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Barwani News: एक पैर से दिव्यांग लोकेन्द्र ने संघर्ष को बनाया ताकत, इंडिया-ए दिव्यांग क्रिकेट टीम में बनाई जगह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानी
Published by: बड़वानी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 02:07 PM IST
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सार
बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र के ग्राम मोरदड़ निवासी लोकेन्द्र आर्य ने संघर्ष और हौसले की मिसाल पेश करते हुए दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया की इंडिया-ए टीम में जगह बनाई है। जन्म से एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों व चुनौतियों के बीच सफलता अर्जित की है।
लोकेंद्र आर्य।
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विस्तार
बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र के ग्राम मोरदड़ निवासी लोकेन्द्र आर्य का चयन दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया की इंडिया-ए टीम में हुआ है। वे 13 से 15 जून तक हरियाणा के यमुनानगर में आयोजित केसरी दिव्यांग टूर्नामेंट-2026 में हिस्सा लेंगे।
एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने संघर्ष, मेहनत और क्रिकेट के प्रति समर्पण के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। 26 वर्षीय लोकेन्द्र आर्य किसान परिवार से आते हैं। जन्म से एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने क्रिकेट के प्रति अपना जुनून कभी कम नहीं होने दिया।
बचपन से ही उन्हें क्रिकेट खेलने का शौक था। वे बताते हैं कि तीन-चार वर्ष की उम्र से ही उनके पास प्लास्टिक का बैट रहता था और बाद में लकड़ी के पल्ले को बैट बनाकर गांव के बच्चों के साथ खेलना शुरू किया। बचपन में उन्हें लोगों के ताने सुनने पड़े। परिवार की आर्थिक परिस्थितियों और सामाजिक दबाव के बीच उन्हें विकलांग सेवा आश्रम में भी रहना पड़ा। वहां शुरुआती दिन कठिन रहे, लेकिन आश्रम में क्रिकेट खेलते खिलाड़ियों को देखकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने खेल को ही अपना लक्ष्य बना लिया।
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क्रिकेट ने बदली पहचान
पिछले तीन वर्षों से लोकेन्द्र लगातार क्रिकेट का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने जबलपुर, शिरडी, सतना, मैहर सहित कई स्थानों पर आयोजित दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। पिछले वर्ष पुणे में आयोजित स्टेट लेवल प्रतियोगिता में भी वे मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वे दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन मध्य प्रदेश की सतपुड़ा डिवीजन (ग्रामीण) टीम के कप्तान हैं।
वर्ष 2021 में विश्व दिव्यांग दिवस के दौरान उन्हें दिव्यांग क्रिकेटर टीम के कप्तान ब्रजेश द्विवेदी के बारे में जानकारी मिली। उनसे मुलाकात के बाद उनका ट्रायल हुआ और आगे बढ़ने का अवसर मिला। उनके मार्गदर्शन से लोकेन्द्र का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी बल्लेबाजी से आकर्षित किया।
ये भी पढ़ें- मैहर में भाजपा का कार्यक्रम बना अखाड़ा: सांसद व पूर्व मंत्री की मौजूदगी में भिड़े नेता, फीकी पड़ी उपलब्धियां
प्रदेश के लिए गौरव का अवसर
लोकेन्द्र के साथ मध्यप्रदेश के रामकिशोर यादव, वेदांत गुप्ता, रामबरन, मिथिलेश सिंह और लकी कराड़िया का भी चयन हुआ है। दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन मध्यप्रदेश के कोच अंकित शर्मा ने सभी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। लोकेन्द्र का सपना भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करना है। उनकी उपलब्धि से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने संघर्ष, मेहनत और क्रिकेट के प्रति समर्पण के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। 26 वर्षीय लोकेन्द्र आर्य किसान परिवार से आते हैं। जन्म से एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने क्रिकेट के प्रति अपना जुनून कभी कम नहीं होने दिया।
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बचपन से ही उन्हें क्रिकेट खेलने का शौक था। वे बताते हैं कि तीन-चार वर्ष की उम्र से ही उनके पास प्लास्टिक का बैट रहता था और बाद में लकड़ी के पल्ले को बैट बनाकर गांव के बच्चों के साथ खेलना शुरू किया। बचपन में उन्हें लोगों के ताने सुनने पड़े। परिवार की आर्थिक परिस्थितियों और सामाजिक दबाव के बीच उन्हें विकलांग सेवा आश्रम में भी रहना पड़ा। वहां शुरुआती दिन कठिन रहे, लेकिन आश्रम में क्रिकेट खेलते खिलाड़ियों को देखकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने खेल को ही अपना लक्ष्य बना लिया।
क्रिकेट ने बदली पहचान
पिछले तीन वर्षों से लोकेन्द्र लगातार क्रिकेट का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने जबलपुर, शिरडी, सतना, मैहर सहित कई स्थानों पर आयोजित दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। पिछले वर्ष पुणे में आयोजित स्टेट लेवल प्रतियोगिता में भी वे मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वे दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन मध्य प्रदेश की सतपुड़ा डिवीजन (ग्रामीण) टीम के कप्तान हैं।
वर्ष 2021 में विश्व दिव्यांग दिवस के दौरान उन्हें दिव्यांग क्रिकेटर टीम के कप्तान ब्रजेश द्विवेदी के बारे में जानकारी मिली। उनसे मुलाकात के बाद उनका ट्रायल हुआ और आगे बढ़ने का अवसर मिला। उनके मार्गदर्शन से लोकेन्द्र का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी बल्लेबाजी से आकर्षित किया।
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प्रदेश के लिए गौरव का अवसर
लोकेन्द्र के साथ मध्यप्रदेश के रामकिशोर यादव, वेदांत गुप्ता, रामबरन, मिथिलेश सिंह और लकी कराड़िया का भी चयन हुआ है। दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन मध्यप्रदेश के कोच अंकित शर्मा ने सभी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। लोकेन्द्र का सपना भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करना है। उनकी उपलब्धि से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

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