Hariyali Teej 2025: दिल्ली-एनसीआर के 5 शिव मंदिर, जहां हरियाली तीज पर दर्शन से पूरी होती है मनोकामना
Hariyali Teej 2025 Temples In Delhi: इस वर्ष हरियाली तीज 27 जुलाई 2025 को मनाई जा रही है। अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं तो हरियाली तीज पर इन पांच पौराणिक शिव मंदिरों में दर्शन अवश्य करें।
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Hariyali Teej 2025 Temples In Delhi: हरियाली तीज का पर्व विशेष रूप से महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिन माता पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन का प्रतीक है। सुहागिन महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। इस पावन अवसर पर भगवान शिव के दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायी होता है। मान्यता है कि हरियाली तीज पर शिव मंदिर में दर्शन से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति, प्रेम और सामंजस्य बना रहता है। साथ ही इन मंदिरों में समय बिताने से मानसिक तनाव से राहत मिलती है और पारिवारिक समृद्धि व मोक्ष और पुण्य की प्राप्ति हो सकती है। इस वर्ष हरियाली तीज 27 जुलाई 2025 को मनाई जा रही है। अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं तो हरियाली तीज पर इन पांच पौराणिक शिव मंदिरों में दर्शन अवश्य करें।
गुफा वाले शिव मंदिर, चाणक्यपुरी
दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थित गुफा वाला शिव मंदिर मन की शांति का रहस्यमयी ठिकाना है। हरियाली तीज पर भीड़भाड़ से दूर शिव जी के दर्शनों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है। यह मंदिर एक गुफा में बना हुआ है और यहां का शांत वातावरण ध्यान और मनोकामना पूर्ति के लिए आदर्श है।
नीलकंठ महादेव मंदिर, जनकपुरी
जनकपुरी के मीनाक्षी गार्डन में स्थित यह मंदिर हरियाली तीज पर विशेष श्रृंगार और जलाभिषेक के लिए प्रसिद्ध है। महिलाएं यहां पार्वती जी का आशीर्वाद लेने विशेष रूप से पहुंचती हैं।
प्राचीन शिव मंदिर, कालकाजी
कालकाजी के प्राचीन शिव मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। मंदिर का ऐतिहासिक महत्व इसे खास बनाता है। मान्यता है कि यहां शिवलिंग की पूजा करने से रोग और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। तीज पर यहां रुद्राभिषेक का आयोजन होता है।
उग्रसेन की बावली शिव मंदिर, कनॉट प्लेस
दिल्ली के कनॉट प्लेस के पास स्थित उग्रसेन की बावली शिव मंदिर ऐतिहासिक बावली के पास है। यहां की शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा हरियाली तीज के दिन ध्यान और साधना के लिए उपयुक्त है।
बाबा बड़ेश्वर महादेव मंदिर, बवाना
बवाना में हरियाली तीज पर भव्य मेले का आयोजन होता है। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजकर मंदिर में रुद्राभिषेक और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।