लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, हालांकि लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी ने इस अंग को बहुत नुकसान पहुंचाया है। कम उम्र में ही लोग लिवर में फैट की जमा होने (फैटी लिवर) का शिकार हो रहे हैं, जिसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य स्थितियों के कारण भी लिवर डैमेज होने का जोखिम बढ़ जाता है, जो जानलेवा भी हो सकती है।
Liver Damage: लिवर डैमेज के इन शुरुआती संकेतों को अक्सर कर दिया जाता है इग्नोर, आप भी तो नहीं करते ये गलती?
लिवर डैमेज का खतरा
लिवर डैमेज कई कारणों से हो सकता है। शराब का अधिक सेवन हो या वायरल हेपेटाइटिस, फैटी लिवर की लंबे समय तक बनी रहने वाली समस्या हो या दर्द वाली दवाओं का बहुत ज्यादा सेवन करना ये सभी आपके लिवर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लिवर डैमेज होने के शुरुआती संकेतों पर लोगों का तब तक ध्यान नहीं जाता जब तक कि यह गंभीर चरणों तक न पहुंच जाए। लिवर की क्षति के शुरुआती और साइलेंट लक्षणों को अगर जल्दी पहचान कर ली जाए तो ये आपको गंभीर जटिलताओं से बचाने में मदद कर सकता है।
लिवर में सूजन और पेट की समस्या
लिवर डैमेज के लक्षण व्यक्ति के स्वास्थ्य की स्थिति और लिवर के क्षति के स्तर पर निर्भर करते हैं। कई लक्षण शुरुआत में इतने हल्के होते हैं कि अक्सर इनपर लोगों का ध्यान ही नहीं जाता है।
लिवर में सूजन बने रहना इस अंग को बहुत नुकसान पहुंचाता है। अगर इसपर ध्यान न दिया जाए तो इससे लिवर डैमेज का खतरा हो सकता है। यही वजह है कि अगर आपके पेट में अक्सर दर्द रहता है, खाना ठीक से नहीं पचता, कब्ज बनी रहती है तो इस तरह के संकेतों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए, ये लिवर में सूजन का संकेत हो सकता है।
अक्सर थकान और कमजोरी होना
थकान होना सामान्य है, लेकिन जब यह निरंतर बढ़ने लगे तो इसे इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए। ये भी लिवर की समस्याओं या इसके डैमेज का संकेत हो सकता है। आपको अक्सर नींद जैसा लग सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि लिवर की समस्याओं के कारण शरीर में मेलाटोनिन और ग्लूकोज हार्मोन में दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। इन बदलावों के कारण थकान होना या ठीक से सो न पाना आम है।
अध्ययनों से क्या पता चलता है?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज के अनुसार, अधिकांश लोग लिवर डैमेज के शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करते हैं, क्योंकि ये बहुत हल्के होते हैं जो किसी अन्य सामान्य बीमारी से मिलते-जुलते भी हो सकते हैं। लिवर की क्षति केवल उसके गंभीर रूप में ही पहचान में आती है, जबकि पहले से लिवर डैमेज हो चुका होता है। यही कारण है कि आपको नियमित रूप से बॉडी चेकअप कराते रहना चाहिए।
यदि आपको लिवर डैमेज के लक्षण जैसे थकान, पेट में दर्द, अंगों में पीलापन, उल्टी या भूख में कमी महसूस हो तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। प्रारंभिक पहचान और उपचार से लिवर डैमेज के प्रभाव को नियंत्रित किया जा सकता है और गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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