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मोदी सरकार की बड़ी योजना, अगर नहीं कर रहे हैं नौकरी तब भी मिलेगी सैलरी

Thu, 27 Dec 2018 04:58 PM IST
Garima Garg जॉब डेस्क, अमर उजाला
जॉब डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Thu, 27 Dec 2018 04:58 PM IST
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Sarkari naukri: modi government will discuss about new plan know more details
चल रहे दौर में बेरोजगारी की मार ज्यादा हो रही हैं। सरकार लोगों को अपनी तरफ प्रभावित करने के लिए नई-नई योजनाएं बना रही हैं। ऐसी ही एक योजना के बारे में हम भी बता रहे हैं। इस योजना से संबंधित अगली स्लाइड देखें-
Sarkari naukri: modi government will discuss about new plan know more details
हम बात यूनिवर्सल बेसिक इनकम की कर रहे हैं। इसके अंतर्गत जितने भी बेरोजगार हैं उनके बैंक के खाते में एक तय राशि जमा की जाती है, जिससे की आप अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा कर सकें। आपको बता दें कि इस योजना पर पिछले दो सालों से काम चल रहा है। अच्छी बात ये है कि कम से कम 20 करोड़ लोग इसका लाभ उठा सकते हैं। 

 
Sarkari naukri: modi government will discuss about new plan know more details
आपको बता दें कि आने वाले बजट में इस योजना को सरकार लोगों के सामने ला सकती हैं। अभी इसे लेकर कोई खास जानकारी के बारे में नहीं पता चला है। किसको इस योजना का लाभ देना है और किसको नहीं अभी इस पर विचार चल रहा है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस योजना को इलेक्शन से पहले लागू कर दें। इस योजना को देश के कई देशों में चलाया जा रहा है। 

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27 दिसंबर को होगी बैठक 

इस प्लान को हरी झंडी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता मे होने वाली एक बैठक में इस पर चर्चा होगी। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इस बैठक से पहले सभी मंत्रालयों से यूनिवर्सल बेसिक इनकम के बारे में सुझाव मांगे गए हैं। सुझावों पर गौर करने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली अंतरिम बजट में इसकी घोषणा कर सकते हैं। 
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क्या है यूबीआई

संसद में वर्ष 2017-17 के लिए पेश आर्थिक सर्वेक्षण में इसका जिक्र किया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया था कि यूबीआई एक बेहद शक्तिशाली विचार है और यदि यह समय इसे लागू करने के लिए परिपक्व नहीं है तो इस पर गंभीर चर्चा तो हो ही सकती है।

इसमें कहा गया है कि सिर्फ केन्द्र सरकार की ही करीब 950 योजनाएं चलती हैं जिस पर सकल घरेलू उत्पाद की करीब पांच फीसदी राशि खर्च होती है। इसके अलावा मध्यम वर्ग को खाद्य, रसोई गैस और उर्वरक पर सकल घरेलू उत्पाद की तीन फीसदी राशि खर्च होती है। यह राशि लक्ष्य समूह तक पहुंच सके, इसमें यूबीआई सहायक हो सकता है।
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