{"_id":"6a2d55c2eeb85613ec0d33d4","slug":"major-accident-during-illegal-mining-in-ramgarhs-argadda-four-youths-died-after-being-overcome-by-toxic-gas-bodies-recovered-after-hours-of-effort-by-the-rescue-team-ranchi-news-c-1-1-noi1475-4390017-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand: अवैध कोयला खनन बना मौत का कुआं, 30 फीट गहरे गड्ढे में दम घुटने से चार युवकों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jharkhand: अवैध कोयला खनन बना मौत का कुआं, 30 फीट गहरे गड्ढे में दम घुटने से चार युवकों की मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 08:24 PM IST
विज्ञापन
सार
रामगढ़ जिले के अरगड्डा क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। 30 फीट गहरे गड्ढे में उतरे चार युवक ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस की चपेट में आ गए। रेस्क्यू टीम ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में चारों को मृत घोषित कर दिया है।
शव निकालती हुई रेस्क्यू टीम
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
रांची के रामगढ़ जिले के सीसीएल अरगड्डा क्षेत्र अंतर्गत बंद पड़ी भूमिगत खदान के विपरीत काजू बगान जंगल क्षेत्र में शनिवार को अवैध कोयला खनन के दौरान एक बहुत ही गंभीर और दुखद हादसा सामने आया है। यहाँ एक अवैध रूप से खोदे गए गड्ढे के भीतर कोयला निकालने उतरे चार युवकों की दम घुटने और गैस की चपेट में आने से जान चली गई। बताया जा रहा है कि खदान के अंदर ऑक्सीजन की भारी कमी और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसों के रिसाव के कारण चारों युवक भीतर ही फंस गए। इस बड़े हादसे के बाद से पूरे सिरका और टोंगी इलाके में गहरा शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
30 फीट गहरे गड्ढे में उतरे थे चार युवक
जानकारी के अनुसार, चार युवक काजू बगान जंगल में बनाए गए एक खदाननुमा संकरे गड्ढे में उतरे थे। करीब 30 फीट गहरे इस गड्ढे के अंदर जाने के तुरंत बाद वे खदान के भीतर ही फंस गए। काफी देर तक जब वे बाहर नहीं निकले, तो बाहर खड़े अन्य सहयोगियों और आसपास के ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद तुरंत मामले की जानकारी सीसीएल के सुरक्षा अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई, जिसके बाद मौके पर बचाव कार्य शुरू किया गया।
12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम
घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल अरगड्डा के सेफ्टी ऑफिसर रमेश कुमार और एरिया क्वालिटी मैनेजर एसएन तिवारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल माइंस रेस्क्यू टीम और गिद्दी अस्पताल की मेडिकल टीम को अलर्ट किया। इसके तुरंत बाद माइंस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों के साथ घटनास्थल पर उतरी। वहीं गिद्दी अस्पताल से सागर कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय मेडिकल टीम भी एंबुलेंस के साथ मौके पर मुस्तैद रही, ताकि बाहर निकाले जाने वाले युवकों को तुरंत मेडिकल सहायता दी जा सके।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Bihar: एनडीए में सब कुछ 'ऑल इज वेल', दीपक प्रकाश को लेकर सबकुछ स्पष्ट; उपेंद्र कुशवाहा को क्या आश्वासन मिला?
