IAF Agniveer Vayu: आयु सीमा में छूट के बाद आज दोबारा खुल रही अग्निवीर वायु की पंजीकरण विंडो, 10 मार्च तक मौका
Agniveer Vayu 2026: भारतीय वायुसेना अग्निवीर वायु भर्ती के लिए पंजीकरण विंडो आज दोबारा खुल रही है। आयु सीमा में छूट के बाद आवेदन करने का एक और अवसर देते हुए वायुसेना ने आवेदन विंडो 3 से 10 मार्च 2026 तक फिर से खोली है। पात्र अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं।
विस्तार
IAF Agniveer Vayu Registration: भारतीय वायुसेना आज अग्निवीर वायु भर्ती की पंजीकरण विंडो फिर से खोल रही है। वायु सेना ने आयु सीमा में छूट के बाद पंजीकरण प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। अब 17.5 वर्ष से 22 वर्ष तक की आयु के अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। पहले यह सीमा 17.5 से 21 वर्ष निर्धारित थी।
वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि आवेदन विंडो 3 मार्च 2026 से 10 मार्च 2026 तक खुली रहेगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट iafrecruitment.edcil.co.in/agniveervayu पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 8 फरवरी 2026 थी।
संशोधित आयु सीमा
- नई व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थी की जन्मतिथि 1 जनवरी 2005 से 1 जुलाई 2009 (दोनों तिथियां सम्मिलित) के बीच होनी चाहिए।
- पहले अधिकतम आयु 21 वर्ष थी, जिसके तहत जन्मतिथि 1 जनवरी 2006 से 1 जुलाई 2009 के बीच निर्धारित थी। नामांकन के समय आयु 21 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती थी।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इस निर्णय से अधिक संख्या में युवाओं को योजना से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
शैक्षणिक योग्यता
- विज्ञान वर्ग: 10+2 में गणित, भौतिकी और अंग्रेजी विषयों के साथ न्यूनतम 50% कुल अंक तथा अंग्रेजी में भी 50% अंक अनिवार्य हैं। मान्यता प्राप्त संस्थान से इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक भी पात्र हैं।
- अन्य विषय: किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं परीक्षा न्यूनतम 50% कुल अंकों तथा अंग्रेजी में 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
आवेदन शुल्क
सभी वर्गों के लिए शुल्क 550 रुपये + 18% जीएसटी निर्धारित है। भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।
चयन प्रक्रिया
भर्ती तीन चरणों में पूरी होगी:
- चरण-I: कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा, जिसमें प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी।
- चरण-II: शारीरिक दक्षता परीक्षण। पुरुष अभ्यर्थियों को 1.6 किमी दौड़ 7 मिनट में और महिलाओं को 8 मिनट में पूरी करनी होगी। साथ ही पुश-अप्स, सिट-अप्स और स्क्वाट्स भी शामिल हैं।
- चरण-III: वायुसेना मानकों के अनुसार मेडिकल परीक्षण।
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