कोरोना वायरस के मामले दुनियाभर में बढ़ते जा रहे हैं। इस वायरस से दो करोड़ 40 लाख के करीब लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, इसकी वजह से अब तक आठ लाख 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस महामारी को खत्म करने के लिए वैक्सीन बनाने के काम में जुटे हुए हैं। इस बीच जापान के शोधकर्ताओं ने एक हैरान करने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि ओजोन गैस की मदद से इस वायरस को खत्म किया जा सकता है। इस तरीके से अस्पतालों को भी सुरक्षित बनाया जा सकता है, जहां इस वायरस के फैलने का खतरा सबसे ज्यादा है। आइए जानते हैं इस शोध के बारे में कि यह कैसे कोरोना वायरस को खत्म करने में सक्षम है...
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Coronavirus Study: मिल गई कोरोना वायरस को खत्म करने वाली गैस, वैज्ञानिकों ने किया दावा
Thu, 27 Aug 2020 05:17 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Thu, 27 Aug 2020 05:17 PM IST
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coronavirus ozone gas
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- समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह शोध जापान की फुजिता हेल्थ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया है। उनका कहना है कि यह साबित हो चुका है कि कम घनत्व वाली ओजोन गैस (0.05 से 0.1 पीपीएम) से वायरस को नष्ट किया जा सकता है।
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- शोधकर्ताओं के मुताबिक, प्रयोग के दौरान पाया गया कि कम घनत्व वाली ओजोन गैस के अधीन आने पर कोरोना वायरस की शक्ति 90 फीसदी से अधिक घट गई। इसके लिए वैज्ञानिकों ने ओजोन जनरेटर का इस्तेमाल किया था।
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क्या है ओजोन गैस?
- ओजोन ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बनने वाली एक गैस है, जो वायुमंडल में बहुत कम मात्रा (0.02 फीसदी) में पाई जाती है। यह तीखे गंध वाली अत्यंत विषैली गैस है। यह वायुमंडल की ऊपरी परत ओजोन परत के रूप में सूर्य के पराबैंगनी विकिरण से पृथ्वी पर जीवन को बचाती है।
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क्या इंसानों के लिए सुरक्षित है यह गैस?
- वैसे तो ओजोन गैस इंसानों के लिए बहुत नुकसानदेह होती है, लेकिन इसकी सबसे खास और अच्छी बात ये है कि ओजोन गैस की निम्न स्तर की मात्रा इंसानों के लिए सुरक्षित है। फुजिता हेल्थ यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता ताकायुकी मुराता ने बताया कि इस वायरस के प्रसार को ओजोन गैसे के इस्तेमाल से कम किया जा सकता है।