चारों युवक गैस की चपेट में आए
माइंस रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने खदान के भीतर जाकर जांच की, तो हादसे की मुख्य वजह स्पष्ट हो गई। जांच के दौरान पता चला कि खदान के ऊपरी हिस्से में जहां ऑक्सीजन का स्तर करीब नौ प्रतिशत था। वहीं, 30 फीट नीचे और अंदरूनी हिस्से में यह घटकर मात्र दो प्रतिशत रह गया था। इसके साथ ही खदान के भीतर कार्बन डाइऑक्साइड समेत अन्य गैसों का भारी जमावड़ा पाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने कम ऑक्सीजन वाले माहौल में व्यक्ति कुछ ही मिनटों में बेहोश हो जाता है और यही कारण रहा कि चारों युवक गैस की चपेट में आ गए।
एक-एक करके बाहर निकाले युवक
रेस्क्यू टीम ने खदान के अंदर कई घंटों तक बेहद कठिन और सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। भारी मशक्कत के बाद चारों युवकों को एक-एक कर बाहर निकाला गया, जिनकी पहचान सिरका बुधबाजार निवासी किशोर व आशीष तथा टोंगी निवासी देवा व डब्लू के रूप में की गई है। बाहर निकालते ही वहां मौजूद चिकित्सा टीम ने उनकी स्थिति की जांच की। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बेहतर इलाज की उम्मीद में सभी को रांची रोड स्थित होप अस्पताल ले गए, लेकिन वहां जांच के उपरांत चिकित्सकों ने चारों को आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया है।
30 फीट गहरे गड्ढे में उतरे थे चार युवक
जानकारी के अनुसार, चार युवक काजू बगान जंगल में बनाए गए एक खदाननुमा संकरे गड्ढे में उतरे थे। करीब 30 फीट गहरे इस गड्ढे के अंदर जाने के तुरंत बाद वे खदान के भीतर ही फंस गए। काफी देर तक जब वे बाहर नहीं निकले, तो बाहर खड़े अन्य सहयोगियों और आसपास के ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद तुरंत मामले की जानकारी सीसीएल के सुरक्षा अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई, जिसके बाद मौके पर बचाव कार्य शुरू किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम
घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल अरगड्डा के सेफ्टी ऑफिसर रमेश कुमार और एरिया क्वालिटी मैनेजर एसएन तिवारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल माइंस रेस्क्यू टीम और गिद्दी अस्पताल की मेडिकल टीम को अलर्ट किया। इसके तुरंत बाद माइंस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम आधुनिक उपकरणों के साथ घटनास्थल पर उतरी। वहीं गिद्दी अस्पताल से सागर कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय मेडिकल टीम भी एंबुलेंस के साथ मौके पर मुस्तैद रही, ताकि बाहर निकाले जाने वाले युवकों को तुरंत मेडिकल सहायता दी जा सके।
ये भी पढ़ें- Bihar: एनडीए में सब कुछ 'ऑल इज वेल', दीपक प्रकाश को लेकर सबकुछ स्पष्ट; उपेंद्र कुशवाहा को क्या आश्वासन मिला?
चारों युवक गैस की चपेट में आए
माइंस रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने खदान के भीतर जाकर जांच की, तो हादसे की मुख्य वजह स्पष्ट हो गई। जांच के दौरान पता चला कि खदान के ऊपरी हिस्से में जहां ऑक्सीजन का स्तर करीब नौ प्रतिशत था। वहीं, 30 फीट नीचे और अंदरूनी हिस्से में यह घटकर मात्र दो प्रतिशत रह गया था। इसके साथ ही खदान के भीतर कार्बन डाइऑक्साइड समेत अन्य गैसों का भारी जमावड़ा पाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने कम ऑक्सीजन वाले माहौल में व्यक्ति कुछ ही मिनटों में बेहोश हो जाता है और यही कारण रहा कि चारों युवक गैस की चपेट में आ गए।
एक-एक करके बाहर निकाले युवक
रेस्क्यू टीम ने खदान के अंदर कई घंटों तक बेहद कठिन और सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। भारी मशक्कत के बाद चारों युवकों को एक-एक कर बाहर निकाला गया, जिनकी पहचान सिरका बुधबाजार निवासी किशोर व आशीष तथा टोंगी निवासी देवा व डब्लू के रूप में की गई है। बाहर निकालते ही वहां मौजूद चिकित्सा टीम ने उनकी स्थिति की जांच की। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बेहतर इलाज की उम्मीद में सभी को रांची रोड स्थित होप अस्पताल ले गए, लेकिन वहां जांच के उपरांत चिकित्सकों ने चारों को आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया है।