MP: इंस्टाग्राम पर प्यार, फिर अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल; फर्जी क्राइम ब्रांच बनकर युवती से वसूले 1.30 करोड़
Ashoknagar: सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की ठगी के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। ये सब करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
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सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया। पुलिस ने मामले में आदित्य सिंह तोमर, आयुषी चौहान, आकाश चौहान और आर्यन सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदे गए सोने-चांदी के जेवर, थार रॉक्स कार, स्कूटी, मोबाइल, लैपटॉप और नकदी बरामद की गई है।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पीड़िता ने परिजनों और समाज के लोगों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब पांच वर्ष पहले, जब वह नाबालिग थी और कक्षा 12वीं में पढ़ती थी, तब उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर आरोपी आदित्य सिंह तोमर से हुई। आरोपी ने शादी और सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर उससे प्रेम संबंध बनाए। इसके बाद वह युवती को अपने साथी आर्यन सोनी के स्टूडियो ले जाने लगा। आर्यन सोनी इंद्रा पार्क क्षेत्र में “आर्यन टैटू स्टूडियो” संचालित करता है। आरोप है कि वहीं युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो चोरी-छिपे बनाए गए।
कई बार बनाए शारीरिक संबंध
बाद में इन्हीं फोटो-वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गई। आरोप है कि आदित्य सिंह तोमर ने युवती की इच्छा के विरुद्ध कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पिता की मौत के बाद आरोपी ने 5 लाख रुपए की मांग की, जिस पर डर और बदनामी के कारण पीड़िता ने करीब 2 लाख रुपए नकद दे दिए। जब ब्लैकमेलिंग बढ़ने लगी तो पीड़िता ने अपनी परिचित आयुषी चौहान से मदद मांगी। आयुषी खुद को एस्ट्रोलॉजर बताती थी और ग्रह-नक्षत्र व भविष्यवाणी के नाम पर लोगों को प्रभावित करती थी। उसने पीड़िता को डराया कि उसके जीवन में बड़ी अनहोनी होने वाली है और वह अपने पति आकाश चौहान के साथ उसकी मदद कर सकती है।
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ऐसे दिलाया भरोसा
आयुषी चौहान ने पीड़िता को भरोसा दिलाया कि वह पुलिस अधिकारियों को जानती है और फोटो-वीडियो डिलीट करवा देगी। इसके एवज में पहले डेढ़ लाख रुपए लिए गए। इसके बाद जनवरी 2025 से पीड़िता को अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। कॉल करने वाले खुद को पुलिस इंस्पेक्टर और क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर जेल भेजने, झूठे मामलों में फंसाने और वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे।
35 लाख रुपए का गोल्ड लोन लिया
डर के माहौल में पीड़िता से 10 लाख रुपए, फिर 25-25 लाख रुपए की कई किश्तों में रकम वसूली गई। दीपावली से पहले एक आरोपी ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का वरिष्ठ अधिकारी बताकर 60 लाख रुपए की मांग की। आयुषी चौहान ने भी पीड़िता को डराया कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। इसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को पीड़िता को गोल्ड फाइनेंस कंपनी ले जाया गया, जहां करीब 450 ग्राम सोने के आभूषण गिरवी रखकर लगभग 35 लाख रुपए का गोल्ड लोन लिया गया। यह रकम आयुषी चौहान के खाते में जमा कराई गई।
जांच में हुई खुलासा
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ठगी की रकम से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे। महंगी गाड़ियां, ब्रांडेड कपड़े और लग्जरी लाइफस्टाइल उनके शौक में शामिल थे। आयुषी चौहान खुद को तांत्रिक और एस्ट्रोलॉजर बताकर लोगों में प्रभाव जमाती थी और ठगी की रकम का कुछ हिस्सा दान-पुण्य में खर्च करती थी, ताकि किसी को उस पर शक न हो। कोतवाली थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

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