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नई आबकारी नीति को कैबिनेट की मंजूरी: 20% तक बढ़ेंगी शराब की कीमतें, अब हर साल नहीं होगा दुकानों का नवीनीकरण

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Wed, 18 Feb 2026 10:22 PM IST
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सार

मध्यप्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद शराब की कीमतों में औसतन 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी। अब दुकानों का आवंटन ई-टेंडर से होगा और हर साल नवीनीकरण की व्यवस्था खत्म कर दी गई है।

Cabinet approves new excise policy: Liquor prices to rise by 20%, shops will no longer be renewed every year
सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राज्य सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले के बाद प्रदेश में शराब के दामों में औसतन 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी। साथ ही अब शराब दुकानों का हर वर्ष नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत शराब दुकानों का आवंटन ई-टेंडर प्रक्रिया से किया जाएगा। पहले की तरह साल-दर-साल नवीनीकरण की परंपरा समाप्त कर दी गई है। सरकार का तर्क है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व संग्रह में सुधार होगा। सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी मद से करीब 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में यह लक्ष्य ऊंचा रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि नई नीति से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।
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एफडी और बैंक गारंटी की व्यवस्था में बदलाव
नई नीति के तहत आवंटन प्रक्रिया में सुरक्षा राशि और बैंक गारंटी से जुड़ी शर्तों में भी संशोधन किया गया है। अब पहले जैसी एफडी और सामान्य बैंक गारंटी की अनिवार्यता नहीं रहेगी। इसके स्थान पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-चलान और ई-बैंकिंग माध्यम से शुल्क जमा कराया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब निर्माण और तस्करी पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।  शराब निर्माण से जुड़ी कंपनियों को अपने उत्पाद की कीमत निर्धारण में कुछ लचीलापन दिया गया है। इससे उद्योग क्षेत्र को प्रतिस्पर्धा के अनुरूप काम करने में सुविधा मिलेगी।

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कैबिनेट ने जनजातीय एवं अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। विभागीय योजना, क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम, निर्देशन-प्रशासन और अनुश्रवण इकाइयों के संचालन के लिए कुल 53 करोड़ 97 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति बस्तियों के विकास, 1032 कार्यालय भवनों के निर्माण व विद्युतीकरण, जननायक टंट्या भील मंदिरों के जीर्णोद्धार तथा ग्रामीण शालाओं के उन्नयन के लिए 583 करोड़ 75 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (कक्षा 11वीं, 12वीं और महाविद्यालयीन छात्रों के लिए) के संचालन हेतु 4,230 करोड़ 82 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 847 करोड़ 89 लाख रुपये तथा अन्य शैक्षणिक और छात्र कल्याण योजनाओं के लिए 519 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि मंजूर हुई है। विशेष पिछड़े जनजाति समूह और कोल जनजाति विकास योजनाओं के लिए 59 करोड़ 06 लाख रुपये तथा प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 9वीं-10वीं) के लिए 690 करोड़ 69 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन निर्णयों से शिक्षा, बुनियादी ढांचे और जनजातीय विकास को मजबूती मिलेगी।

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