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Jharkhand: बंद टैंक में महुआ निकालने उतरी महिला, घुटने लगा दम, बचाने गए देवर और भतीजे ने भी गंवाई जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 02:28 PM IST
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सार
हजारीबाग के कटकमदाग क्षेत्र में महुआ शराब बनाने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सदस्य गंभीर है। बंद टैंक में सड़े महुआ से गैस बनने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
शोक में डूबे परिजन
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
झारखंड के हजारीबाग जिले में अवैध महुआ शराब निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कटकमदाग थाना क्षेत्र के कूद बस्ती में जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य सदस्य गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय बड़की देवी, उनके देवर 45 वर्षीय महेंद्र साव और 25 वर्षीय रवि कुमार के रूप में हुई है। वहीं बड़की देवी के पति 55 वर्षीय आनंद साव की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।
सेप्टिक टैंक में तैयार हो रही थी शराब
स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार लंबे समय से महुआ शराब बनाने के काम से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि हाल ही में शराब निर्माण के लिए एक नया सेप्टिक टैंक तैयार कराया गया था, जिसमें महुआ को सड़ाने के लिए रखा गया था। मंगलवार रात बड़की देवी टैंक के भीतर सड़ा हुआ महुआ निकालने उतरी थीं, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आईं। जब बड़की देवी बाहर नहीं निकलीं तो उन्हें देखने उनके देवर महेंद्र साव टैंक में उतरे, लेकिन वह भी बेहोश हो गए। इसके बाद रवि कुमार दोनों को बचाने नीचे गया, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। आखिर में आनंद साव टैंक में उतरे और वह भी बेहोश होकर गिर पड़े। काफी देर तक कोई बाहर नहीं निकला तो परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने किसी तरह चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। गंभीर हालत में आनंद साव को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ये भी पढ़ें- Bihar News: गंगा किनारे खेत में सो रहे दो किसानों पर गिरी आकाशीय बिजली, मौके पर मौत; गांव में पसरा मातम
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महुआ सड़ने से बनी जहरीली गैस
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बंद टैंक में महुआ सड़ने से जहरीली गैस बन गई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे बंद स्थानों में मिथेन और अन्य जहरीली गैसें तेजी से फैलती हैं, जो कुछ ही सेकेंड में जानलेवा साबित हो सकती हैं। घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही अवैध शराब निर्माण के नेटवर्क और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरे कूद बस्ती गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण परिवार महुआ शराब के कारोबार से जुड़ा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह काम इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।
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सेप्टिक टैंक में तैयार हो रही थी शराब
स्थानीय लोगों के अनुसार, परिवार लंबे समय से महुआ शराब बनाने के काम से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि हाल ही में शराब निर्माण के लिए एक नया सेप्टिक टैंक तैयार कराया गया था, जिसमें महुआ को सड़ाने के लिए रखा गया था। मंगलवार रात बड़की देवी टैंक के भीतर सड़ा हुआ महुआ निकालने उतरी थीं, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आईं। जब बड़की देवी बाहर नहीं निकलीं तो उन्हें देखने उनके देवर महेंद्र साव टैंक में उतरे, लेकिन वह भी बेहोश हो गए। इसके बाद रवि कुमार दोनों को बचाने नीचे गया, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया। आखिर में आनंद साव टैंक में उतरे और वह भी बेहोश होकर गिर पड़े। काफी देर तक कोई बाहर नहीं निकला तो परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने किसी तरह चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। गंभीर हालत में आनंद साव को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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महुआ सड़ने से बनी जहरीली गैस
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बंद टैंक में महुआ सड़ने से जहरीली गैस बन गई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे बंद स्थानों में मिथेन और अन्य जहरीली गैसें तेजी से फैलती हैं, जो कुछ ही सेकेंड में जानलेवा साबित हो सकती हैं। घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही अवैध शराब निर्माण के नेटवर्क और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरे कूद बस्ती गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण परिवार महुआ शराब के कारोबार से जुड़ा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह काम इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।