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Bhopal News: लेंसकार्ट के बाद फिर ड्रेस कोड पर बवाल, फैक्ट्री में तिलक-बिंदी पर रोक,हिंदू संगठनों का प्रदर्शन
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 24 Apr 2026 04:40 PM IST
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सार
लेंसकार्ट विवाद के बाद भोपाल में एक और कंपनी के ड्रेस कोड को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। एमपी नगर की फैक्ट्री में तिलक-बिंदी समेत धार्मिक प्रतीकों पर रोक के विरोध में हिंदू उत्सव समिति ने प्रदर्शन किया।कर्मचारी ने तिलक लगाने पर अंदर नहीं जाने देने का आरोप लगाया, जबकि कंपनी ने इसे प्रोडक्ट क्वालिटी से जुड़ा फैसला बताया।
विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी में ड्रेस कोड को लेकर एक और विवाद सामने आ गया है। लेंसकार्ट विवाद के बाद अब एमपी नगर की एक निजी फैक्ट्री परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड के नोटिस ने माहौल गरमा दिया है। कर्मचारियों को तिलक-बिंदी समेत धार्मिक प्रतीक न पहनने के निर्देश के खिलाफ हिंदू उत्सव समिति सड़कों पर उतर आई है और फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग किया। कंपनी द्वारा जारी नोटिस में कर्मचारियों को तिलक, बिंदी, कड़ा, अंगूठी, बाली और मंगलसूत्र जैसे प्रतीकों के साथ ड्यूटी पर आने से रोका गया है। समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हस्तक्षेप बताते हुए कहा कि ऐसे आदेश स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
तिलक लगाने पर एंट्री रोकी
मामले ने तूल तब पकड़ा जब एक कर्मचारी ने आरोप लगाया कि वह तिलक और कलावा पहनकर फैक्ट्री पहुंचा तो उसे अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई।
कंपनी का तर्क, क्वालिटी से जुड़ा मामला
फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि यह फैसला प्रोडक्ट क्वालिटी को ध्यान में रखकर लिया गया है। कुछ चीजें प्रोडक्ट को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विरोध को देखते हुए आदेश की समीक्षा की जाएगी।
यह भी पढ़ें-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेशवासियों से महत्वपूर्ण विषय पर करेंगे संवाद, पोस्ट करके दी जानकारी
प्रदर्शन और बहिष्कार की चेतावनी
शुक्रवार को हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता पहले BDA कार्यालय पर जुटे और फिर फैक्ट्री पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान कर्मचारियों को तिलक लगाया गया और कलावा बांधकर समर्थन दिया गया। संगठन ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर FIR दर्ज करने की मांग की है और कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।
यह भी पढ़ें-गर्म हवाओं का अटैक, मध्यप्रदेश में बढ़ी झुलसाने वाली गर्मी, आज 11 जिलों में लू का अलर्ट
पहले भी भड़का था विवाद
इससे पहले Lenskart के कथित ड्रेस कोड को लेकर भी भोपाल सहित कई जगहों पर विरोध हुआ था, जहां संगठन ने कर्मचारियों के समर्थन में इसी तरह अभियान चलाया था। अब लगातार दूसरे मामले के सामने आने से ड्रेस कोड बनाम धार्मिक आस्था का मुद्दा शहर में गरमाता जा रहा है। प्रशासन की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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तिलक लगाने पर एंट्री रोकी
मामले ने तूल तब पकड़ा जब एक कर्मचारी ने आरोप लगाया कि वह तिलक और कलावा पहनकर फैक्ट्री पहुंचा तो उसे अंदर जाने से रोक दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई।
कंपनी का तर्क, क्वालिटी से जुड़ा मामला
फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि यह फैसला प्रोडक्ट क्वालिटी को ध्यान में रखकर लिया गया है। कुछ चीजें प्रोडक्ट को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विरोध को देखते हुए आदेश की समीक्षा की जाएगी।
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प्रदर्शन और बहिष्कार की चेतावनी
शुक्रवार को हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता पहले BDA कार्यालय पर जुटे और फिर फैक्ट्री पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान कर्मचारियों को तिलक लगाया गया और कलावा बांधकर समर्थन दिया गया। संगठन ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर FIR दर्ज करने की मांग की है और कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार की चेतावनी भी दी है।
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पहले भी भड़का था विवाद
इससे पहले Lenskart के कथित ड्रेस कोड को लेकर भी भोपाल सहित कई जगहों पर विरोध हुआ था, जहां संगठन ने कर्मचारियों के समर्थन में इसी तरह अभियान चलाया था। अब लगातार दूसरे मामले के सामने आने से ड्रेस कोड बनाम धार्मिक आस्था का मुद्दा शहर में गरमाता जा रहा है। प्रशासन की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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