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बड़ी कार्रवाई: बालाघाट में फर्जी सिम का नेटवर्क बेनकाब, तीन गिरफ्तार; पांच चेहरों से जारी किए 450 सिम कॉर्ड

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट Published by: बालाघाट ब्यूरो Updated Thu, 02 Apr 2026 09:36 AM IST
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सार

बालाघाट में फर्जी सिम कार्ड के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पांच चेहरों के जरिए 450 सिम अवैध रूप से सक्रिय किए जा रहे थे।

Fake SIM network exposed in Balaghat, three arrested; 450 SIMs issued from five faces
गिरफ्तार किया गया आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बालाघाट में फर्जी सिम कार्ड के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो महज पांच लोगों के चेहरों का इस्तेमाल कर 450 सिम कार्ड अवैध रूप से सक्रिय कर रहे थे। इस गिरोह के तार मध्यप्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश तक जुड़े पाए गए हैं।
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पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बुधवार को बताया कि मामले का खुलासा दूरसंचार विभाग (DOT) के एआई आधारित फेस एनालिसिस टूल ‘ऑपरेशन फेस’ के जरिए हुआ। विभाग से मिली सूचना के बाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई।
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एक ही चेहरे से कई सिम एक्टिव
जांच में सामने आया कि 450 सिम कार्ड अलग-अलग नाम और पतों पर जारी किए गए थे, लेकिन उनमें इस्तेमाल किए गए फोटो सिर्फ पांच लोगों के ही थे। इससे साफ हुआ कि केवाईसी प्रक्रिया में सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया गया।

दंपती समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने बैहर निवासी मोबाइल दुकान संचालक महेंद्र उर्फ संतोष पटले और उसकी पत्नी प्रियंका पटले को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा परसवाड़ा का कियोस्क संचालक खुमेश गौतम भी पकड़ा गया है, जो भोपाल की एक मोबाइल कंपनी के लिए सिम बेचने का काम करता था। तीनों आरोपियों को 31 मार्च को गिरफ्तार किया गया है।

दस्तावेजों का दुरुपयोग कर कमाई
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी 2019 से 2022 के बीच सिम एक्टिवेशन और पोर्टिंग के दौरान ग्राहकों के दस्तावेजों का उनकी जानकारी के बिना इस्तेमाल करते थे। केवाईसी के समय अपनी फोटो अपलोड कर सिम चालू कर लेते थे और बाद में इन्हें ऊंचे दामों पर भोपाल और उत्तर प्रदेश में बेच देते थे।

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19 नामजद, जांच जारी
एसपी के मुताबिक, इस मामले में तीन अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर कुल 19 लोगों को नामजद किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस की एक टीम जांच के सिलसिले में भोपाल भेजी गई है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पहचान पत्र किसी अंजान व्यक्ति को न दें। यदि फोटोकॉपी देना जरूरी हो, तो उस पर उद्देश्य लिखकर ‘क्रॉस’ जरूर करें, ताकि दुरुपयोग रोका जा सके।

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