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मध्य प्रदेश: 48 घंटे बाद भी महिला को गोली मारने वाले का सुराग नहीं, अब कॉल डिटेल खंगालेगी पुलिस
Fri, 23 Oct 2026 05:38 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Fri, 23 Oct 2026 05:38 PM IST
सार
भोपाल के टीला जमालपुरा स्थित हैदर टावर की पांचवीं मंजिल पर टहल रही सायरा खान के पैर में गोली लगने के मामले में 48 घंटे बाद भी पुलिस को आरोपी का सुराग नहीं मिला है। पुलिस अब महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज, आसपास के लोगों के बयान और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल के टीला जमालपुरा स्थित हैदर टावर की पांचवीं मंजिल पर टहल रही सायरा खान के पैर में गोली कैसे लगी और गोली चलाने वाला कौन है, इन सवालों का जवाब 48 घंटे बाद भी पुलिस के पास नहीं है। महिला के बयानों से भी गोली चलाने वाले के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। ऐसे में अब पुलिस महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ करने की तैयारी में है।
पुलिस आपसी विवाद, अवैध हथियार से गलती से गोली चलने और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना की रहस्यमय परिस्थितियों ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या महिला किसी कारण से कुछ जानकारी पुलिस से छिपा रही है। फिलहाल न तो गोली चलाने वाले की पहचान हो सकी है और न ही यह स्पष्ट हुआ है कि महिला को जानबूझकर निशाना बनाया गया था या वह कहीं और से चली गोली का शिकार हुईं।
महिला के बयान से नहीं मिला सुराग
पुलिस के अनुसार घटना कच्ची मस्जिद रोड स्थित हैदर टावर की है। सायरा खान अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल की छत पर टहल रही थीं। इसी दौरान उन्हें पैर में अचानक कुछ चुभने का एहसास हुआ। शुरुआत में उन्हें चोट लगने का अंदाजा हुआ, लेकिन अस्पताल में जांच कराने पर पता चला कि उनके पैर में गोली लगी है। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने महिला के बयान दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन उनके बयानों से गोली चलाने वाले के बारे में कोई अहम जानकारी सामने नहीं आई। महिला को गोली किस दिशा से लगी और गोली कहां से चलाई गई, यह भी अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
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अब कॉल डिटेल से तलाशे जाएंगे कनेक्शन
गोली चलाने वाले तक पहुंचने के लिए पुलिस अब सायरा खान के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की जांच करने की तैयारी में है। इसके जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि घटना से पहले उनकी किन लोगों से बातचीत हुई थी और क्या किसी विवाद या तनाव से जुड़ा कोई पहलू सामने आता है। हालांकि, कॉल डिटेल में किसी का नाम सामने आना अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं होगा। पुलिस हैदर टावर और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ करेगी।
पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी के फुटेज भी खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय किसी ने गोली चलने की आवाज सुनी थी या आसपास किसी संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान गया था। आसपास की इमारतों और घटनास्थल की परिस्थितियों से भी गोली की दिशा और संभावित स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
आपसी विवाद से लेकर अवैध हथियार तक कई एंगल पर जांच
पुलिस इस मामले में आपसी विवाद की आशंका को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि महिला का किसी से विवाद तो नहीं था या घटना के पीछे कोई अन्य वजह हो सकती है। इसके साथ ही अवैध हथियार से गलती से गोली चलने की आशंका समेत अन्य *संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।*
हालांकि, अब तक इन आशंकाओं में से किसी की भी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती गोली चलने के वास्तविक स्थान और दिशा का पता लगाना है, ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। घटना के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और संबंधित फ्लैट को सील कर दिया था, ताकि जांच के लिए जरूरी साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें। अब पुलिस इन साक्ष्यों, महिला के बयान और आगे होने वाली पूछताछ के आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है।
जानबूझकर निशाना बनाया या कहीं और से चली गोली लगी?
