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MP Betul Lok Sabha Election 2024 : कम मतदान ने बढ़ाई दोनों दलों की चिंता, दोनों का अपनी बड़ी जीत का दावा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, बैतूल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 31 May 2024 12:45 PM IST
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सार
MP Betul Lok Sabha Election 2024 : बैतूल लोकसभा में ये दोनों ही पार्टी मुख्य मुकाबले में रहती है । इस बार भी भाजपा से दुर्गादास उईके और कांग्रेस के रामू टेकाम मैदान में थे। अब देखना ये होगा कि 4 जून को किसकी पताका लहराती है।
बैतूल लोकसभा क्षेत्र में दोनों दलों में ही मुकाबला होता रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा चुनाव बैतूल में तीसरे चरण में पूर्ण हो चुका था। अब सभी को मतगणना का इंतजार है, जो कि 4 जून को है। ऐसे में सबसे पहले ये जान लेना जरूरी है कि बैतूल जो लोकसभा सीट है यहां हमेशा से ही मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच रहा। 1952 में बैतूल संसदीय सीट का गठन हुआ तभी से यहां भाजपा का राज रहा है।
गौरतलब है कि गठन होने के पांच चुनावों में कांग्रेस की जीत हुई मगर फिर भाजपा सत्ता में आई और कांग्रेस को जीत हासिल नहीं हुई। इससे ये साफ है कि बैतूल लोकसभा में ये दोनों ही पार्टी मुख्य मुकाबले में रहती है । इस बार भी भाजपा से दुर्गादास उईके और कांग्रेस के रामू टेकाम मैदान में थे। अब देखना ये होगा कि 4 जून को किसकी पताका लहराती है।
करीब पांच प्रतिशत कम हुआ था मतदान
बैतूल लोकसभा में मतदान प्रतिशत की बात करें तो यहां 2024 में कुल मतदान प्रतिशत 73.53% रहा। इसमे पुरुषों का प्रतिशत 74.87% रहा और महिलाओं का प्रतिशत 72.13% रहा। वहीं वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में ये प्रतिशत 78.15% था।
चुनावी मुद्दा
लोकसभा चुनाव 2024 में स्थानीय मुद्दे जैसे रोजगार, युवा वर्ग का पलायन, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और उज्जवल भविष्य रहे। इसमें दोनों ही पार्टियों में काबिज नेताओं ने जनता को आश्वासन दिलाया है कि जिस भी पार्टी की सरकार बनेगी वो जिले में उद्योग स्थापित करेगा। इससे यहां रोजगार के अवसर पैदा होंगे तो वहीं युवा वर्ग पलायन नहीं करेगा।
मतगणना की व्यवस्था
मतगणना व्यवस्था की बात करें तो जिले के जेएच कॉलेज में इसकी व्यवस्था की गई है जहां विधानसभा वार गणना की जाएगी। साथ ही हर विधानसभा के लिए अलग-अलग रंग के प्रवेश पत्र दिए जाएंगे, जिससे कि आसानी से पहचान की जा सके जिसमें मुलताई विधानसभा के लिए काउंटिंग कक्ष क्रमांक 20 एवं 21 में होगी। मुलताई के लिए प्रतिनिधियों के प्रवेश पत्र बैगनी कलर के होगे। आमला विधानसभा क्षेत्र के लिए कक्ष क्रमांक 18 एवं 19 में 21 टेबिल पर गणना होगी। यहां प्रतिनिधियों के प्रवेश पत्र का रंग पीला होगा। आसमानी कलर बैतूल विधानसभा क्षेत्र के लिए रखा गया है। बैतूल की गणना कक्ष क्रमांक 6 एवं 7 में होगी। घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के लिए गणना कक्ष 33 एवं 34 में प्रथम तल पर स्थित कक्षों में की जाएगी। यहां प्रतिनिधियों को गुलाबी प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। विधानसभा भैंसदेही की गणना कक्ष क्रमांक 31 एवं 32 में 12-12 टेबिलों पर की जाएगी। यहां प्रतिनिधियों के प्रवेश पत्र फिरोजी रंग के रखे गए हैं।
