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भोपाल 26 टन गोमांस केस: विदेश तक फैला असलम का नेटवर्क, निगम की भूमिका पर सवाल, सड़क से सदन तक हो रहा विरोध
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 24 Jan 2026 04:19 PM IST
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सार
भोपाल में PHQ के सामने पकड़े गए 26 टन मांस के मामले में जांच के दौरान अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन, स्लॉटर हाउस संचालन और नगर निगम की भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार गोमांस मुंबई के रास्ते गल्फ देशों तक भेजा जाता था, जबकि हड्डियां चीन भेजने के संकेत मिले हैं।
स्लॉटर हाउस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सामने 17 दिसंबर की रात पकड़े गए 26 टन मांस के मामले ने अब कानून-व्यवस्था से आगे राजनीतिक और सामाजिक टकराव का रूप ले लिया है। जांच में जहां अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन और नगर निगम की भूमिका सामने आई है, वहीं इस मामले को लेकर विपक्ष और हिंदू संगठनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गोमांस की सप्लाई मुंबई के रास्ते गल्फ देशों तक होती थी, जबकि उससे जुड़ा अन्य उत्पाद चीन भेजा जाता था। इस पूरे नेटवर्क का संचालन जिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस से होने के संकेत मिले हैं।
मुख्य आरोपी सवालों के घेरे में
स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा से दो अधिकारियों ने करीब 16 घंटे तक पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक असलम बार-बार बयान बदल रहा है और जब्त मांस को अपना मानने से इनकार कर रहा है। उसका दावा है कि मांस की पैकिंग स्लॉटर हाउस में हुई, लेकिन माल आगरा की एक एग्रो फूड कंपनी का था। हालांकि, उसकी सप्लाई चेन, पार्टनर्स और स्थानीय नेटवर्क से जुड़े कई तथ्य पुलिस के हाथ लगे हैं।
नगर निगम की अनुमति पर सियासी घमासान
जांच में सामने आया है कि स्लॉटर हाउस से मांस बाहर ले जाने के लिए नगर निगम स्तर से अनुमति दी गई थी। एमआईसी से संचालन की मंजूरी दी गई, लेकिन परिषद में प्रस्ताव नहीं लाया गया। इसी कड़ी में वेटनरी डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर को सस्पेंड किया गया है। कई कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई है और निगम की पुरानी फाइलें जब्त की जा चुकी हैं।
कांग्रेस का आरोप,सत्ता संरक्षण के बिना संभव नहीं
इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार विरोध दर्ज करा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर गोमांस की सप्लाई नगर निगम और सत्ता संरचना की जानकारी के बिना संभव नहीं है। पार्टी ने निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और राजनीतिक जवाबदेही तय करने की मांग की है।
यह भी पढ़ें-मध्यप्रदेश में ठंड का ग्राफ नीचे, बादलों की एंट्री, 26 के बाद फिर बदलेगा मिजाज
हिंदू संगठनों का दबाव, महापौर को हटाने की मांग
वहीं, हिंदू संगठनों ने भी इस मामले को लेकर मोर्चा खोल रखा है। संगठनों ने महापौर मालती राय को हटाने की मांग को लेकर उनके बंगले के सामने और नगर निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम के संरक्षण में गोवंश से जुड़ा अपराध हुआ है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी महापौर की बनती है।
यह भी पढ़ें-पांच एकड़ में 34 कमरों के साथ बना, 50 हजार रुपए किराया
आरोपी 25 जनवरी तक रिमांड पर
मुख्य आरोपी असलम चमड़ा और ड्राइवर शोएब को 25 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर रखा गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी अहम नाम सामने आ सकते हैं।
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मुख्य आरोपी सवालों के घेरे में
स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा से दो अधिकारियों ने करीब 16 घंटे तक पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक असलम बार-बार बयान बदल रहा है और जब्त मांस को अपना मानने से इनकार कर रहा है। उसका दावा है कि मांस की पैकिंग स्लॉटर हाउस में हुई, लेकिन माल आगरा की एक एग्रो फूड कंपनी का था। हालांकि, उसकी सप्लाई चेन, पार्टनर्स और स्थानीय नेटवर्क से जुड़े कई तथ्य पुलिस के हाथ लगे हैं।
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नगर निगम की अनुमति पर सियासी घमासान
जांच में सामने आया है कि स्लॉटर हाउस से मांस बाहर ले जाने के लिए नगर निगम स्तर से अनुमति दी गई थी। एमआईसी से संचालन की मंजूरी दी गई, लेकिन परिषद में प्रस्ताव नहीं लाया गया। इसी कड़ी में वेटनरी डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर को सस्पेंड किया गया है। कई कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई है और निगम की पुरानी फाइलें जब्त की जा चुकी हैं।
कांग्रेस का आरोप,सत्ता संरक्षण के बिना संभव नहीं
इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार विरोध दर्ज करा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर गोमांस की सप्लाई नगर निगम और सत्ता संरचना की जानकारी के बिना संभव नहीं है। पार्टी ने निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और राजनीतिक जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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हिंदू संगठनों का दबाव, महापौर को हटाने की मांग
वहीं, हिंदू संगठनों ने भी इस मामले को लेकर मोर्चा खोल रखा है। संगठनों ने महापौर मालती राय को हटाने की मांग को लेकर उनके बंगले के सामने और नगर निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम के संरक्षण में गोवंश से जुड़ा अपराध हुआ है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी महापौर की बनती है।
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आरोपी 25 जनवरी तक रिमांड पर
मुख्य आरोपी असलम चमड़ा और ड्राइवर शोएब को 25 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर रखा गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी अहम नाम सामने आ सकते हैं।

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