Ranchi News: लातेहार में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, एक ही दिन में तीनों पेट्रोल पंपों का तेल खत्म; बंद हुई टंकी
तेल खत्म होते ही पंप संचालकों ने सुरक्षा की दृष्टि से पंप परिसर को लाल रिबन लगाकर बंद कर दिया। अचानक उत्पन्न इस संकट से वाहन चालकों, व्यवसायियों, किसानों तथा आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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महुआडांड़ प्रखंड इन दिनों गंभीर पेट्रोल-डीजल संकट से जूझ रहा है। बुधवार को स्थिति तब और चिंताजनक हो गई, जब प्रखंड के तीनों पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल पूरी तरह खत्म हो गया। तेल समाप्त होते ही पंप संचालकों ने सुरक्षा के मद्देनजर पंप परिसरों को लाल रिबन लगाकर बंद कर दिया। अचानक उत्पन्न इस संकट से वाहन चालकों, व्यवसायियों, किसानों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, महुआडांड़ के तीनों पेट्रोल पंपों पर बुधवार को सामान्य दिनों की तुलना में असामान्य रूप से अधिक बिक्री हुई। अनुमान है कि एक ही दिन में करीब 36 हजार लीटर पेट्रोल और डीजल की खपत हो गई, जिसके चलते कुछ ही घंटों में पूरा स्टॉक समाप्त हो गया। कई पंपों पर सुबह करीब सात बजे तक तेल उपलब्ध था, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों के कारण दोपहर तक सभी पंप खाली हो गए।
बताया जा रहा है कि आसपास के कई इलाकों में पहले से ही तेल की कमी बनी हुई है। इसी कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग लगभग 70 किलोमीटर तक की दूरी तय कर महुआडांड़ पहुंच रहे थे। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर बाइक, कार, ऑटो, बस, पिकअप और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन कई वाहन चालकों को बिना तेल लिए ही लौटना पड़ा।
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इस तेल संकट का असर अब आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। यात्री वाहनों का परिचालन धीमा पड़ गया है, वहीं छोटे व्यवसायियों और किसानों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों की परेशानी सबसे अधिक बढ़ गई है, क्योंकि कई गांवों से महुआडांड़ पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और अब वहां भी तेल उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और तेल कंपनियों से जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। खासकर एंबुलेंस सेवा, यात्री परिवहन और कृषि कार्यों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग के कारण उपलब्ध स्टॉक तेजी से खत्म हो गया। उनके अनुसार, नए तेल टैंकर पहुंचने के बाद ही स्थिति सामान्य हो सकेगी। संचालकों ने यह भी बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं के कारण तेल कंपनियों से नियमित सप्लाई नहीं मिल पा रही है, जिससे क्षेत्र में बार-बार तेल संकट की स्थिति बन रही है।