Parliament LIVE: लोकसभा में संविधान संशोधन पर चर्चा, विपक्ष खिलाफ; राज्यसभा उपसभापति पद पर हरिवंश का नामांकन
Parliament LIVE News Updates: संसद में आज महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों के प्रावधानों पर चर्चा शुरू हुई। संविधान में संशोधन की तैयारी के लिए बुलाए गए तीन दिवसीय विशेष सत्र से पहले पीएम मोदी ने कहा कि देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। दूसरी तरफ तमिलनाडु में सीएम एमके स्टालिन ने विधेयक की प्रति जलाकर विरोध दर्ज कराया। लोकसभा में आज से 18 घंटे की चर्चा शुरू होगी। इन बदलावों के बाद देश की संसद में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का रास्ता साफ हो जाएगा। राज्यसभा में उपसभापति पद के लिए मनोनीत सदस्य हरिवंश ने नामांकन दाखिल किया। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़िए संसद के विशेष सत्र से जुड़े तमाम अपडेट्स
लाइव अपडेट
उद्धव ठाकरे बोले-तुरंत लागू हो महिला आरक्षण, परिसीमन प्रक्रिया पर लगे रोक
शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार से 2023 के महिला आरक्षण अधिनियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने के लिए जनगणना या परिसीमन का इंतजार करना केवल देरी करने की रणनीति है। उन्होंने मांग की है कि इसे आगामी चुनावों से ही प्रभावी बनाया जाए, जिससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी का सपना कागजों से निकलकर हकीकत बन सके।ठाकरे ने कहा है कि देश में परिसीमन की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व का विषय है, जिस पर बिना व्यापक चर्चा और आम सहमति के आगे बढ़ना जल्दबाजी होगी। उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान स्वरूप में परिसीमन लागू करने से राज्यों के बीच क्षेत्रीय असंतुलन पैदा हो सकता है, जिससे कई राज्यों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित होने का खतरा है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि परिसीमन किसी एक पार्टी के राजनीतिक भविष्य का विषय नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर देश के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे केवल सीटों की संख्या बढ़ाने के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, परिसीमन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जनसंख्या नियंत्रण करने वाले प्रगतिशील राज्यों के अधिकारों का हनन न हो और संघीय ढांचा सुरक्षित रहे।
पीएम मोदी के बाद अरविंद सावंत ने भी चर्चा में भाग लिया
पीएम मोदी के बाद वक्तव्य के बाद शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने भी चर्चा में भाग लिया।लोकसभा में बिल पर चर्चा में पीएम मोदी ने भी भाग लिया
संसद के विशेष सत्र के दौरान आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'महिला आरक्षण विधेयक' यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम और संविधान के अन्य संशोधनों पर चर्चा में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम खुशकिस्मत हैं कि हम इस पल के साक्षी बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा यकीन है कि इस मंथन से अमृत निकलेगा और यह मंथन देश की दिशा और दशा तय करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के लिए महत्वपूर्ण दिन है। यह 20-25 वर्ष पहले हो जाना चाहिए था, समय-समय पर इसमें सुधार होते रहते। सदन के सभी साथियों को यह अवसर मिला है।
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अखिलेश यादव केंद्र सरकार पर जमकर बरसे
संसद में परिसीमन विधेयक को लेकर जारी बहस के बीच समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के पूरी तरह समर्थन में है और डॉ. राम मनोहर लोहिया हमेशा जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस के पक्षधर रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी भी उसी विचारधारा के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं के मुद्दे को सिर्फ नारे के रूप में इस्तेमाल कर रही है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी अपने संगठन में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देती, वह महिलाओं के सम्मान की बात कैसे कर सकती है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों से भाजपा सत्ता में है, लेकिन इसके बावजूद भारत जेंडर इक्वालिटी के मामलों में पीछे है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि भाजपा शासित कई राज्यों में महिला मुख्यमंत्री क्यों नहीं हैं।
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राज्यसभा में उपसभापति पद: मनोनीत सदस्य हरिवंश ने नामांकन दाखिल किया
राज्यसभा में उपसभापति पद के लिए आज सदन के वरिष्ठ सदस्य हरिवंश ने नामांकन दाखिल किया। बता दें कि हरिवंश जदयू की तरफ से निर्वाचित राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। इस वर्ष वे मनोनीत होने के बाद राज्यसभा सदस्य बने हैं।भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने पूर्ववर्ती सरकारों को आड़े हाथ लिया
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी चर्चा में भाग लिया। उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में हो रहे बदलावों को अभूतपूर्व बताते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों को आड़े हाथ लिया। सूर्या ने संविधान में संसोधन को समय की मांग बताते हुए कहा कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 40 साल से देश आज जैसे अवसर का इंतजार कर रहा था।उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में बदलाव होगा और इससे किसी राज्य का नुकसान नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 तक हो सकती हैं।
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि दक्षिण भारत में इस मुद्दे को लेकर गलत जानकारी और भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विषय पर अराजक माहौल बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन कोई “बैकडोर प्रक्रिया” नहीं है, बल्कि यह संविधान के नियमों के अनुसार ही किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा सीटों को स्थिर (फ्रीज) रखा गया और उसी आधार पर महिला आरक्षण लागू किया गया, तो इससे वोटों के वास्तविक महत्व पर असर पड़ेगा और प्रतिनिधित्व असंतुलित हो सकता है।
गौरव गोगोई ने सरकार पर साधा निशाना
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार महिला आरक्षण के रास्ते में रुकावटें पैदा कर रही है। अगर 2023 में विपक्ष की बात मानी जाती, तो 2024 में ही महिला आरक्षण लागू हो सकता था। गौरव गोगोई ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने मांग की कि इसे अलग रखा जाए, तभी उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक वास्तव में महिला आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि “पीछे के रास्ते से परिसीमन लागू करने का तरीका है। संसद में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है।
राज्यसभा के नामित सांसद हरिवंश ने उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया
राज्यसभा के नामित सांसद हरिवंश ने उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उन्होंने राज्यसभा सचिवालय में जाकर यह नामांकन जमा किया। अब इस पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कानून मंत्री बोले- देश के सामने ऐतिहासिक अवसर
लोकसभा में तीन विधेयकों पर चर्चा के दौरान कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पास हो चुका है और इसे 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा। मेघवाल ने कहा कि लोकसभा सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, जिससे कुल सीटें करीब 815 तक पहुंच सकती हैं। इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो कुल सीटों का एक-तिहाई हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बदलाव से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा और सभी राज्यों की वर्तमान ताकत (सीटों की संख्या) बरकरार रहेगी।
चर्चा पूरी होने के बाद कल शाम चार बजे विधेयक पारित कराने के लिए मतविभाजन होगा
लोकसभा में तीन अहम विधेयकों पर चर्चा और मतदान का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इन विधेयकों पर करीब 12 घंटे चर्चा होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर स्पीकर चर्चा का समय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन पर मतदान कल किया जाएगा। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि इन तीनों विधेयकों पर 15 से 18 घंटे तक चर्चा होगी और मतदान कल शाम 4 बजे कराया जाएगा। अब इन विधेयकों पर लंबी बहस के बाद संसद में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
