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वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की नियुक्ति: आरिफ मसूद बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, हिंदू संगठन ने किया स्वागत
Mon, 06 Jul 2026 03:57 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 06 Jul 2026 03:57 PM IST
सार
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की नियुक्ति को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सरकार पर जल्दबाजी का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। वहीं हिंदू उत्सव समिति ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के फैसले का स्वागत करते हुए इसे सांप्रदायिक सौहार्द और निष्पक्षता की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
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कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों को शामिल किए जाने के फैसले पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, ऐसे में सरकार को इतनी जल्दबाजी करने की जरूरत क्या थी। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। मसूद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में वक्फ से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई चल रही है। अदालत ने भले ही कुछ बिंदुओं पर रोक नहीं लगाई हो, लेकिन अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। ऐसे में सरकार को इंतजार करना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संशोधन के प्रावधानों से अलग जाकर नियुक्तियां की हैं और इस पर जवाब देना चाहिए।
वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि एक ट्रस्ट
कांग्रेस विधायक ने यह भी कहा कि संशोधन में जिस व्यवस्था की बात की गई थी, उसके अनुरूप नियुक्तियां नहीं हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस श्रेणी से आयुक्त की नियुक्ति की गई है, वह किस आधार पर की गई और सरकार इस पर स्पष्टीकरण दे। आरिफ मसूद ने कहा कि वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि एक ट्रस्ट है, जिसकी व्यवस्था स्वतंत्रता के बाद तय की गई थी। उन्होंने सरकार के फैसले को लेकर कई संवैधानिक सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले की न्यायिक समीक्षा जरूरी है।
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हिंदू उत्सव समिति ने फैसले का किया स्वागत
वहीं, हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहा कि पहली बार मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि समिति और संस्कृति बचाओ मंच इस फैसले का स्वागत करते हैं। तिवारी ने कहा कि समाज में सांप्रदायिक सौहार्द की बात तो सभी करते हैं, लेकिन उसे व्यवहार में लागू करने की जरूरत होती है। उनका कहना था कि वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों के शामिल होने से पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी तथा किसी भी समुदाय के प्रति पक्षपात की आशंका नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय सामाजिक समरसता और निष्पक्ष प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में विश्वास बढ़ेगा।
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फैसले पर बढ़ी सियासी गर्मी
वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश में सियासी बहस तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस इसे कानूनी और संवैधानिक मुद्दा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर हिंदू संगठन इसे सरकार का स्वागत योग्य निर्णय बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर बहस और तेज होने की संभावना है।
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वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि एक ट्रस्ट
कांग्रेस विधायक ने यह भी कहा कि संशोधन में जिस व्यवस्था की बात की गई थी, उसके अनुरूप नियुक्तियां नहीं हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस श्रेणी से आयुक्त की नियुक्ति की गई है, वह किस आधार पर की गई और सरकार इस पर स्पष्टीकरण दे। आरिफ मसूद ने कहा कि वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि एक ट्रस्ट है, जिसकी व्यवस्था स्वतंत्रता के बाद तय की गई थी। उन्होंने सरकार के फैसले को लेकर कई संवैधानिक सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले की न्यायिक समीक्षा जरूरी है।
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हिंदू उत्सव समिति ने फैसले का किया स्वागत
वहीं, हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहा कि पहली बार मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि समिति और संस्कृति बचाओ मंच इस फैसले का स्वागत करते हैं। तिवारी ने कहा कि समाज में सांप्रदायिक सौहार्द की बात तो सभी करते हैं, लेकिन उसे व्यवहार में लागू करने की जरूरत होती है। उनका कहना था कि वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों के शामिल होने से पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी तथा किसी भी समुदाय के प्रति पक्षपात की आशंका नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय सामाजिक समरसता और निष्पक्ष प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में विश्वास बढ़ेगा।
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फैसले पर बढ़ी सियासी गर्मी
वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश में सियासी बहस तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस इसे कानूनी और संवैधानिक मुद्दा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर हिंदू संगठन इसे सरकार का स्वागत योग्य निर्णय बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर बहस और तेज होने की संभावना है।
