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West Asia LIVE: ट्रंप के कहने के बावजूद लेबनान पर नहीं रुके इस्राइली हमले, कई जगहों पर सुनाई दिए धमाके
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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:34 PM IST
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खास बातें
West Asia War LIVE: दक्षिणी लेबनान में इस्राइल की ओर से जमीनी हमले का दायरा बढ़ाए जाने से पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच एक सीमित युद्धविराम का दावा किया है, जिसे लेबनानी राष्ट्रपति ने भी स्वीकार किया है। हालांकि, इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य कार्रवाई जारी रखने की बात कहकर इस पर सस्पेंस बना दिया है। दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सीजफायर तभी प्रभावी होगा जब लेबनान समेत सभी मोर्चों पर हमले रुकेंगे। साथ ही, ईरान ने होर्मुज को पूरी तरह से बंद करने का संकेत दिया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से शर्तों को बेहद कड़ा किए जाने के बाद अमेरिका-ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता पूरी तरह खटाई में पड़ गई है। पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और पल-पल की लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें अमर उजाला के साथ....
ईरान संकट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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लाइव अपडेट
12:30 PM, 02-Jun-2026
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हमले जारी
इस्राइल की ओर से दक्षिणी लेबनान के कस्बों और गांवों को निशाना बना कर हमले जारी हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने हमले जारी रखे हैं। इस्राइली सेना ने नबातीह के पास तोपखाने से गोलाबारी की है। सेना ने शुकिन और काफ्र तिबनीत गांवों पर हमला किया है। खबरों के मुताबिक, इस्राइली ड्रोन ने नबातीह जिले के तल्लेत टोल कस्बे पर भी तीन हमले किए। इसके अलावा, तिबनिन के पास भी इस्राइली हमला हुआ है।09:57 AM, 02-Jun-2026
इस्राइल में सैन्य भर्ती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
इस्राइल में बड़ी संख्या में लोगों ने सेना में अनिवार्य भर्ती के विरोध में सड़कों और ट्रेनों को अवरुद्ध करते हुए पूरे देश में प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण राजमार्ग ठप्प हो गए और यरुशलम और तेल अवीव मेट्रो क्षेत्र दोनों में भारी भीड़ के कारण सार्वजनिक परिवहन बाधित हो गया।इस्राइल में अधिकांश यहूदी पुरुषों और महिलाओं के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है। हालांकि, अति-रूढ़िवादी दलों ने अपने अनुयायियों को सैन्य सेवा से छूट दिलवाकर धार्मिक शिक्षा संस्थानों में अध्ययन करने का अधिकार प्राप्त कर लिया है। वहीं, अब इन छूटों पर खतरा मंडरा रहा है। कई मोर्चों पर युद्ध लड़ते हुए सैनिकों की भारी कमी का सामना कर रही इस्राइली सेना अनिवार्य सेवा की अवधि बढ़ाने पर विचार कर रही है।
अधिकांश इस्राइली पुरुषों के लिए लगभग तीन वर्ष की सैन्य सेवा अनिवार्य है, जिसके बाद उन्हें कई वर्षों तक आरक्षित सेवा में रहना पड़ता है। वहीं, महिलाओं के लिए दो वर्ष की अनिवार्य सेवा होती है।
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08:17 AM, 02-Jun-2026
ईरान के शांति वार्ता रोकने की खबरों पर ट्रंप बोले- मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा वाशिंगटन के साथ वार्ता रोकने की खबरों से उन्हें कोई चिंता नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि तेहरान ने वार्ता में बहुत अधिक समय ले लिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकना उनका सर्वोपरि उद्देश्य बना हुआ है।एक फोन साक्षात्कार में ट्रंप ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि वार्ता में विफलता से उनके दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा, जबकि तेल बाजारों ने उन रिपोर्टों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की कि ईरान वार्ता जारी रखने के लिए अनिच्छुक है। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के साथ बातचीत खत्म हो गई है, तो उन्होंने कहा, "मुझे परवाह नहीं है कि वे खत्म हो गई हैं या नहीं, सच कहूं तो। मुझे बिल्कुल परवाह नहीं है। मुझे जरा भी परवाह नहीं है।"
