके।

भारत में टीबी की चुनौती पर सरकार की नजर
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि विश्व के लगभग 25 प्रतिशत टीबी मरीज भारत में हैं, इसलिए इस बीमारी पर नियंत्रण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं एनएचएम निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि वर्तमान में झारखंड में लगभग 63 हजार टीबी मरीज पंजीकृत हैं, जिन्हें सरकार की ओर से पोषण सहायता प्रदान की जा रही है।

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32 राज्यों के विशेषज्ञों ने साझा किए सुझाव
कार्यशाला में देश के 32 राज्यों से आए विशेषज्ञों ने टीबी उन्मूलन की रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, शोभिनी राजन, डॉ. अशोक भारद्वाज सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित थे। मंच संचालन अणिमा किस्कू ने किया।

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