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MP Assembly Session Live: भागीरथपुरा मामले में इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का हंगामा, सदन 2 बजे तक स्थगित
MP Assembly Session Live: सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू होने के बाद कांग्रेस ने भागीरथपुरा मामले में इस्तीफे की मांग को लेकर फिर से हंगामा कर दिया। हो-हल्ले के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई दो बजे तक स्थगित कर दी।
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सदन शुरू होते ही फिर हंगामा, दो बजे तक कार्रवाई स्थगित
सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने कहा कि इंदौर में हुई घटना मृत्यु नहीं हत्या है। इस मामले में मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने सदन की कार्रवाई काे जारी रखने के लिए सदस्यों से अनुरोध किया। इसके बाद भी हंगामा जारी रहा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने शून्यकाल की सूचना देने वाले विधायकों का नाम पढ़ने के बाद कहा कि यह सूचनाओं पढ़ी हुई मानी जाएंगी और बढ़ते हंगामे के बीच सदन की कार्रवाई दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।भागीरथपुरा हादसे में मौत के आंकड़े और मुआवजे पर तीखी बहस
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमंग सिंगार ने भागीरथपुरा मामले पर स्वास्थ्य मंत्री से सवाल पूछा। प्रश्न पूछने से पहले विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जो विषय न्यायालय और आयोग में लंबित हैं, उन पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। उमंग सिंगार के प्रश्न पर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जवाब देते हुए बताया कि अब तक 22 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
इस पर नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि 35 से अधिक मौतें हुई हैं और मुआवजा राशि भी कम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एक आईएएस अधिकारी को भी निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को 4 लाख के बजाय 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
उमंग सिंगार ने सवाल उठाया कि क्या संबंधित मंत्री और महापौर को मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। इस पर मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि यदि नैतिकता की बात हो रही है तो यूनियन कार्बाइड जैसे मामलों में नैतिकता कहां थी। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी इसी मुद्दे पर विपक्ष को घेरा।
सदन में इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक और नारेबाजी हुई। अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने मर्यादा में रहकर जवाब दिया है। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
जर्जर स्कूल भवनों को लेकर उठा सवाल
भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सदन में जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्कूलों की टूटी छतों के फोटो दिखाते हुए बाउंड्रीवाल और मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई। जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि सिवनी विधानसभा क्षेत्र में 44 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं, जबकि 5 नए विद्यालय भवन स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में करीब 1800 स्कूल भवनों को जर्जर चिह्नित किया गया है। अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए विभाग ने 1200 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बजट को बताया अज्ञानी
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा परिसर में मीडिया के साथ बातचीत में बजट को लेकर कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का बजट ज्ञानी (GYANII) नहीं अज्ञानी है। प्रदेश सरकार पर पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। चालू वित्त वर्ष में ही करीब 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लिया गया, जिसका ब्याज चुकाने में ही सरकार को हर साल 27 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने माना इंदौर में दूषित पानी से हुई 20 मौतें
विधानसभा में डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लिखित जवाब में स्वीकार किया कि इंदौर में 21 दिसंबर 2025 से उत्तर दिए जाने तक दूषित पानी के कारण कुल 20 मौतों की आधिकारिक पुष्टि हुई है। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस अवधि में 459 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 4 मरीज अभी भी उपचाराधीन हैं।
मृत्यु के संभावित कारणों की पुष्टि के लिए NIRBI-कोलकाता, एमजीएम माइक्रोबायोलॉजी लैब और डीपीएचएल-इंदौर में जल एवं मरीजों के स्टूल सैंपलों की जांच कराई गई। प्रयोगशाला रिपोर्ट में कॉलेरा और ई.कोलाई संक्रमण की पुष्टि हुई है।
सहरिया आदिवासियों को लेकर मुद्दा उठा
सदन की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायक मुकेश मलहोत्रा ने श्योपुर जिले के बेचिराग ग्राम ऊकल, सोहनदेह और श्यामपुरा में सहरिया आदिवासियों को वन विभाग द्वारा हटाए जाने और कथित रूप से परेशान किए जाने का मुद्दा उठाया।
इस पर राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि वन भूमि पर किसी को बसाने का प्रावधान नहीं है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने आसंदी से कहा कि सहरिया आदिवासियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उन्होंने मंत्री को कलेक्टर को आवश्यक निर्देश देने के लिए कहा।
ख्याली पुलाव की खाली थाली लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक
MP Assembly Session Live: भागीरथपुरा मामले में इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का हंगामा, सदन 2 बजे तक स्थगित
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज चौथा दिन है। सदन में पेयजल व्यवस्था, वित्तीय अनियमितता और नई आबकारी नीति जैसे विषयों पर सरकार को घेरने की तैयारी है। दो ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ करीब 80 याचिकाएं पेश की जाएंगी।भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने जबलपुर में घर-घर नर्मदा जल पहुंचाने की योजना में कथित अव्यवस्थाओं को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा है। वे योजना के क्रियान्वयन, गुणवत्ता और समन्वय पर सरकार से जवाब तलब करेंगे। कांग्रेस विधायक फुंदेलाल मार्को ने अनूपपुर जिले के शासकीय स्नातक महाविद्यालय, पुष्पराजगढ़ में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग से इस संबंध में जवाब और जांच की मांग की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा वाणिज्यिक कर एवं आबकारी विभाग से जुड़ी वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति पर सदन में विस्तृत वक्तव्य देंगे। राजस्व, नियंत्रण व्यवस्था और पारदर्शिता के मुद्दों पर चर्चा संभावित है। सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा जारी है। विभिन्न दलों के विधायक सरकार की प्राथमिकताओं और घोषणाओं पर अपने विचार रखेंगे।