06:07 AM, 02-Jun-2026
अमेरिका ने ईरान के रडार-कंट्रोल साइट्स पर किया हमला, सेंटकॉम ने कहा-आत्मरक्षा में की कार्रवाई
अमेरिका ने दावा किया है कि उसने शनिवार और रविवार को ईरान में रडार और ड्रोन कंट्रोल साइट्स पर हमले किए हैं। यूएस सेंट्रल कमांड -सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हफ्ते के आखिर में ईरान के गोरुक और केश्म आइलैंड में ईरानी रडार और ड्रोन कंट्रोल साइट्स पर आत्मरक्षा में हमला किया गया। इनको सेंटकॉम ने जवाबी कार्रवाई करार दिया है।दरअसल, इससे पहले ईरान ने अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन यह कहते हुए मार गिराया था कि यह ड्रोन उनके समुद्री क्षेत्र में था। इसके बाद अमेरिकी लड़ाकू विमान तुरंत सक्रिय हुए और ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो ड्रोन को तबाह कर दिया। अमेरिका ने इन्हें वहां से गुजर रहे जहाजों के लिए खतरा बताया था। इस बीच कुवैत ने कहा कि उस पर ड्रोन-मिसाइल हमले किए गए जिन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के लिए उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने कार्रवाई शुरू कर दी। ये हमले युद्धविराम प्रयासों के बीच नाजुक हालात दर्शाने वाले हैं। ईरान व अमेरिका दोनों ने सैन्य ठिकानों पर हमले कर एक-दूसरे पर आक्रामक कार्रवाई का आरोप लगाया है, जबकि 3 माह से जारी युद्धविराम के राजनयिक प्रयास थमते दिख रहे हैं। ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ बरकरार रखने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित है।
ईरान द्वारा एमक्यू-1 ड्रोन मार गिराने के बाद अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, एक जमीनी नियंत्रण केंद्र और दो ऐसे ड्रोन को नष्ट कर दिया जो क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे पोतों के लिए स्पष्ट खतरा पैदा कर रहे थे। अमेरिकी वायुसेना प्रीडेटर ड्रोन को सेवा से हटा चुकी है। वह अब एमक्यू-9 रीपर ड्रोन उपयोग करती है लेकिन अमेरिकी थल सेना अब भी प्रीडेटर ड्रोन का उपयोग करती है। सेना ने कहा, कोई अमेरिकी हताहत नहीं हुआ है।
निश्चिंत रहें, सब ठीक हो जाएगा: ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार तड़के ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ईरान सचमुच समझौता करना चाहता है और यह अमेरिका एवं हमारे साथ खड़े देशों के लिए अच्छा समझौता होगा। बस निश्चिंत रहिए, अंत में सब ठीक हो जाएगा –हमेशा ऐसा ही होता है। उधर, ईरान ने कहा है कि समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। ट्रंप ने भी शनिवार की बैठक में यह तय नहीं किया कि युद्धविराम अवधि बढ़ाने पर आगे बढ़ना है या नहीं।
नवंबर में होने वाले कांग्रेस चुनावों से पहले ट्रंप पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर खोलने व अमेरिकी तेल दाम घटाने का दबाव बढ़ रहा है। मतदाताओं में असंतोष के साथ ही ट्रंप को अपनी ही पार्टी के ईरान विरोधी नेताओं का विरोध झेलना पड़ रहा है। ऐसे में होर्मुज व ईरानी समृद्ध यूरेनियम पर ट्रंप का दबाव ईरान नहीं मान रहा। इनके अलावा भी दोनों पक्ष कई मुद्दों पर एकमत नहीं हैं।
05:37 AM, 02-Jun-2026
अमेरिकी जहाज पर मिसाइल हमले का दावा; ईरान की सेना ने कहा-हमने लिया बदला
ईरान की सेना ने अरब खाड़ी में एक अमेरिकी स्वामित्व वाले मालवाहक जहाज पर क्रूज मिसाइल से हमला करने का दावा किया है। 'एमएससी सारिस्का वी' नाम का यह जहाज पनामा के झंडे के साथ जा रहा था, तभी ओमान के तट के पास इसमें एक जोरदार विस्फोट हुआ। ईरान का कहना है कि यह हमला उसके अपने एक जहाज पर हुए पुराने हमले का बदला है। गनीमत यह रही कि इस धमाके के बाद भी जहाज पर सवार सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और जहाज अपने अगले सफर के लिए रवाना हो गया है।दूसरी तरफ, इस हमले के दावे को लेकर बड़ा सस्पेंस खड़ा हो गया है। इराकी सुरक्षा सूत्रों ने शुरुआती जांच के बाद बताया है कि जहाज पर कोई बाहरी मिसाइल हमला नहीं हुआ था। उनके मुताबिक, यह धमाका जहाज के अंदरूनी हिस्से में किसी तकनीकी या मैकेनिकल खराबी की वजह से हुआ है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस बात की पूरी बारीकी से जांच कर रही हैं कि यह वाकई ईरान का मिसाइल हमला था या सिर्फ एक तकनीकी हादसा।