बैतूल लोकसभा सीट पर 28 वर्षों से भाजपा
वर्ष 1952 में जब बैतूल संसदीय सीट का गठन हुआ, तब यहां पहले पांच चुनावों में 1971 तक कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव जीतते रहे। फिर 1980, 1984 और 1991 में कांग्रेस उम्मीदवार जीते, लेकिन 1996 से 2023 तक हुए आठ लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत हासिल नहीं हुई।
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गौरतलब है कि गठन होने के पांच चुनावों में कांग्रेस की जीत हुई मगर फिर भाजपा सत्ता में आई और कांग्रेस को जीत हासिल नहीं हुई। इससे ये साफ है कि बैतूल लोकसभा में ये दोनों ही पार्टी मुख्य मुकाबले में रहती है । इस बार भी भाजपा से दुर्गादास उईके और कांग्रेस के रामू टेकाम मैदान में थे। अब देखना ये होगा कि 4 जून को किसकी पताका लहराती है।
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करीब पांच प्रतिशत कम हुआ था मतदान
बैतूल लोकसभा में मतदान प्रतिशत की बात करें तो यहां 2024 में कुल मतदान प्रतिशत 73.53% रहा। इसमे पुरुषों का प्रतिशत 74.87% रहा और महिलाओं का प्रतिशत 72.13% रहा। वहीं वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में ये प्रतिशत 78.15% था।
चुनावी मुद्दा
लोकसभा चुनाव 2024 में स्थानीय मुद्दे जैसे रोजगार, युवा वर्ग का पलायन, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और उज्जवल भविष्य रहे। इसमें दोनों ही पार्टियों में काबिज नेताओं ने जनता को आश्वासन दिलाया है कि जिस भी पार्टी की सरकार बनेगी वो जिले में उद्योग स्थापित करेगा। इससे यहां रोजगार के अवसर पैदा होंगे तो वहीं युवा वर्ग पलायन नहीं करेगा।
मतगणना की व्यवस्था
मतगणना व्यवस्था की बात करें तो जिले के जेएच कॉलेज में इसकी व्यवस्था की गई है जहां विधानसभा वार गणना की जाएगी। साथ ही हर विधानसभा के लिए अलग-अलग रंग के प्रवेश पत्र दिए जाएंगे, जिससे कि आसानी से पहचान की जा सके जिसमें मुलताई विधानसभा के लिए काउंटिंग कक्ष क्रमांक 20 एवं 21 में होगी। मुलताई के लिए प्रतिनिधियों के प्रवेश पत्र बैगनी कलर के होगे। आमला विधानसभा क्षेत्र के लिए कक्ष क्रमांक 18 एवं 19 में 21 टेबिल पर गणना होगी। यहां प्रतिनिधियों के प्रवेश पत्र का रंग पीला होगा। आसमानी कलर बैतूल विधानसभा क्षेत्र के लिए रखा गया है। बैतूल की गणना कक्ष क्रमांक 6 एवं 7 में होगी। घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के लिए गणना कक्ष 33 एवं 34 में प्रथम तल पर स्थित कक्षों में की जाएगी। यहां प्रतिनिधियों को गुलाबी प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। विधानसभा भैंसदेही की गणना कक्ष क्रमांक 31 एवं 32 में 12-12 टेबिलों पर की जाएगी। यहां प्रतिनिधियों के प्रवेश पत्र फिरोजी रंग के रखे गए हैं।
बैतूल लोकसभा सीट पर 28 वर्षों से भाजपा
वर्ष 1952 में जब बैतूल संसदीय सीट का गठन हुआ, तब यहां पहले पांच चुनावों में 1971 तक कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव जीतते रहे। फिर 1980, 1984 और 1991 में कांग्रेस उम्मीदवार जीते, लेकिन 1996 से 2023 तक हुए आठ लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत हासिल नहीं हुई।

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