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Bhopal News: कैबिनेट फैसले से भड़के अस्थाई कर्मचारी, सतपुड़ा भवन के सामने सत्याग्रह शुरू, बढ़ेगा आंदोलन

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Wed, 21 Jan 2026 06:14 PM IST
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सार

कैबिनेट फैसले से नाराज भोपाल के संविदा, आउटसोर्स और अस्थाई कर्मचारियों ने सतपुड़ा भवन के सामने सत्याग्रह शुरू किया। कैडर संशोधन और वेतनमानों को लेकर सरकार की अस्पष्टता से छंटनी की आशंका और भविष्य की अनिश्चितता बढ़ी है। कर्मचारी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन प्रदेशव्यापी होगा।

Bhopal News: Temporary employees angered by cabinet decision, begin Satyagraha in front of Satpura Bhavan, mov
कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल में संविदा, आउटसोर्स और अस्थाई कर्मचारियों का आक्रोश अब आंदोलन में बदल गया है। 22 दिसंबर 2025 को हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों से नाराज कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर 12 बजे से सतपुड़ा भवन के सामने सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया। यह आंदोलन मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के बैनर तले पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कैबिनेट के फैसले के बाद कैडर संशोधन और वेतनमानों को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी असमंजस ने कर्मचारियों के बीच छंटनी की आशंका और भविष्य को लेकर गंभीर अनिश्चितता पैदा कर दी है।
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कैडर संशोधन और वेतन पर सरकार की उलझन
कर्मचारी मंच का आरोप है कि सरकार कैडर संशोधन के नाम पर संरचना बदलने की बात कर रही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि मौजूदा संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का भविष्य क्या होगा। वेतनमान तय करने में भी सरकार की अस्पष्ट नीति कर्मचारियों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह के अधूरे और भ्रमित फैसलों से हजारों कर्मचारियों पर नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा है।
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छंटनी की आशंका से भड़का आक्रोश
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि यदि कैडर संशोधन के नाम पर पद समाप्त किए गए या नई व्यवस्था लागू की गई, तो सबसे पहले संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को बाहर किया जाएगा। इसी डर के चलते कर्मचारी सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं।


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पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सत्याग्रह
मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पाण्डेय ने कहा कि सत्याग्रह आंदोलन अस्थाई, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों की पांच प्रमुख मांगों को लेकर किया जा रहा है। इनमें हाईकोर्ट के आदेशानुसार लाभ देना, अस्थाई पदों को स्थायी करना, दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करना, न्यूनतम वेतन/कलेक्टर दर से भुगतान और पेंशन सुविधा लागू करना शामिल है।कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार निर्णय टाल रही है और आश्वासन देकर समय निकाल रही है। 22 दिसंबर के कैबिनेट फैसले ने कर्मचारियों की समस्याएं हल करने के बजाय उन्हें और उलझा दिया है। कर्मचारी मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कैबिनेट फैसले पर पुनर्विचार कर संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को स्पष्ट सुरक्षा और वेतनमान की गारंटी नहीं दी गई, तो यह सत्याग्रह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले लेगा।
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