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Agar Malwa: आगर कलेक्टर की आईडी लगाकर उज्जैन में बनाया जा रहा था फर्जी निवास प्रमाण पत्र, दो लोगों पर केस दर्ज
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, आगर-मालवा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 07 Jun 2024 06:38 PM IST
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सार
आगर-मालवा कलेक्टर की समग्र आईडी लगाकर उज्जैन जिले के खाचरौद में फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र बनाया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद दो लोगों पर केस दर्ज हुआ है।
राघवेंद्र सिंह, आगर कलेक्टर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उज्जैन में खाचरौद लोक सेवा केंद्र पर आगर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की समग्र आईडी लगाकर फर्जी तरीके से मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी करने का मामला प्रकाश में आया है। इसका खुलासा तब हुआ, जब आगर जिला कलेक्टर के मोबाइल पर मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी होने की सूचना पहुंची। मैसेज देखने के बाद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह आश्चर्य चकित रह गए कि उन्होंने मूल निवासी प्रमाण पत्र बनाने के लिए कोई आवेदन किया ही नहीं तो फिर यह मैसेज उन्हें कैसे आया। उन्हें शंका हुई कि कोई उनकी समग्र आईडी का दुरुपयोग कर रहा है। उसके माध्यम से फर्जी प्रमाण पत्र बनवा रहा है।
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बता दें कि उन्होंने अपने स्तर पर इसकी जांच की तो पता चला कि उनकी समग्र आईडी का उपयोग उज्जैन जिले की खाचरौद तहसील के लोक सेवा केंद्र से किया गया है। आगर कलेक्टर ने इसकी सूचना तत्काल उज्जैन जिला कलेक्टर को दी। उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने खाचरौद एसडीएम नेहा साहू को मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के लिए निर्देशित किया है।
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लोक सेवा केंद्र खाचरौद में कार्यरत ऑपरेटर रवि द्वारा खाचरौद तहसील के राघवेंद्र सिंह द्वारा मूल निवासी प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन किया था। लेकिन ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान उनके पास समग्र आईडी नहीं थी। ऑपरेटर रवि द्वारा आवेदक से रुपये लेकर उनके ही नाम के राघवेंद्र की अन्य किसी व्यक्ति की ऑनलाइन समग्र आईडी सर्च की और ऑनलाइन आवेदन में अपलोड कर दी। इससे मूल निवासी प्रमाण पत्र बनने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई।
इस फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र बनाने का खुलासा तब हुआ, जब जिस शख्स की फर्जी तरीके से समग्र आइडी ऑनलाइन सर्च की गई। वह व्यक्ति कोई और नहीं जबकि प्रशासनिक आधिकारिक आगर जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की निकली। उन्हें इसका मैसेज पहुंचा तो पता लगा कि कोई उनकी समग्र आईडी का दुरुपयोग कर रहा है। खाचरौद एसडीएम नेहा साहू ने बताया कि लोक सेवा केंद्र में कार्यरत कर्मचारी द्वारा फर्जी तरीके से आगर जिला कलेक्टर के नाम की समग्र आईडी का दुरुपयोग कर मूल निवासी प्रमाण पत्र बनाने का जो कृत्य किया है। उसके खिलाफ प्रतिवेदन तैयार कर पुलिस को प्रकरण दर्ज करने के लिए भेजा जा रहा है।
दर्ज कराई एफआईआर
दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। समग्र का ई-केवायसी करने पर उससे जुड़ी किसी भी सेवा का उपयोग करने पर एसएमएस पर सूचना मिलती है। मुझे भी स्थाई निवासी प्रमाण-पत्र को लेकर सूचना मिली। मैंने तत्काल ई-गवर्नेंस से जुड़े कर्मचारी को जांच में जुटाया। इससे पता चला कि खाचरौद में मूल निवासी प्रमाण-पत्र बन रहा है। इसके बाद मैंने वहां के तहसीलदार से बात की और घटना से कलेक्टर नीरज कुमार सिंह को अवगत कराया।

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