सब्सक्राइब करें

Live

MP Assembly Session: स्वास्थ्य अनुदान मांगों पर सदन में तीखी चर्चा, शेखावत बोले- भवन नहीं, व्यवस्था सुधारिए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: प्रिया वर्मा Updated Thu, 26 Feb 2026 01:54 PM IST
विज्ञापन
खास बातें

MP Vidhan Sabha Session 2026 Live Updates News in Hindi: आज सत्र के दौरान सदन में स्कूलों की अव्यवस्था, बिजली कार्यों में अनियमितता और विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी चर्चा जारी है।

MP Assembly Session 2026 Live Government to Face Backlash Over School Mismanagement and Power Irregularities
मध्य प्रदेश विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
Trending Videos

लाइव अपडेट

02:38 PM, 26-Feb-2026

शिवपुरी में अस्पताल हैं, लेकिन हार्ट का डॉक्टर नहीं- विधायक कैलाश कुशवाहा

पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा ने कहा कि शिवपुरी में अस्पताल हैं, लेकिन हार्ट का डॉक्टर नहीं है। कोरोना के बाद हर 7 में से एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आ रहा है। शिवपुरी जिले के अस्पताल में हार्ट का डाक्टर होना चाहिए। महिला चिकित्सक नहीं है। नर्सिंग स्टाफ डिलीवरी करा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की स्थिति बहुत ही खराब है। एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पा रही है।  कुशवाहा ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दवा का असर कम हो रहा है।दवा ही जहर बन रही है। ऐसा क्यों हो रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। 
 
01:53 PM, 26-Feb-2026

कफ सिरप पर बोले शेखावत

प्रदेश में कफ सिरप से मौत के मुद्दे को उठाते हुए शेखावत ने कहा कि प्रदेश में कफ सिरप बिक रहा है इससे 25 बच्चे मर गए। हम कहते हैं मंत्री का इस्तीफा दो लेकिन मंत्री क्या करेगा, हमारी व्यवस्था कितनी चरमरा गई. कहीं ना कहीं आपके तंत्र आपकी व्यवस्था में गड़बड़ी है।
01:39 PM, 26-Feb-2026

स्वास्थ्य व्यवस्था पर शेखावत के तीखे सवाल

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से एमबीबीएस कर निकलने वाले डॉक्टर विदेशों और अन्य राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में पिछले 10 वर्षों का ऑडिट किया जाना चाहिए कि कितने डॉक्टर बने और उनमें से कितने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बड़ा सवाल है कि अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी क्यों बनी हुई है और गांव से आने वाले मरीजों को बार-बार रैफर क्यों किया जाता है।

शेखावत ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के प्रयासों का सम्मान करते हैं, लेकिन केवल भवन निर्माण से अस्पताल नहीं बनते। उन्होंने पिछले 10-12 वर्षों का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की और नर्सिंग घोटाले का उल्लेख करते हुए पूछा कि उसमें क्या कार्रवाई हुई।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह महंगी मशीनें खरीदी गईं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हैं। उदाहरण देते हुए कहा कि 6 करोड़ रुपये की डायलिसिस मशीन वर्षों से जंग खा रही है, क्योंकि उसे चलाने वाला स्टाफ नहीं है। आउटसोर्सिंग की व्यवस्था होने के बावजूद भुगतान की समस्या बनी हुई है।

इंदौर में 13 वर्षों से जिला अस्पताल का भवन अधूरा होने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने जवाब दिया कि उक्त भवन का लोकार्पण अप्रैल में किया जाएगा और विधायक को भी आमंत्रित किया।

शेखावत ने आयुष्मान योजना को अच्छी पहल बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर इसकी स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अस्पतालों में मरीजों से पहले पैसे जमा करने को कहा जाता है और बाद में आयुष्मान से राशि समायोजित करने की बात कही जाती है। उन्होंने व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

01:25 PM, 26-Feb-2026

अनुदान मांगों पर मतदान की प्रक्रिया

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर विचार के लिए मांग प्रस्ताव और कटौती प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किए गए, जिसके बाद बजट पर चर्चा प्रारंभ हुई।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने देहदान करने वाले 60 लोगों को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया है, जो एक संवेदनशील और प्रेरक पहल है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में टेलीमेडिसिन की बेहतर सुविधा शुरू की गई है। इसके तहत मेडिकल कॉलेजों को जिला और दूरस्थ अस्पतालों से जोड़ा गया है, ताकि मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराई जा सके। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों को राहत मिल रही है।

