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Bhopal News: फर्जी बिल भुगतान मामले में निगम की कार्रवाई, आरोपी गुणवंत सेवतकर से वित्त विभाग का प्रभार वापस
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 14 Mar 2026 10:52 PM IST
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सार
भोपाल नगर निगम में फर्जी ई-बिल के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान के मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद आरोपी अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर से वित्त विभाग का प्रभार वापस लेकर मुकेश शर्मा को सौंप दिया गया है। मामले में डिजिटल साक्ष्य जब्त कर जांच जारी है।
बीएमसी भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल नगर निगम में फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान के मामले में लोकायुक्त द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद निगम प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आरोपी बनाए गए अपर आयुक्त (वित्त) गुणवंत सेवतकर से वित्त विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। अब यह जिम्मेदारी अपर आयुक्त मुकेश शर्मा को सौंप दी गई है।
फर्जी ई-बिल बनाकर किया गया भुगतान
नगर निगम में कथित रूप से कुछ कार्यों के नाम पर फर्जी ई-बिल तैयार कर एसएपी (SAP) सॉफ्टवेयर के माध्यम से भुगतान किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कमीशनखोरी के भी आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिलों में अलग-अलग मद जोड़कर हेरफेर की गई और कई मामलों में बिना काम कराए ही भुगतान दर्शा दिया गया। आरोप यह भी है कि बाद में यह राशि अधिकारियों और कर्मचारियों के परिचितों या रिश्तेदारों की फर्मों में ट्रांसफर कर दी जाती थी और इसके बदले कमीशन लिया जाता था।
यह भी पढ़ें-गैस के लिए एजेंसियों पर लगी लंबी लाइनें, चक्कर काट रहे लोग, कई घरों में जलने लगा लकड़ी का चूल्हा
प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए
मामले की प्रारंभिक जांच लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक, भोपाल द्वारा कराई गई थी। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद केस दर्ज किया गया। लोकायुक्त पुलिस ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद नगर निगम भोपाल के सर्वर सेंटर में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान SAP सॉफ्टवेयर से जुड़ी हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इन साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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फर्जी ई-बिल बनाकर किया गया भुगतान
नगर निगम में कथित रूप से कुछ कार्यों के नाम पर फर्जी ई-बिल तैयार कर एसएपी (SAP) सॉफ्टवेयर के माध्यम से भुगतान किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कमीशनखोरी के भी आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिलों में अलग-अलग मद जोड़कर हेरफेर की गई और कई मामलों में बिना काम कराए ही भुगतान दर्शा दिया गया। आरोप यह भी है कि बाद में यह राशि अधिकारियों और कर्मचारियों के परिचितों या रिश्तेदारों की फर्मों में ट्रांसफर कर दी जाती थी और इसके बदले कमीशन लिया जाता था।
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प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए
मामले की प्रारंभिक जांच लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक, भोपाल द्वारा कराई गई थी। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद केस दर्ज किया गया। लोकायुक्त पुलिस ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद नगर निगम भोपाल के सर्वर सेंटर में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान SAP सॉफ्टवेयर से जुड़ी हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इन साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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