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Bhopal News: नींद से जुड़ा कैंसर का खतरा,एम्स भोपाल के शोध ने खोला बड़ा राज,बिगड़ी दिनचर्या से बढ़ती है बीमारी

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sat, 17 Jan 2026 08:46 PM IST
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सार

एम्स भोपाल के शोध में नींद की गड़बड़ी और कैंसर के बीच सीधा संबंध सामने आया है। देर रात जागना और अनियमित दिनचर्या से इम्यूनिटी कमजोर होती है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है। नियमित नींद और संतुलित जीवनशैली से कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है।

Bhopal News: Cancer risk linked to sleep, AIIMS Bhopal research reveals a major secret, disrupted daily routin
एम्स भोपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अब कैंसर सिर्फ खान-पान या आनुवांशिक कारणों से ही नहीं, बल्कि बिगड़ी हुई नींद और अव्यवस्थित दिनचर्या से भी जुड़ता दिख रहा है। एम्स भोपाल के जैवरसायन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शोध ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि नींद की गड़बड़ी सीधे तौर पर कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का शोध प्रतिष्ठित जर्नल स्लीप मेडिसिन रिव्यूज में प्रकाशित हुआ है, जो इसे वैश्विक मान्यता देता है। शोध में केजीएमयू लखनऊ के डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, मनेन्द्र सिंह तोमर और मोहित का भी अहम योगदान रहा।
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जैविक घड़ी बिगड़ी तो बीमारी पक्की
चिकित्सकों के अनुसार मानव शरीर एक सर्केडियन रिद्म (जैविक घड़ी) पर काम करता है, जो नींद, हार्मोन, पाचन, ऊर्जा और प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित करता है। देर रात तक जागना,नाइट शिफ्ट करना,लगातार अनियमित दिनचर्या
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इन कारणों से जब यह जैविक घड़ी गड़बड़ाती है, तो शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कैंसर कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। शोध में यह भी सामने आया कि कैंसर कोशिकाएं शरीर की ऊर्जा व्यवस्था को अपने पक्ष में मोड़ लेती हैं, जिससे प्रतिरक्षा कोशिकाएं उन्हें खत्म करने में असफल रहती हैं।

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दवाओं से आगे जीवनशैली ही असली इलाज
यह अध्ययन बताता है कि कैंसर से बचाव केवल दवाओं पर निर्भर नहीं है।नियमित नींद,समय पर भोजन,संतुलित दिनचर्या इन तीनों को अपनाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि आने वाले समय में कैंसर का इलाज व्यक्ति की नींद और दिनचर्या के अनुसार तय किया जाएगा, जिससे इलाज ज्यादा असरदार और कम दुष्प्रभाव वाला होगा।

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एम्स भोपाल को मिला गौरव
इस उत्कृष्ट शोध के लिए डॉ. अशोक कुमार को एम्स भोपाल में आयोजित चौथे रिसर्च डे के दौरान फैकल्टी कैटेगरी में बेस्ट पेपर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने कहा कि,यह शोध समाज के लिए बेहद उपयोगी है। नींद और कैंसर के बीच संबंध पर यह अध्ययन न केवल चिकित्सा जगत के लिए अहम है, बल्कि आम जनता को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का मजबूत संदेश भी देता है।


 
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