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PM Modi In Australia LIVE: द्विपक्षीय बैठक-समझौतों के बाद गवर्नर-जनरल से मिले पीएम मोदी, किन मुद्दों पर चर्चा?
पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं, जहां उन्होंने इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया अस्थिरता, सप्लाई चेन बाधा और ऊर्जा संकट से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक और विश्वसनीय पार्टनर हैं।
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को लेकर क्या कहा?
पीएम मोदी के साथ अपनी मुलाकात को याद करते हुए, पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन कहते हैं, 'यह हमेशा से बहुत अहम रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और मेरे बीच बहुत अच्छे निजी और पेशेवर संबंध रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय प्रधानमंत्रियों के बीच संबंधों में करी और क्रिकेट को लेकर थोड़ी-बहुत हंसी-मजाक आम बात थी। लेकिन हम 'क्वाड' और इंडो-पैसिफिक में सकारात्मक भूमिका निभाने में इसकी अहमियत को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।' पश्चिम एशिया के संघर्ष और परमाणु सहयोग पर वे आगे कहते हैं, 'यह पहले से ही था। और यह पिछले दशक की शुरुआत में एबॉट सरकार के समय हुआ था, जब सिविल न्यूक्लियर पार्टनरशिप एग्रीमेंट लागू किया गया था। और इसकी शुरुआत तब हुई थी जब हमने भारत को यूरेनियम बेचना शुरू किया थ।'विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर-जनरल से मिले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (स्थानीय समय) को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर-जनरल सैम मोस्टिन से मुलाकात की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में विदेश सचिव विक्रम मिसरी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।यह भी पढ़ें- पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया में बोले: आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोनों देश एकजुट, वैश्विक तनाव और जंग पर क्या कहा?
भारत-ऑस्ट्रेलिया डिफेंस स्टार्टअप और इंडस्ट्री को जोड़ने पर काम करेंगे
- पीएम मोदी ने कहा कि एआई पैक्ट की पहल की है। हम मिलकर क्रीटिकल मिनरल कॉरिडोर पर भी काम करेंगे। हिंद प्रशांत सिर्फ दो महासागरों का संपर्क नहीं है बल्कि ये हम दोनों देशों के साझा महत्वकांक्षाओं का भी प्रतीक है। सुरक्षा मुद्दे पर हमने एक अहम संयुक्त डिकलेरेशन जारी किया है। भारत-ऑस्ट्रेलिया डिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर से डिफेंस स्टार्टअप और इंडस्ट्री को जोड़ने पर काम करेंगे। इससे हिंद प्रशांत में हमारे साझा प्रयासों को बल मिलेगा। हम शिप बिल्डिंग और रिपेयर और मेंटिनेंस में भी मिलकर आगे बढ़ेंगे।
- पीएम मोदी ने कहा, भारत और ऑस्ट्रेलिया मानते हैं कि आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए चुनौती है। इसलिए आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई साझा है और अटूट है। हमारा ये भी मानना है कि विश्व में चल रहे युद्धों का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही संबंध है। पूरे हिंद प्रशांत क्षेत्र में हम मिलकर शांति, स्थिरता, नौवहन की आजादी और नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
- पीएम मोदी ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया संबंधों की सबसे मजबूत पहलू लोगों का लोगों से जुड़ाव है। ऑस्ट्रेलिया, भारतीय छात्रों के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन है, हमारे नागरिक ऑस्ट्रेलिया के विकास में योगदान दे रहे हैं। हम छात्रों और कॉलेजों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाते रहेंगे।
- पीएम मोदी ने कहा कि हम दुनिया की स्पोर्ट्स कैपिटल है। इसकी यहां बात करना जरूरी है। दोनों देशों की साझेदारी भी टेस्ट मैच जैसी लंबी और गहरी है। आने वाले वर्षों में दोनों देशों में ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े स्पोर्टिंग इवेंट आयोजित होंगे। इससे खेल संबंधी आधारभूत ढांचा बढ़ेगा। आज की हमारी चर्चा का भाव साफ है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी केवल वर्तमान की नहीं भविष्य की पार्टनरशिप भी है।
- इसके बाद पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम को भारत दौरे का निमंत्रण दिया।
भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने और अपने प्रतिनिधिमंडल के स्वागत लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार को धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने खासी प्रगति की है। 2022 में इकॉनोमिक कॉपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट से व्यापार का दायरा बहुत बढ़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि हम इनोवेशन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दिशा में लगातार सहयोग कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आज हमने एक अहम समझौता किया है, इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम सप्लाई का रास्ता खुलेगा और हमारे क्लीन एनर्जी के संकल्प को नई दिशा मिलेगी। यह हमारे क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को बल मिलेगा।पीएम मोदी और अल्बानीज की मुलाकात
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पीएम एंथनी अल्बानीज से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने सेल्फी भी ली, जिसमें दोनों नेताओं की दोस्ती की झलक मिली।पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम से की मुलाकात
पीएम मोदी ने मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात की।#WATCH | Prime Minister Narendra Modi meets former Australian Prime Minister Scott Morrison in Melbourne
— ANI (@ANI) July 9, 2026
Prime Minister Narendra Modi is on a three-nation visit to Indonesia, Australia, and New Zealand.
(Source: ANI/DD) pic.twitter.com/Aj7cWKHThr
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया
पीएम मोदी ने कहा, ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार और विशेषज्ञता भारत की परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं के पूरक हैं। उन्होंने भारत के बंदरगाहों, हवाई अड्डों, सड़कों, रेलवे और शहरी अवसंरचना क्षेत्रों में दीर्घकालिक ऑस्ट्रेलियाई निवेश को आमंत्रित करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की प्रौद्योगिकी, पूंजी और संसाधन भारत के विकास पथ को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।'परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने का ऐतिहासिक अवसर है'
प्रधानमंत्री ने कहा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंद प्रशांत महासागर में रणनीति के लिए दोनों देशों का साझा विजन है। हम अपनी व्यापारिक साझेदारी को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। इसमें आप लोगों (सीईओ) की भूमिका अहम है और मुझे विश्वास है कि ये बैठक नए विचारों, नई साझेदारी को जन्म देगी।कुछ समय पहले भारत ने SHANTI Act से न्यूक्लियर सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया है। हमने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम रिजर्व भारत की न्यूक्लियर यात्रा से सीधे रूप से जुड़ते हैं। हमारे लिए इस क्षेत्र में सहयोग बढाने के लिए ऐतिहासिक अवसर हैं।
'ऑस्ट्रेलिया के पेंशन फंड भारत की विकास गाथा से फायदा ले सकते हैं'
इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने साल 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा और 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा है।पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी सिर्फ कुछ शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हमारे राज्यों छोटे-बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों आदि सभी को इस विकास गाथा में हिस्सेदार बनना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ऑस्ट्रेलिया आज 4 खरब डॉलर के पेंशन फंड मैनेज करता है। भारत में पेंशन को पवित्रता के साथ देखा जाता है और यह करोड़ों लोगों के विश्वास को दिखाता है। ऑस्ट्रेलिया के ये पेंशन फंड भारत की विकास गाथा से लाभान्वित हो सकते हैं।