मामले में अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि सायरा खान को किसी ने निशाना बनाकर गोली मारी या किसी अन्य स्थान से चली गोली उनके पैर में आ लगी। महिला के बयानों से भी इस सवाल का जवाब नहीं मिल सका है। ऐसे में पुलिस की जांच अब कॉल डिटेल, आसपास के लोगों से पूछताछ और फॉरेंसिक साक्ष्यों के विश्लेषण पर टिकी है। इन जांचों से ही पता चल सकेगा कि पांचवीं मंजिल की छत पर महिला के पैर में गोली लगने की घटना के पीछे क्या वजह थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
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पुलिस आपसी विवाद, अवैध हथियार से गलती से गोली चलने और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना की रहस्यमय परिस्थितियों ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या महिला किसी कारण से कुछ जानकारी पुलिस से छिपा रही है। फिलहाल न तो गोली चलाने वाले की पहचान हो सकी है और न ही यह स्पष्ट हुआ है कि महिला को जानबूझकर निशाना बनाया गया था या वह कहीं और से चली गोली का शिकार हुईं।
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महिला के बयान से नहीं मिला सुराग
पुलिस के अनुसार घटना कच्ची मस्जिद रोड स्थित हैदर टावर की है। सायरा खान अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल की छत पर टहल रही थीं। इसी दौरान उन्हें पैर में अचानक कुछ चुभने का एहसास हुआ। शुरुआत में उन्हें चोट लगने का अंदाजा हुआ, लेकिन अस्पताल में जांच कराने पर पता चला कि उनके पैर में गोली लगी है। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने महिला के बयान दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन उनके बयानों से गोली चलाने वाले के बारे में कोई अहम जानकारी सामने नहीं आई। महिला को गोली किस दिशा से लगी और गोली कहां से चलाई गई, यह भी अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
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अब कॉल डिटेल से तलाशे जाएंगे कनेक्शन
गोली चलाने वाले तक पहुंचने के लिए पुलिस अब सायरा खान के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की जांच करने की तैयारी में है। इसके जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि घटना से पहले उनकी किन लोगों से बातचीत हुई थी और क्या किसी विवाद या तनाव से जुड़ा कोई पहलू सामने आता है। हालांकि, कॉल डिटेल में किसी का नाम सामने आना अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं होगा। पुलिस हैदर टावर और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ करेगी।
पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी के फुटेज भी खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय किसी ने गोली चलने की आवाज सुनी थी या आसपास किसी संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान गया था। आसपास की इमारतों और घटनास्थल की परिस्थितियों से भी गोली की दिशा और संभावित स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
आपसी विवाद से लेकर अवैध हथियार तक कई एंगल पर जांच
पुलिस इस मामले में आपसी विवाद की आशंका को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि महिला का किसी से विवाद तो नहीं था या घटना के पीछे कोई अन्य वजह हो सकती है। इसके साथ ही अवैध हथियार से गलती से गोली चलने की आशंका समेत अन्य *संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।*
हालांकि, अब तक इन आशंकाओं में से किसी की भी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती गोली चलने के वास्तविक स्थान और दिशा का पता लगाना है, ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। घटना के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और संबंधित फ्लैट को सील कर दिया था, ताकि जांच के लिए जरूरी साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें। अब पुलिस इन साक्ष्यों, महिला के बयान और आगे होने वाली पूछताछ के आधार पर मामले की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है।
जानबूझकर निशाना बनाया या कहीं और से चली गोली लगी?
मामले में अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि सायरा खान को किसी ने निशाना बनाकर गोली मारी या किसी अन्य स्थान से चली गोली उनके पैर में आ लगी। महिला के बयानों से भी इस सवाल का जवाब नहीं मिल सका है। ऐसे में पुलिस की जांच अब कॉल डिटेल, आसपास के लोगों से पूछताछ और फॉरेंसिक साक्ष्यों के विश्लेषण पर टिकी है। इन जांचों से ही पता चल सकेगा कि पांचवीं मंजिल की छत पर महिला के पैर में गोली लगने की घटना के पीछे क्या वजह थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
