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West Asia Tension LIVE: ट्रंप ईरान पर नरम नहीं; PAK ने US से मध्यस्थता का खर्च मांगा; फरवरी से अबतक 59 जहाज आए
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Thu, 23 Jul 2026 12:18 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:18 PM IST
खास बातें
West Asia Tension US Iran War PAK Govt LIVE Updates: 145 दिनों से जारी जंग के बीच अमेरिका के कई सैनिक बलिदान हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई में ढिलाई बरतने की कोई योजना नहीं है। इसी बीच पाकिस्ता ने ईरान और US के बीच मध्यस्थता का खर्च मांगा है। लगातार हो रही बमबारी से होर्मुज में उपजे तनाव के बीच फरवरी से अबतक 59 जहाज सुरक्षित भारत आ चुके हैं। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में जानिए ऐसे तमाम सवालों से जुड़े अपडेट्स
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पश्चिम एशिया में संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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लाइव अपडेट
12:17 PM, 23-Jul-2026
हूती समूह ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमले का दावा किया
यमन के हूती समूह ने बुधवार (स्थानीय समय) को दावा किया कि उसने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया। यह दावा ऐसे समय किया गया है, जब कुछ दिन पहले ही सऊदी सेना ने सना हवाई अड्डे पर हमले किए। इसके बाद रियाद और ईरान समर्थित हूती समूह के बीच तनाव और बढ़ गया है।हूती समूह के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी कासिम सरी ने टेलीग्राम पर जारी एक बयान में दावा किया कि समूह की सेनाओं ने 'एनसेलिया' और 'लैला' नाम के दो सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया।
08:30 AM, 23-Jul-2026
अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर फिर किए हमले: सेंटकॉम
अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने बुधवार को कहा कि उसने ईरान के सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर नए हमले शुरू किए हैं। सेंटकॉम ने कहा कि इन हमलों का मकसद तेहरान की सैन्य क्षमताओं को लगातार कमजोर करना है।सेंटकॉम ने एक्स पर एक पोस्ट में हमलों की जानकारी देते हुए कहा कि यह अभियान ईरान की उस क्षमता को कम करने के लिए जारी रहेगा, जिससे वह आम नागरिकों और वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पहुंचा सकता है। सेंटकॉम ने लिखा, आज शाम 5:30 बजे (पूर्वी समय) से अमेरिकी सेना ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर ईरानी सैन्य ठिकानों पर और हमले शुरू किए हैं। यह अभियान क्षेत्रीय जल क्षेत्र से गुजरने वाले आम नागरिकों और वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करता रहेगा।
ये नए हमले ऐसे समय किए गए हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को जॉर्जिया में कहा कि ईरान को बहुत बुरी तरह निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को 'झड़प' बताया और दावा किया कि तेहरान समझौता करना चाहता है।
ट्रंप ने कहा, ईरान के साथ जो झड़प चल रही है, मैं इसे झड़प इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मैं आपको बता दूं कि उन्हें बहुत बुरी तरह निशाना बनाया जा रहा है। वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मेरा कहना है कि वे अभी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं, क्योंकि हर बार जब वे समझौता करते हैं तो उसमें बदलाव करना चाहते हैं और सब कुछ बदलना चाहते हैं। वे तैयार नहीं हैं। वे बहुत जल्द तैयार हो जाएंगे।
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08:25 AM, 23-Jul-2026
West Asia LIVE: एक नजर में अब तक का घटनाक्रम
- अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान पर हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के अनुसार, बुशेहर, अहवाज और सीरिक शहरों में धमाकों की आवाज सुनी गई।
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान की रक्षा नीति 'जैसे को तैसा' वाली है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरानी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज को निशाना बनाती है तो अमेरिका ईरान के किसी पुल या बिजली संयंत्र पर हमला करेगा।
- यमन के हूती समूह ने दावा किया कि उसने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इससे पहले समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी।
- अमेरिका और सऊदी अरब ने एक बड़े परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत रियाद को नागरिक इस्तेमाल के लिए यूरेनियम संवर्धन की क्षमता विकसित करने की अनुमति मिल सकती है।
08:20 AM, 23-Jul-2026
संघर्ष के बीच अमेरिका-सऊदी अरब ने परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए
अमेरिका और सऊदी अरब ने परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ऐसे समय हुआ है, जब ईरान के साथ संघर्ष बढ़ता जा रहा है। ट्रंप प्रशासन इसे शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग समझौता बता रहा है। उसका कहना है कि यह समझौता आने वाले कई दशकों तक सऊदी अरब के साथ अरबों डॉलर की साझेदारी की नींव तैयार करेगा।इस समझौते के तहत अमेरिकी कंपनियां सऊदी अरब को परमाणु तकनीक भेज सकेंगी, रोजगार के अवसर पैदा कर सकेंगी और वहां परमाणु ढांचे के निर्माण में मदद कर सकेंगी। सऊदी अरब अमेरिका का सहयोगी देश है। वह लंबे समय से इस तरह के परमाणु समझौते की इच्छा रखता था, ताकि अपने बिजली नेटवर्क को मजबूत कर सके। वहीं, ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस समझौते से दुनिया के नागरिक परमाणु ऊर्जा बाजार में अमेरिका की मजबूत स्थिति फिर से कायम होगी।
दोनों देशों का कहना है कि यह समझौता उनके संबंधों को मजबूत और बेहतर बनाने में मदद करेगा। साथ ही इससे परमाणु सुरक्षा और परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के नियमों का पालन भी सुनिश्चित होगा।
08:14 AM, 23-Jul-2026
लेबनानी पीएम ने पायलट जोन में फहराया राष्ट्रीय ध्वज
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस्राइली सेना की वापसी के एक दिन बाद दक्षिणी शहर जवतर अल-घरबिया का दौरा किया। यह उन तीन जगहों में से एक है, जिन्हें 'पायलट जोन' यानी शुरुआती परीक्षण क्षेत्र के रूप में तय किया गया है। उन्होंने वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राज्य के अधिकार की वापसी का प्रतीकात्मक संदेश दिया।स्थानीय लोगों में अब भी भरोसे की कमी है। कई लोगों को सेना की जांच चौकी पर रोक दिया गया और कहा गया कि जब तक जमीन में लगे बारूदी सुरंगों को हटाया नहीं जाता, तब तक वे अपने घरों में वापस नहीं लौट सकते।
इस्राइली सेना की वापसी से ठीक पहले कुछ घरों को तोड़ा गया था। इससे स्थानीय लोगों का अविश्वास और बढ़ गया है। उनका कहना है कि इस समझौते से जमीन पर कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है। लेबनान की संसद के अध्यक्ष ने भी कहा है कि यह कदम बहुत सीमित है। उन्होंने कहा कि इस्राइल की पूरी तरह वापसी का बड़ा मुद्दा अब भी हल नहीं हुआ है।
05:27 AM, 23-Jul-2026
होर्मुज के रास्ते अब तक कितने जहाज भारत पहुंचे?
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीय ध्वज वाले दो कंटेनर पोत, सीजीएम डायमंड और सीजीएम मानुष, होर्मुज जलमार्ग के पश्चिमी हिस्से में हैं और निकलने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। इनके अलावा चार अन्य भारतीय पोत खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों में लगे हैं। बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि 1 मार्च से 17 जुलाई के बीच 59 पोत (23 भारतीय और 36 विदेशी) होर्मुज जलमार्ग से सुरक्षित गुजरकर भारत सामान लेकर पहुंचे हैं। मंत्रालय भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना के साथ निरंतर समन्वय बना रहा है। विश्व बैंक के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2025 के अनुसार भारत के तीन बंदरगाह, जेएनपीए, मुंद्रा और पिपावाव दुनिया के शीर्ष 30 बंदरगाहों में शामिल हैं।
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05:11 AM, 23-Jul-2026