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भोपाल दंपती हत्याकांड खुलासा: दो करोड़ का मकान हड़पने की साजिश रच किया कत्ल, प्रॉपर्टी डीलर भाइयों की करतूत
Wed, 15 Jul 2026 10:34 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 15 Jul 2026 10:34 PM IST
सार
भोपाल के ऐशबाग डबल मर्डर में पुलिस ने खुलासा किया कि रिटायर्ड दंपती की हत्या उनकी दो करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने की साजिश के तहत की गई। फर्जी गिफ्ट डीड बनवाई गई थी। दो प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार हुए हैं, जबकि मृतका की भाभी की भूमिका की भी जांच जारी है।
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भोपाल में दंपति हत्याकांड के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी के ऐशबाग इलाके में हुए दंपती के सनसनीखेज हत्याकांड में भोपाल पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुदामा नगर में रहने वाले रिटायर्ड दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की हत्या उनके 2 करोड़ की कीमत के मकान और अन्य संपत्तियों को हड़पने की साजिश के चलते की गई थी। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने इस संपत्ति का एक फर्जी दानपत्र (गिफ्ट डीड) तैयार करवा लिया था। जब मृतक हेमंत फिलेमोन इस मकान को 1 करोड़ 20 लाख में बेचने की तैयारी करने लगे, तो आरोपियों को अपनी साजिश नाकाम होती दिखी। इसी कारण इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया। मामले में पुलिस ने कजलीखेड़ा निवासी प्रॉपर्टी डीलर सगे भाई श्रीकांत और शशिकांत चिचलिया को गिरफ्तार किया है, जबकि शकुंतला की भाभी को हत्याकांड का मास्टर माइंड माना जा रहा है, हालांकि, अभी उससे पूछताछ जारी है।
प्लॉट बिकवाने के दौरान हुआ संपर्क
आरोपियों ने कुछ माह पहले हेमंत फिलेमोन की पत्नी शकुंतला के पहले पति के नाम से उसके नाम आए एक प्लाॅट को 13 लाख रुपये में बिकवाया था। इसी दौरान आरोपियों का फिलेमोन दंपती से संपर्क हुआ था। 43 वर्षीय श्रीकांत शाहपुरा थाने का निगरानी बदमाश है, जबकि 35 वर्षीय उसका भाई शशिकांत फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रहा है।
ये भी पढ़ें-भोपाल के डबल मर्डर केस का खुलासा: पहले तैयार किया था फर्जी दान पत्र; फिर रिटायर्ड दंपती को उतारा मौत के घाट
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आरोपियों से शिवानी ने मिलवाया था
श्रीकांत और शशिकांत को फिलेमोन दंपती से शकुंतला की भाभी शिवानी बारीक ने मिलवाया था। शिवानी भेल में नौकरी करती थी, लेकिन उस पर करीब 20 लाख का ऋण है। कुछ दिन पहले शिवानी के खाते में छह लाख से अधिक की रकम आई है। 24 जून को शिवानी ने अपनी ननद शकुंतला से फोन पर बात की थी, जब पता चला कि शकुंतला और हेमंत फिलेमोन सुदामा नगर स्थित घर पर हैं, इसके बाद शिवानी ने श्रीकांत से बात की और उन्हें बताया कि दोनों घर पर हैं। इस फोन काॅल के कुछ घंटे के अंदर ही दोनों की हत्या हो गई। इस कारण भोपाल पुलिस शिवानी बारीक को हत्याकांड का मास्टरमाइंड मानकर मामले की जांच कर रही है।
शिवानी की गिरफ्तारी का अंदेशा
हालांकि, पुलिस आयुक्त ने कहा कि शिवानी से कई दौर की पूछताछ हो चुकी है, लेकिन अभी भी उसकी भूमिका हत्याकांड में है या नहीं, इसका पुख्ता साक्ष्य पुलिस के पास नहीं है। आशंका है कि जल्दी ही भोपाल पुलिस शिवानी बारीक को भी गिरफ्तार कर सकती है।