04:36 AM, 02-Jun-2026
यूएन में फ्रांस की सख्त चेतावनी, लेबनान से तुरंत सेना हटाए इस्राइल
फ्रांस की मांग पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई गई है। लेबनान मामले का मुख्य नेतृत्वकर्ता होने के नाते फ्रांस ने इस संकट पर कड़ा रुख अपनाया है। फ्रांसीसी राजदूत ने साफ कहा कि आत्मरक्षा के अधिकार की एक सीमा होती है। फ्रांस ने इस्राइल की ओर से लेबनान की संप्रभुता पर किए जा रहे हमलों को पूरी तरह से गलत बताया है। उन्होंने इस्राइल को तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने और अपनी सेना को पीछे हटाने के लिए कहा है।यह कूटनीतिक तनाव इस्राइली सेना की ओर से दक्षिणी लेबनान के ऐतिहासिक 'बॉफोर्ट कैसल' पर नियंत्रण करने के बाद बढ़ा है। यह रणनीतिक किला दोनों देशों के सीमावर्ती इलाके में बेहद अहम ऊंचाई पर स्थित है। मध्य-अप्रैल में हुआ संघर्षविराम समझौता दोनों तरफ से हुए उल्लंघनों के कारण पूरी तरह टूट चुका है। फ्रांस अब यूएन में एक नया प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य इस्राइली सेना की वापसी और सीमा पर शांति बहाल करना है।
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03:50 AM, 02-Jun-2026
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र की मौजूदगी जरूरी, चीफ एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद को सौंपी रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद से कहा है कि इस साल के अंत में यूनिफिल का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र की मौजूदगी बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि तनाव कम करने, बातचीत बढ़ाने, आपसी संपर्क साधने और लेबनानी सेना की मदद के लिए यूएन के सुरक्षाकर्मियों का वहां होना अनिवार्य है। गुटेरेस ने इसके लिए सुरक्षा परिषद के सामने तीन विकल्प रखे हैं, जिसमें स्थिति के हिसाब से 2,000 से लेकर 5,500 तक यूएन कर्मियों को तैनात करने का प्रस्ताव है।फिलहाल, लेबनान और इस्राइल की 120 किलोमीटर लंबी प्रभावी सीमा (ब्लू लाइन) पर लगभग 50 देशों के 7,500 शांति सैनिक तैनात हैं। यह सैनिक इस समय दक्षिणी लेबनान में इस्राइल के लगातार हो रहे हवाई और जमीनी हमलों के ठीक बीच फंसे हुए हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
03:47 AM, 02-Jun-2026
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- युद्धविराम और होर्मुज पर अगले हफ्ते तक समझौते की उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्हें अगले सप्ताह के भीतर ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक समझौते की उम्मीद है। ट्रंप ने एबीसी न्यूज से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोलने के लिए अभी तक एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, क्योंकि उन्हें अभी कुछ और मुद्दों और शर्तों पर सहमति बनाना बाकी है। पश्चिम एशिया के व्यापार और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना बेहद अहम माना जा रहा है।03:31 AM, 02-Jun-2026
लेबनान में पूर्ण युद्धविराम के लिए तैयार हिजबुल्ला, लेकिन इस्राइल के इरादे अभी भी कड़े
हिजबुल्ला के प्रमुख सांसद हसन फडलल्लाह ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि उनका संगठन पूरे लेबनानी क्षेत्र में पूर्ण युद्धविराम का समर्थन करता है। लेबनानी प्रेसीडेंसी के अनुसार, हिजबुल्ला दोनों तरफ से हमलों को रोकने की इस शर्त पर राजी हो गया है। हिजबुल्ला का मानना है कि इस युद्धविराम के बाद इस्राइली सैनिकों को लेबनान की धरती से पूरी तरह पीछे हटना होगा।
हालांकि, शांति की इन कोशिशों के बीच इस्राइल के तेवर अभी भी सख्त बने हुए हैं। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में अपनी योजना के मुताबिक सैन्य ऑपरेशन जारी रखेगी। ऐसे में हिजबुल्ला की इस सहमति के बाद भी जमीन पर युद्ध थमेगा या नहीं, इस पर सस्पेंस बरकरार है।
03:23 AM, 02-Jun-2026