{"_id":"6964ec349fd1b4c228002464","slug":"lohri-2026-song-sunder-mundriye-song-lyrics-in-hindi-lohri-punjabi-folk-songs-2026-01-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Lohri Folk Song: ‘सुंदर मुंदरिये’ गीत के बोल और अर्थ, लोहड़ी पर मिलकर गाएं ये पंजाबी लोकगीत","category":{"title":"Lifestyle","title_hn":"लाइफ स्टाइल","slug":"lifestyle"}}
Lohri Folk Song: ‘सुंदर मुंदरिये’ गीत के बोल और अर्थ, लोहड़ी पर मिलकर गाएं ये पंजाबी लोकगीत
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Tue, 13 Jan 2026 07:00 AM IST
विज्ञापन
सार
Lohri Punjabi Folk Songs: आज भले ही डीजे और स्पीकर आ गए हों, लेकिन ‘सुंदर मुंदरिये’ आज भी हर लोहड़ी की शुरुआत है। यह गीत बताता है कि तकनीक बदल सकती है, पर जड़ें नहीं। जो समाज अपने लोकगीत भूल जाता है, वह अपनी पहचान भी खो देता है।
लोहड़ी के लोकगीत के बोल
- फोटो : Adobe stock
विज्ञापन
विस्तार
Lohri Punjabi Folk Songs: उत्तर भारत की सर्द रातों में से एक रात लोहड़ी का पर्व मनाया जाता है, जिसमें अलाव जलाया जाता है। ढोल की थाप पर बच्चे-बूढ़े एक सुर में लोक गीत गाते हुए उस अलाव के इर्द-गिर्द घूमते हैं और गिद्दा करते हैं। यह जश्न का पर्व होता है जो सर्दी में गर्माहट का अहसास कराता है। लोहड़ी पर गाए जाने वाले लोकगीत कृषक, खेती, फसल, बेटियां और समाज को दर्शाते हैं। लोहड़ी के सबसे लोकप्रिय लोकगीतों में से एक है, “सुंदर मुंदरिये हो…”
Trending Videos
यह गीत सिर्फ गाया नहीं जाता, इसे जिया जाता है। इसकी हर पंक्ति में इतिहास छुपा है, हर ताली में परंपरा नजर आती है। लोहड़ी का सबसे प्रसिद्ध पंजाबी लोकगीत ‘सुंदर मुंदरिये’ वीर दुल्ला भट्टी की गाथा कहता है, एक ऐसा लोकनायक जिसने मुग़ल काल में गरीबों और बेटियों की रक्षा की। यह गीत सम्मान, साहस और सामाजिक न्याय का प्रतीक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लोहड़ी की रात बच्चे यह पंजाबी लोकगीत गाते हैं, इसके बदले में उन्हें रेवड़ी, तिल, मूंगफली और मिठाइयां दी जाती हैं। आइए जानते हैं सुंदर मुंदरिये हो के बोल और इसका अर्थ।
‘सुंदर मुंदरिये’ लोहड़ी गीत के लिरिक्स
सुंदर मुंदरिये हो!
तेरा कौन विचारा हो!
दुल्ला भट्टी वाला हो!
दुल्ले दी धी ब्याही हो!
सेर शक्कर पाई हो!
कुड़ी दा साल वेआहा हो!
साडे घर आओ हो!
कोठे चढ़ाओ हो!
हो! हो! हो!
गीत का अर्थ
यह गीत लय और समूह गायन के साथ गाया जाता है, हर “हो” के साथ अलाव के चारों ओर परिक्रमा की जाती है। इस गीत के अर्थ में छिपे संदेश को समझें। ‘सुंदर मुंदरिये’ में बेटी के विवाह, समाज की जिम्मेदारी और नायकत्व की भावना छुपी है। यह गीत याद दिलाता है कि,
- बेटियां बोझ नहीं, उत्सव हैं।
- समाज की रक्षा सत्ता नहीं, साहस करता है।
- लोकनायक इतिहास की किताबों में नहीं, लोकगीतों में अमर होते हैं।