कजलीखेड़ा नाले में फेंका था कट्टा
पुलिस ने शिवानी सहित अन्य रिश्तेदारों की काॅल डिटेल निकाली तो श्रीकांत चिचलिया से उसका लगातार संपर्क सामने आया। इसके बाद श्रीकांत चिचलिया से पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार किया कि हम दोनों भाई शिवानी के कहने पर ही हेमंत फिलेमोन से मिले और उनसे संपर्क किया और इटारसी में शकुंतला के नाम के प्लाॅट को बिकवाया था। श्रीकांत अपने भाई के साथ कजलीखेड़ा में वर्षों से रह रहा है, यहीं पर नाले से पुलिस ने वह कट्टा भी बरामद कर लिया है, जिससे हेमंत और उनकी पत्नी की हत्या की गई है। इसी क्षेत्र में हेमंत फिलेमोन का फोन भी स्विच आफ हुआ था। बता दें, फिलेमोन दंपती निसंतान थे।
ये भी पढ़ें- भोपाल का दोहरा हत्याकांड: पुलिस ने जारी किए संदिग्ध आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज, एआई से होगी हमलावरों की पहचान
शिवानी के बेटे के नाम करने वाले थे मकान
जांच में खुलासा हुआ कि मृतका शकुंतला की भाभी शिवानी बारीक ने वर्ष 2021 में आरोपी श्रीकांत के जरिए ऋषिपुरम स्थित अपनी एक प्रॉपर्टी बेची थी। इस संपत्ति पर शिवानी के दिवंगत बेटे वैभव के लिए एक स्टूडियो बनाया गया था, जिसका 2020 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। पहले फिलेमोन दंपती यह मकान शिवानी के बेटे वैभव को ही देने वाले थे, लेकिन उसकी मौत के बाद उन्होंने अपनी सेवा करने वाले किसी व्यक्ति को यह संपत्ति सौंपने का मन बना लिया था। इसी बीच, हेमंत की इटारसी स्थित एक अन्य संपत्ति को बेचने के लिए शिवानी ने ही श्रीकांत से उनकी मुलाकात कराई थी। इस दौरान संपत्ति को लेकर दो बार पावर ऑफ अटॉर्नी भी बनाई गई, जिसे लेकर शुरुआती विवाद की बात सामने आई है।
मकान बेचने की जानकारी के बाद बनाया हत्या का प्लान
श्रीकांत ने पूछताछ में बताया कि मैंने दंतपी के संबंध में पूरी जानकारी जुटा ली थी। शिवानी ने भी बताया था कि वह अपनी संपत्ति मेरे बेटे को देना चाहते थे, लेकिन मेरे बेटे की मौत हो गई है। मेरे दूसरे बेटे को वह अपनी संपत्ति देंगे या नहीं, भरोसा नहीं। इसके बाद आरोपियों ने इटारसी की संपत्ति बेचने के दौरान कराए गए एग्रीमेंट के वक्त ही शकुंतला और हेमंत से भोपाल के सुदामा नगर स्थित मकान के फर्जी दान पत्र पर भी हस्ताक्षर करा लिए थे। श्रीकांत ने सोचा था कि जब दोनों की मौत होगी तो यह मकान मुझे ही मिलेगा। इस मकान की वर्तमान कीमत दो करोड़ आंकी जा रही है, लेकिन हेमंत फिलेमोन उक्त मकान को एक करोड़ 20 लाख में बेचने का सौदा करने जा रहे थे। ऐसे में दो करोड़ का मकान हाथ से जाने के डर से श्रीकांत ने हत्या की साजिश रची।
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प्लॉट बिकवाने के दौरान हुआ संपर्क
आरोपियों ने कुछ माह पहले हेमंत फिलेमोन की पत्नी शकुंतला के पहले पति के नाम से उसके नाम आए एक प्लाॅट को 13 लाख रुपये में बिकवाया था। इसी दौरान आरोपियों का फिलेमोन दंपती से संपर्क हुआ था। 43 वर्षीय श्रीकांत शाहपुरा थाने का निगरानी बदमाश है, जबकि 35 वर्षीय उसका भाई शशिकांत फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रहा है।
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आरोपियों से शिवानी ने मिलवाया था
