दुनिया में कई तरह की गंभीर बीमारियां हैं, जिनसे दुनिया सालों से जूझ रही है। इनमें लिवर सिरोसिस भी शामिल है। यह लिवर कैंसर के बाद सबसे गंभीर बीमारी है। इसमें लिवर में धीरे-धीरे खराबी आने लगती है और उसका सामान्य रूप से कार्य कर पाना मुश्किल हो जाता है। इस बीमारी में लिवर कोशिकाएं बड़े पैमाने पर नष्ट हो जाती हैं और उनकी जगह पर फाइबर तंतुओं का निर्माण हो जाता है। साथ ही लिवर की बनावट भी असामान्य हो जाती है, जिससे उच्च रक्तचाप की स्थिति बन जाती है। इसका इलाज सिर्फ एक ही है कि इससे गंभीर रूप से पीड़ित मरीज को लीवर प्रत्यारोपण कराना पड़ेगा। आइए जानते हैं इस गंभीर बीमारी के लक्षण क्या-क्या हैं और इससे कैसे बचाव कर सकते हैं।
बेहद खतरनाक बीमारी है लिवर सिरोसिस, लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जानें इसके उपाय
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लिवर सिरोसिस के लक्षण
यह बीमारी होने पर व्यक्ति खुद को बीमार महसूस करने लगता है। वैसे तो शुरुआती चरण में इसके कोई खास लक्षण नहीं दिखाई देते, लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती जाती है, उसके लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। इसके लक्षण इस प्रकार हैं-
- भूख कम लगना और थकान महसूस होना
- बुखार होना
- वजन में कमी या फिर अचानक वजन का बढ़ जाना
- शरीर पर लाल-लाल चकते आना
- त्वचा व आंखों का रंग पीला होना
- त्वचा में खुजलाहट
- सूजन होना (पैर और पेट में भी)
- मूत्र का रंग भूरा या संतरा होना
- मल में रक्त आना
लिवर सिरोसिस के कारण
- अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन करन से
- हेपेटाइटिस बी और सी के संक्रमण से
- लिवर में वसा के एकत्रित होने से
लिवर सिरोसिस की पहचान कैसे होती है?
- लिवर रोग के विशेषज्ञ व्यक्ति में इस बीमारी को बड़ी आसानी से पहचान लेते हैं। इसके लिए उन्हें कुछ शारीरिक जांच या खून जांच कराने की जरूरत होती है। एक विशेष जांच फाइब्रोस्कैन से आसानी से इस बीमारी को पहचाना जा सकता है।
लिवर सिरोसिस का इलाज कैसे किया जाता है?
- वैसे तो लिवर सिरोसिस के लिए कोई शर्तिया इलाज नहीं है, लेकिन दवाओं से इसके बढ़ने की प्रक्रिया को रोका जा सकता है। दवाओं के जरिए लिवर की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता है और इस बीमारी से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है।