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Bhopal News: गोमांस सप्लाई नेटवर्क में सरकारी कनेक्शन, नगर निगम इंजीनियर से एसआईटी की पूछताछ, बड़ी चेन उजागर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Sun, 25 Jan 2026 12:25 AM IST
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सार

गोमांस की अवैध सप्लाई के मामले में अब जांच सिर्फ तस्करों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सरकारी सिस्टम की भूमिका भी कटघरे में आ गई है। एसआईटी की पड़ताल में नगर निगम से जुड़े अफसर का नाम सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। 

Bhopal News: SIT probes municipal engineer over government link in illegal beef supply network
असलम चमड़ा
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विस्तार
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भोपाल के जिंसी स्थित नगर निगम स्लॉटर हाउस से गोमांस की अवैध सप्लाई का मामला अब केवल तस्करी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका भी गहराती जा रही है। एसआईटी जांच में नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर सौरभ सूद का नाम सामने आने के बाद पूरे नेटवर्क में सरकारी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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एसआईटी प्रभारी एसीपी उमेश तिवारी ने सौरभ सूद को नोटिस जारी कर बयान दर्ज किए हैं। सूत्रों के अनुसार इन्हीं बयानों के आधार पर मुख्य आरोपी असलम कुरैशी से पूछताछ की दिशा तय की गई। पुलिस रिमांड पर मौजूद आरोपी से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि गोमांस की सप्लाई चेन रायसेन से लेकर बाड़ी बरेली तक फैली हुई थी।
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जिंसी स्थित नगर निगम स्लॉटर हाउस के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी असिस्टेंट इंजीनियर सौरभ सूद के पास थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिस अवधि में स्लॉटर हाउस से बड़े पैमाने पर गोमांस की आवाजाही हुई, उसी समय सूद वहां निगरानी अधिकारी के रूप में तैनात थे। 22 जनवरी को थाने में पूछताछ के बाद ही असलम कुरैशी और कंटेनर चालक शोएब को पुलिस ने रिमांड पर ले लिया है।

एसआईटी को असलम कुरैशी से पूछताछ के दौरान सप्लाई चेन को लेकर अहम सुराग मिले हैं। इनकी पुष्टि के लिए लाइव स्टॉक कंपनी से जुड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए गए हैं। सौरभ सूद को कंपनी को लीज दिए जाने के बाद से अब तक के सभी दस्तावेज, अनुबंध और पत्राचार सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आरोपी से सख्त पूछताछ की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार एसीपी उमेश तिवारी ने इस मामले में करीब दो दर्जन से अधिक बिंदुओं पर पूछताछ की रूपरेखा तैयार की है। असलम कुरैशी के आय स्रोत, विदेशी संपर्क और शिपमेंट प्रक्रिया की जांच की जा रही है। असलम और चालक शोएब को 25 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर रखा गया है।

नगर निगम द्वारा सितंबर 2025 में पीपीपी मोड पर दिया गया स्लॉटर हाउस का ठेका भी जांच के घेरे में आ गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि ठेका देने की प्रक्रिया में किन नियमों की अनदेखी हुई और किन अधिकारियों की भूमिका रही।
लाइव स्टॉक कंपनी का पंजीकरण मई 2022 में ग्वालियर में हुआ था। शुरुआती दौर में इसके पार्टनर मोहम्मद मुर्शलीन कुरैशी, अमीनुद्दीन और जावेद रहमान थे। अब यह जांच का विषय है कि इनकी भोपाल के ठेके में क्या भूमिका रही।

जांच में सामने आया है कि मोहम्मद मुर्शलीन कुरैशी पहले से ही स्लॉटर कारोबार से जुड़ा रहा है। उसकी अन्य फर्में फलक फ्रोजन फूड एक्सपोर्टर्स और अल नवेद एग्रो फूड इंडस्ट्रीज भी इसी व्यवसाय से संबंधित रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन फर्मों के जरिए अवैध सप्लाई को अंजाम दिया गया।

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प्रकरण में तीन अन्य आरोपियों पर कथित नरमी बरते जाने को लेकर हिंदू संगठनों में आक्रोश है। एसीपी बिट्टू शर्मा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे पुलिस कार्रवाई पर सार्वजनिक दबाव बढ़ गया है।

17-18 दिसंबर की दरमियानी रात पुलिस मुख्यालय के सामने पकड़े गए 26 टन गोमांस के मामले में पूछताछ में सामने आया है कि भोपाल से गोमांस अरब देशों में सप्लाई किया जाता था, जबकि इसकी हड्डियां चीन भेजी जाती थीं।

इस पूरे मामले में जिंसी स्थित नगर निगम स्लॉटर हाउस का संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा मुख्य आरोपी है। उससे गुरुवार से शुक्रवार रात तक करीब 16 घंटे दो अलग-अलग अधिकारियों ने पूछताछ की। हालांकि असलम लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा है और बरामद गोमांस को अपना बताने से इंकार कर रहा है।

पूछताछ में असलम ने दावा किया कि गोमांस की पैकिंग केवल स्लॉटर हाउस में की गई थी, जबकि यह माल आगरा की एक एग्रो फूड कंपनी का था। वहीं ट्रक चालक शोएब ने स्वीकार किया कि उसे प्रति ट्रिप 10 से 15 हजार रुपये मिलते थे, हालांकि उसका कहना है कि उसे कंटेनर में गोमांस होने की जानकारी नहीं थी।

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असम का नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि चीन और गल्फ देशों तक फैला हुआ है। असलम के अनुसार गोमांस को शिपिंग कंटेनरों के जरिए मुंबई भेजा जाता था और वहां से गल्फ देशों में सप्लाई की जाती थी। इसके अलावा बिहार, बेंगलुरु, हैदराबाद और महाराष्ट्र में भी उसके कारोबार के तार जुड़े होने की पुष्टि हुई है। मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा और चालक शोएब को 25 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर रखा गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

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