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देवघर : गोदाम से 22 हजार क्विंटल राशन गायब, पूर्व प्रबंधक पर प्राथमिकी

Thu, 29 Oct 2026 08:24 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय Updated Thu, 29 Oct 2026 08:24 PM IST
सार

झारखंड राज्य खाद्य निगम के बाजार समिति स्थित गोदाम में भौतिक सत्यापन के दौरान 22,007.37 क्विंटल खाद्यान्न कम मिला है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में अनाज उपलब्ध दिख रहा था, लेकिन जांच में 19,164.25 क्विंटल चावल और 2,843.12 क्विंटल गेहूं की कमी सामने आई।

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Jharkhand Government Warehouse 22000 Quintal Foodgrain Missing JSFC Probe
फाइल फोटो - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

झारखंड राज्य खाद्य निगम (जेएसएफसी) के बाजार समिति स्थित गोदाम से 22,000 क्विंटल से अधिक खाद्यान्न गायब होने का बड़ा मामला सामने आया है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में अनाज उपलब्ध दिख रहा था, लेकिन भौतिक सत्यापन करने पर 19,164.25 क्विंटल चावल और 2,843.12 क्विंटल गेहूं कम पाया गया। इस बड़ी विसंगति के बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीतिलता किस्कू ने 26 अक्तूबर 2026 को कुंडा थाना प्रभारी को आवेदन पत्र सौंपकर तत्कालीन सहायक गोदाम प्रबंधक कोमल कुमार पाठक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया है। इस घटना ने सरकारी खाद्यान्न वितरण व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
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परिवहन और चालान की पड़ताल
खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था के तहत एफसीआई गोदाम से जेएसएफसी गोदाम और वहां से जनवितरण प्रणाली की दुकानों तक राशन पहुंचाने के लिए गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है। जांच आवेदन के अनुसार अगस्त और सितंबर  के ट्रक चालान जमा करा दिए गए हैं, जबकि अक्तूबर महीने के पांच ट्रक चालान अभी लंबित हैं। जांच दल अब वाहनवार चालान, लोडिंग विवरण, निकासी रजिस्टर, प्राप्ति रसीद और गाड़ियों की जीपीएस लोकेशन का मिलान कर रहा है। इस पूरी पड़ताल से यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्ड में दर्ज अनाज वास्तव में कहां पहुंचा और परिवहन के नाम पर भुगतान किन दस्तावेज के आधार पर स्वीकृत किया गया।
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शिकायतों पर अनदेखी से उठे सवाल
जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों ने कई महीनों से राशन नहीं मिलने को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी और उपायुक्त को आवेदन दिए थे। इसके बाद भी समय रहते स्टॉक, आवंटन और वितरण का मिलान नहीं किया गया। जांच टीम जब निरीक्षण करने पहुंची, तब उसे स्टॉक पंजी, बिक्री पंजी और आवक रजिस्टर तक उपलब्ध नहीं कराए गए। नियमित निगरानी की इस विफलता से प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों और दुकानदारों की लगातार आ रही शिकायतों पर समय रहते कदम न उठाने से पूरी वितरण प्रणाली की साख प्रभावित हुई है।
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राज्य स्तर पर बनेगी विशेष जांच समिति
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने मामले को अत्यंत संगीन बताया है। उन्होंने कहा कि सरकारी गोदाम से गरीब जनता का अनाज गायब होना दुर्भाग्यपूर्ण है और जिले में तैनात अधिकारी इसकी समुचित निगरानी करने में विफल रहे हैं। विभागीय सचिव के जरिये इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी मांगी जा रही है। इसके बाद राज्य स्तर पर एक उच्चस्तरीय जांच टीम गठित की जाएगी। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मामले में शामिल सभी दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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