01:22 PM, 26-Feb-2026

आयुष्मान में गड़बड़ी का मुद्दा उठा

विधानसभा में आयुष्मान योजना में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने एक गंभीर विषय की ओर सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि आयुष्मान प्रधानमंत्री की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि एक निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत होने पर जांच शुरू हुई, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही उस अस्पताल का आयुष्मान योजना से निरस्त किया गया लिंकेज दोबारा बहाल कर दिया गया। उन्होंने मांग की कि ऐसी महत्वपूर्ण योजनाओं का दुरुपयोग न हो, इसके लिए कड़ी निगरानी और दोषियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए।

वहीं कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरी की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अस्पतालों की वास्तविक स्थिति सबके सामने है और यह चिंताजनक है कि सुधार की दिशा में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं।

शेखावत ने कहा कि आबादी का 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा सरकारी अस्पतालों पर निर्भर है और गरीब व्यक्ति को सस्ता व सुलभ इलाज मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी आम आदमी को उचित इलाज के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी वास्तविक स्थिति सभी जानते हैं और पारदर्शिता तथा प्रभावी निगरानी की आवश्यकता है।
01:22 PM, 26-Feb-2026

प्रतिवेदनों की प्रस्तुति एवं स्वीकृति

विधानसभा में प्रतिवेदनों की प्रस्तुति एवं स्वीकृति की कार्रवाई के तहत लोक लेखा समिति के सभापति भंवर सिंह शेखावत ने समिति के 28वें से 127वें प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत किए।

अध्यक्ष ने भंवर सिंह शेखावत और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि लंबित प्रतिवेदनों के बैकलॉग को समाप्त करना सराहनीय कार्य है।

प्राक्कलन समिति के सभापति अजय बिश्नोई के पारिवारिक कारणों से अनुपस्थित रहने पर उनकी ओर से भंवर सिंह शेखावत ने समिति के नवम एवं दशम प्रतिवेदन भी सदन में प्रस्तुत किए।

इसके बाद वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर मतदान की प्रक्रिया शुरू की गई। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर विचार के लिए मांग प्रस्ताव और कटौती प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
12:54 PM, 26-Feb-2026

शाला भवनों के रखरखाव पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव

शाला भवनों के रखरखाव में कथित अनियमितताओं का मामला जोरदार तरीके से उठा। भाजपा विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से स्कूल शिक्षा मंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।

श्रीकांत चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि स्कूलों की मरम्मत के लिए जारी की गई राशि का दुरुपयोग हो रहा है और इसमें स्कूल स्तर से लेकर वरिष्ठ कार्यालय तक के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मैहर जिले में 22 एफआईआर दर्ज होना इस बात का संकेत है कि बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि मरम्मत कार्यों के लिए मांग के अनुसार राशि जारी की जाती है। अप्रैल 2025 में विद्युत व्यवस्था और स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए प्रति जिला 25 लाख रुपये तथा जहां आवश्यकता अधिक है वहां 50 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि यह आवंटन प्राचार्यों की मांग के आधार पर किया जाता है और मरम्मत कार्यों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि मैहर जिले में अनियमितताओं की शिकायत पर कलेक्टर द्वारा जांच कराई गई, जिसमें 17 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। जिन ठेकेदारों ने कार्य नहीं किया, उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस पर श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा कि यदि एक ब्लॉक में 4 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई है और उसमें भोपाल स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं, तो इसकी उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

जबलपुर पूर्व से कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने आरोप लगाया कि भोपाल में बैठे अधिकारियों का गठजोड़ बना हुआ है और बिना टेंडर प्रक्रिया के प्रस्ताव मंगाए जाते हैं। उन्होंने तीन वर्षों का रिकॉर्ड तलब कर मरम्मत और नए भवन निर्माण कार्यों की व्यापक जांच कराने की मांग की। साथ ही जांच से पहले संबंधित निदेशक और उपनिदेशक को पद से हटाने की बात कही।

मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार 100 प्रतिशत पारदर्शिता में विश्वास करती है और अनियमितता सामने आने पर निर्धारित समय में जांच कर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि मैहर की घटना से यह स्पष्ट हुआ है कि अन्य जिलों में भी जांच का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता हो सकती है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री ने विषय की गंभीरता स्वीकार की है और जांच का आश्वासन दिया है। यदि कोई अधिकारी जांच को प्रभावित कर सकता है, तो उसे हटाकर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

इस पर मंत्री ने अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि आसंदी से मिले निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों को हटाकर जांच कराई जाएगी।

12:52 PM, 26-Feb-2026

विद्युतीकरण कार्यों को लेकर अनियमितता के आरोप

विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के तहत रीवा जिले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग द्वारा कराए गए विद्युतीकरण कार्यों में कथित अनियमितताओं का मामला उठा। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने इस विषय पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

अभय मिश्रा ने आरोप लगाया कि एक ही कार्य को दो अलग-अलग एजेंसियों के नाम से दर्शाकर कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से राशि निकाली गई। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर गबन की गई राशि की वसूली की जानी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर अपराध दर्ज किया जाए।

इस पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि वर्ष 2022 में जब यह कार्य स्वीकृत हुआ था, उस समय एजेंसी के स्थान पर विभाग का नाम अंकित था। बाद में आदेश में संशोधन कर ‘विभाग’ की जगह ‘एजेंसी’ शब्द किया गया, जिसका विधिवत शासकीय आदेश जारी हुआ था। उन्होंने कहा कि दो अलग-अलग एजेंसियों से काम कराने और भुगतान करने का आरोप असत्य है और संभवतः जानकारी के अभाव में लगाया गया है। उनके पास दोनों आदेश उपलब्ध हैं।

इस पर अभय मिश्रा ने पुनः पूछा कि क्या मामले की जांच कराई जाएगी। मंत्री प्रहलाद पटेल ने स्पष्ट किया कि यदि सदस्य को कार्य की वास्तविकता पर संदेह है तो सरकार जांच कराने के लिए तैयार है।

अभय मिश्रा ने कहा कि जांच में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, क्योंकि उनका आरोप है कि एक ही कार्य को अलग-अलग स्थानों पर दर्शाकर राशि निकाली जाती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि विधायक निधि की राशि सरेंडर होने पर अगले वित्तीय वर्ष में नहीं जुड़ती, तो विभागीय राशि किस आधार पर आगे जोड़ी जाती है।

मंत्री प्रहलाद पटेल ने दोहराया कि सरकार जांच के लिए तैयार है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
12:13 PM, 26-Feb-2026

सिंगरौली प्रकरण को लेकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि पेड़ काटे जा रहे हैं और मिट्टी निकाली जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह गतिविधियां खनन की श्रेणी में नहीं आतीं? सरकार इस पर स्पष्ट जवाब दे।

इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने सदन की भावना को ध्यान में रखते हुए जांच की बात भी कही है। चूंकि मामला जनता से जुड़ा है, इसलिए आगे की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जानी चाहिए। उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि सरकार को अदानी से इतना प्रेम क्यों है, जबकि मामला आदिवासियों के हितों से जुड़ा है। उन्होंने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग दोहराते हुए सरकार से इस पर स्पष्ट रुख बताने को कहा।

हंगामे के बीच विपक्ष ने सिंगरौली प्रकरण को लेकर सदन से वॉकआउट कर दिया।

11:57 AM, 26-Feb-2026

12 बजे तक स्थगित हुआ सदन

भंवर सिंह शेखावत ने मंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब खुद मंत्री मान रही हैं कि पेड़ उखाड़े जा रहे हैं और मिट्टी निकाली जा रही है, तो फिर सरकार जांच से क्यों बच रही है। उन्होंने कहा कि यही तो विपक्ष कह रहा है कि जमीन पर गतिविधियां जारी हैं।

सिंगरौली की प्रभारी मंत्री उइके ने कहा कि वह स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं और आदिवासियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि प्रभावितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि पेड़ काटे जा रहे हैं और लकड़ी छत्तीसगढ़ भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को हटाया जा रहा है। विपक्ष ने मांग की कि इस मामले की जांच के लिए मंत्री प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) बनाई जाए, जिसमें दोनों पक्षों के सदस्य शामिल हों।

लगातार हंगामे और शोर-शराबे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

Load More
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed