MP: क्रूज का कांच तोड़ यात्रियों को दी जैकेट, पिता ने 30 मिनट तक पानी में बेटे को उठाए रखा; नहीं तोड़ी हिम्मत
जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में जहां चारों ओर चीख-पुकार और मौत का साया था, वहीं एक पिता अपने मासूम बेटे को बचाने के लिए मौत से जूझ रहा था। रोशन आनंद ने न सिर्फ अपने एक वर्षीय बच्चे को सीने से लगाकर जिंदगी दी, बल्कि कई अनजान लोगों के लिए भी उम्मीद की किरण बन गए। यह कहानी सिर्फ एक हादसे की नहीं, बल्कि हिम्मत, प्यार और इंसानियत की मिसाल है।
विस्तार
परिवार के साथ क्रूज सवार कई लोगों की जैकेट देकर बचाई जान
बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के दौरान एक यात्री रोशन आनंद ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए अपने एक वर्षीय बेटे समेत कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
रोशन आनंद ने बताया कि हादसे के समय वह अपने परिवार के साथ क्रूज में सवार थे। जैसे ही क्रूज का संतुलन बिगड़ा और पायलट व क्रू मेंबर जहाज से कूद गए, उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझ लिया। उन्होंने तुरंत केबिन का कांच तोड़कर तेज हवाओं के बीच लाइफ सेविंग जैकेट लेने के लिए क्रूज के पहले फ्लोर पर पहुंचकर अपने परिवार सहित अन्य यात्रियों को जैकेट पहनने में मदद की।
एक हाथ से अपने बच्चे को पानी के ऊपर थामे रखा
जब क्रूज डूबने लगा, तो उन्होंने अपने एक वर्षीय बेटे को लाइफ जैकेट पहनाकर खुद भी बांध में छलांग लगा दी। करीब आधे घंटे तक उन्होंने एक हाथ से अपने बच्चे को पानी के ऊपर थामे रखा। इस दौरान एक बार बच्चा उनके हाथ से छूट भी गया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दोबारा उसे संभाल लिया। लगातार संघर्ष के बीच उनके हाथ जवाब देने लगे थे, लेकिन उन्होंने साहस बनाए रखा। करीब 45 मिनट बाद रेस्क्यू बोट पहुंची और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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रोशन आनंद ने बताया कि उनके बेटे का 1 मई को पहला जन्मदिन था, जिसकी परिवार ने भव्य तैयारी की थी। हालांकि हादसे के चलते कई लोगों की जान चली गई, जिससे परिवार ने जन्मदिन को सादगी से मनाने का निर्णय लिया। बाद में परिवार बच्चे को मंदिर ले गया, जहां पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया गया। इस घटना ने जहां एक ओर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं रोशन आनंद की बहादुरी की भी सराहना की जा रही है।
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रोशन आनंद कहते हैं कि क्रूज में परिवार था। बच्चे का बीते शुक्रवार को पहला जन्मदिन था। बेटे के पहले जन्मदिन को शानदार तरीके से मनाने के लिए परिवार ने पूरा कार्यक्रम तैयार कर रखा था। इस हादसे में उनके परिवार के लोग तो सुरक्षित बच गए है। लेकिन कई क्रूज सवारों की मौत हो गई। जिसके कारण हमने बच्चे के पहला जन्मदिन का कार्यक्रम निरस्त कर दिया। सिर्फ औपचारिकता की। बच्चे को मंदिर ले गए।

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