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Ranchi News: आलमगीर आलम की रिहाई से झारखंड की राजनीति गरमाई, कांग्रेस और सरकार में फेरबदल की चर्चा तेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 04:21 PM IST
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सार
आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरुवार को उनकी जेल से रिहाई होने जा रही है। उनकी वापसी ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस संगठन और हेमंत सोरेन सरकार में संभावित फेरबदल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
आलमगीर आलम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
करीब दो वर्षों तक जेल में रहने के बाद झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आलमगीर आलम एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। टेंडर घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरुवार को उनकी जेल से रिहाई होने जा रही है। उनकी वापसी ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस संगठन और हेमंत सोरेन सरकार में संभावित फेरबदल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
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आलमगीर आलम को कांग्रेस का मजबूत संगठनात्मक चेहरा माना जाता है। अल्पसंख्यक समुदाय के बीच उनकी अच्छी पकड़ रही है और लंबे समय तक वे पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में शामिल रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उनकी रिहाई के बाद कांग्रेस संगठन में उन्हें फिर से बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। साथ ही हेमंत सरकार में उनकी वापसी की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है।
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गौरतलब है कि 15 मई 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आलमगीर आलम से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 30 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे। उन पर ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे। इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं और भाजपा ने इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मुद्दा बनाया था।
आलमगीर आलम के जेल जाने के बाद इरफान अंसारी को ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब उनकी रिहाई के बाद फिर से मंत्री बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पाकुड़ से विधायक उनकी पत्नी निसत आलम के इस्तीफे और उपचुनाव के जरिए आलमगीर आलम को विधानसभा भेजने की संभावनाओं पर भी राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उनकी वापसी ने झारखंड की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया