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क्या एआई को लेकर सच हो रही आशंका?: ओपनएआई के मॉडल ने खुद तोड़ी सीमा; अपनी ही सुरक्षा में कैसे लगाई सेंध?

Thu, 23 Jul 2026 04:36 AM IST
प्रशांत तिवारी न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस। Published by: प्रशांत तिवारी Updated Thu, 23 Jul 2026 04:36 AM IST
सार

ओपनएआई ने खुलासा किया है कि उसके दो एआई मॉडल साइबर सुरक्षा परीक्षण के दौरान सैंडबॉक्स की सुरक्षा तोड़कर इंटरनेट तक पहुंच गए और हगिंग फेस डिजिटल लाइब्रेरी में घुसपैठ की। कंपनी ने इसे गंभीर सुरक्षा घटना माना है और भविष्य में कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने की घोषणा की है। इस बीच अमेरिकी प्रशासन भी एआई सुरक्षा नियमों को और सख्त करने की तैयारी में है।

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fears regarding AI coming true OpenAI's model broke its own boundaries breached its own safety measures
सैम ऑल्टमैन, सीईओ, ओपनएआई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से जताई जा रही आशंकाएं अब वास्तविकता का रूप लेती दिख रही हैं। चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। कंपनी के अनुसार, उसके दो अत्याधुनिक एआई मॉडल परीक्षण के दौरान तय सुरक्षा सीमाओं से बाहर निकल गए और एक डिजिटल लाइब्रेरी हगिंग फेस तक पहुंच गए। यह घटना उस समय हुई, जब ओपनएआई अपने एआई मॉडल्स की साइबर सुरक्षा क्षमताओं का परीक्षण कर रहा था।

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आखिर परीक्षण के दौरान ऐसा क्या हुआ?
इस घटना ने उन साइंस-फिक्शन जैसी आशंकाओं को वास्तविकता के करीब ला दिया है, जिनके बारे में एआई कंपनियां लंबे समय से चेतावनी देती रही हैं। ओपनएआई के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब उसने अपने दो मॉडल GPT-5.6 SOL और एक अन्य शक्तिशाली लेकिन अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए मॉडल को एक साथ साइबर सुरक्षा परीक्षण में शामिल किया। इस परीक्षण का उद्देश्य यह समझना था कि एआई मॉडल इंटरनेट पर मौजूद अलग-अलग सुरक्षा खामियों को जोड़कर किस तरह साइबर हमला कर सकते हैं।
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सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस घटना पर क्या कहा?
स्वतंत्र साइबर सुरक्षा शोधकर्ता रिचर्ड बार्न्स ने कहा कि 'फजर्स' नामक एक टूल ने भी पहले इसी तरह की चुनौती पेश की थी। उनका कहना है कि टेक कंपनियों को भविष्य में एआई आधारित साइबर हमलों से निपटने के लिए पहले से ही मजबूत सुरक्षा उपाय तैयार करने होंगे।
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एआई मॉडल ने सैंडबॉक्स की सुरक्षा कैसे तोड़ी?
यह पूरा परीक्षण सैंडबॉक्स यानी एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण में किया जा रहा था, जहां मॉडल्स को बाहरी इंटरनेट से पूरी तरह अलग रखा गया था। लेकिन परीक्षण के दौरान एआई मॉडल्स ने एक अज्ञात तकनीकी खामी खोज निकाली और उसी का फायदा उठाकर सैंडबॉक्स की सुरक्षा को भेद दिया। इसके बाद वे मुख्य इंटरनेट से जुड़ गए।

हगिंग फेस को ही क्यों बनाया गया निशाना?
मुख्य इंटरनेट तक पहुंचने के बाद एआई मॉडल्स ने सीधे हगिंग फेस नामक डिजिटल लाइब्रेरी को निशाना बनाया। सिस्टम ने यह आकलन किया था कि लाखों एआई मॉडल्स और ओपन-सोर्स संसाधनों से भरी इस लाइब्रेरी में ऐसे तकनीकी संकेत मिल सकते हैं, जिनकी मदद से वह अपना परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर सके।

सैम ऑल्टमैन ने क्या स्वीकार किया?
ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सैम ऑल्टमैन ने स्वीकार किया कि चोरी किए गए क्रेडेंशियल्स और एक अज्ञात तकनीकी खामी का इस्तेमाल कर एआई मॉडल सर्वर तक पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि मॉडल्स के मूल्यांकन के दौरान कंपनी को एक गंभीर सुरक्षा घटना का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, एआई मॉडल्स की क्षमताएं जितनी तेजी से बढ़ रही हैं, उसी गति से उनकी सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा।

किस तकनीकी कमजोरी का इस्तेमाल किया गया?
ओपनएआई के अनुसार, एआई मॉडल ने हगिंग फेस के सर्वर तक पहुंचने के लिए एक ऐसी अज्ञात तकनीकी कमजोरी का लाभ उठाया, जिसकी पहले पहचान नहीं हो पाई थी। इसी खामी की वजह से मॉडल निर्धारित सुरक्षा दायरे से बाहर निकलने में सफल रहा।

अब ओपनएआई क्या कदम उठाने जा रहा है?
कंपनी ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए वह अपने बुनियादी ढांचे के कॉन्फिगरेशन पर और अधिक कड़े नियंत्रण लागू करेगी। ओपनएआई का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो अनुसंधान की गति धीमी करने की कीमत पर भी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


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क्या अमेरिकी प्रशासन भी एआई सुरक्षा को लेकर सख्त हो गया है?
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत किसी भी नई एआई प्रणाली को सार्वजनिक किए जाने से पहले एक महीने तक सरकारी स्तर पर उसकी सुरक्षा जांच की जाएगी। इस घटना के बाद माना जा रहा है कि अमेरिकी प्रशासन एआई सुरक्षा नियमों को और अधिक सख्त बना सकता है।

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