श्रीकांत और शशिकांत को फिलेमोन दंपती से शकुंतला की भाभी शिवानी बारीक ने मिलवाया था। शिवानी भेल में नौकरी करती थी, लेकिन उस पर करीब 20 लाख का ऋण है। कुछ दिन पहले शिवानी के खाते में छह लाख से अधिक की रकम आई है। 24 जून को शिवानी ने अपनी ननद शकुंतला से फोन पर बात की थी, जब पता चला कि शकुंतला और हेमंत फिलेमोन सुदामा नगर स्थित घर पर हैं, इसके बाद शिवानी ने श्रीकांत से बात की और उन्हें बताया कि दोनों घर पर हैं। इस फोन काॅल के कुछ घंटे के अंदर ही दोनों की हत्या हो गई। इस कारण भोपाल पुलिस शिवानी बारीक को हत्याकांड का मास्टरमाइंड मानकर मामले की जांच कर रही है।
शिवानी की गिरफ्तारी का अंदेशा
हालांकि, पुलिस आयुक्त ने कहा कि शिवानी से कई दौर की पूछताछ हो चुकी है, लेकिन अभी भी उसकी भूमिका हत्याकांड में है या नहीं, इसका पुख्ता साक्ष्य पुलिस के पास नहीं है। आशंका है कि जल्दी ही भोपाल पुलिस शिवानी बारीक को भी गिरफ्तार कर सकती है।
कजलीखेड़ा नाले में फेंका था कट्टा
पुलिस ने शिवानी सहित अन्य रिश्तेदारों की काॅल डिटेल निकाली तो श्रीकांत चिचलिया से उसका लगातार संपर्क सामने आया। इसके बाद श्रीकांत चिचलिया से पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार किया कि हम दोनों भाई शिवानी के कहने पर ही हेमंत फिलेमोन से मिले और उनसे संपर्क किया और इटारसी में शकुंतला के नाम के प्लाॅट को बिकवाया था। श्रीकांत अपने भाई के साथ कजलीखेड़ा में वर्षों से रह रहा है, यहीं पर नाले से पुलिस ने वह कट्टा भी बरामद कर लिया है, जिससे हेमंत और उनकी पत्नी की हत्या की गई है। इसी क्षेत्र में हेमंत फिलेमोन का फोन भी स्विच आफ हुआ था। बता दें, फिलेमोन दंपती निसंतान थे।
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शिवानी के बेटे के नाम करने वाले थे मकान
जांच में खुलासा हुआ कि मृतका शकुंतला की भाभी शिवानी बारीक ने वर्ष 2021 में आरोपी श्रीकांत के जरिए ऋषिपुरम स्थित अपनी एक प्रॉपर्टी बेची थी। इस संपत्ति पर शिवानी के दिवंगत बेटे वैभव के लिए एक स्टूडियो बनाया गया था, जिसका 2020 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। पहले फिलेमोन दंपती यह मकान शिवानी के बेटे वैभव को ही देने वाले थे, लेकिन उसकी मौत के बाद उन्होंने अपनी सेवा करने वाले किसी व्यक्ति को यह संपत्ति सौंपने का मन बना लिया था। इसी बीच, हेमंत की इटारसी स्थित एक अन्य संपत्ति को बेचने के लिए शिवानी ने ही श्रीकांत से उनकी मुलाकात कराई थी। इस दौरान संपत्ति को लेकर दो बार पावर ऑफ अटॉर्नी भी बनाई गई, जिसे लेकर शुरुआती विवाद की बात सामने आई है।
मकान बेचने की जानकारी के बाद बनाया हत्या का प्लान
श्रीकांत ने पूछताछ में बताया कि मैंने दंतपी के संबंध में पूरी जानकारी जुटा ली थी। शिवानी ने भी बताया था कि वह अपनी संपत्ति मेरे बेटे को देना चाहते थे, लेकिन मेरे बेटे की मौत हो गई है। मेरे दूसरे बेटे को वह अपनी संपत्ति देंगे या नहीं, भरोसा नहीं। इसके बाद आरोपियों ने इटारसी की संपत्ति बेचने के दौरान कराए गए एग्रीमेंट के वक्त ही शकुंतला और हेमंत से भोपाल के सुदामा नगर स्थित मकान के फर्जी दान पत्र पर भी हस्ताक्षर करा लिए थे। श्रीकांत ने सोचा था कि जब दोनों की मौत होगी तो यह मकान मुझे ही मिलेगा। इस मकान की वर्तमान कीमत दो करोड़ आंकी जा रही है, लेकिन हेमंत फिलेमोन उक्त मकान को एक करोड़ 20 लाख में बेचने का सौदा करने जा रहे थे। ऐसे में दो करोड़ का मकान हाथ से जाने के डर से श्रीकांत ने हत्या की साजिश रची।
