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बीएमसी में फाइलों का फुलस्टॉप: भोपाल नगर निगम हुआ पेपरलेस, 27 जनवरी से क्लिक पर चलेगा पूरा सिस्टम

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sun, 25 Jan 2026 12:43 PM IST
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सार

भोपाल नगर निगम ने 27 जनवरी से कागजी फाइल सिस्टम पूरी तरह बंद कर ई-ऑफिस व्यवस्था लागू कर देगा। अब सभी विभागों का काम डिजिटल फाइलों के जरिए होगा, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों से जुड़े मामलों का निपटारा जल्द हो सकेगा। यह कदम निगम को स्मार्ट प्रशासन की दिशा में आगे ले जाएगा।
 

No more paper files at BMC: Bhopal Municipal Corporation goes paperless, the entire system will run with just
बीएमसी भोपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल नगर निगम ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा और दूरगामी बदलाव करते हुए कागजी फाइलों के युग को समाप्त करने का फैसला लिया है। 27 जनवरी से निगम के सभी विभागों में मैन्युअल फाइल सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और अब हर प्रशासनिक काम ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल रूप से किया जाएगा। इस कदम के साथ भोपाल नगर निगम प्रदेश का पहला ऐसा नगर निगम बन गया है, जिसने पूर्ण रूप से ई-फाइलिंग व्यवस्था को लागू किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब फाइलें दफ्तरों की मेजों पर अटकने के बजाय ऑनलाइन माध्यम से आगे बढ़ेंगी। सामान्य प्रशासन विभाग से लेकर अपर आयुक्त, सहायक आयुक्त और निगमायुक्त तक फाइलों की पूरी मूवमेंट डिजिटल ट्रैकिंग के साथ होगी। इससे न केवल फाइलों की गति बढ़ेगी, बल्कि निर्णय लेने में होने वाली देरी और अनावश्यक अटकाव भी खत्म होंगे।
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राज्य शासन के निर्देश, निगम की तैयारी
राज्य शासन द्वारा ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे। इन्हीं निर्देशों के तहत भोपाल नगर निगम में तकनीकी ढांचे को मजबूत किया गया। आईटी नेटवर्क, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और आंतरिक प्रक्रियाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया गया, ताकि सभी विभाग एक ही डिजिटल सिस्टम पर काम कर सकें। तैयारियों के पूरा होने के बाद अब इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया है।
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एनआईसी सर्वर पर सुरक्षित रहेगा डाटा
डिजिटल फाइलिंग से संबंधित पूरा रिकॉर्ड नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के सुरक्षित सर्वर पर रखा जाएगा। इससे दस्तावेजों की सुरक्षा के साथ-साथ उनका बैकअप भी सुनिश्चित रहेगा। निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के उपयोग के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि कामकाज में किसी भी प्रकार की तकनीकी परेशानी न आए।

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पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी
निगम प्रशासन का मानना है कि ई-ऑफिस प्रणाली से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी और जवाबदेही भी तय होगी। हर फाइल की डिजिटल एंट्री और मूवमेंट रिकॉर्ड होने से यह स्पष्ट रहेगा कि फाइल किस स्तर पर है और उसमें देरी क्यों हो रही है। इससे आम नागरिकों से जुड़े मामलों का निपटारा भी पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से हो सकेगा।

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नए मुख्यालय को ध्यान में रखकर बनाई व्यवस्था
यह डिजिटल व्यवस्था निगम के प्रस्तावित नए मुख्यालय भवन में शिफ्टिंग को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। भविष्य में जब निगम नया कार्यालय परिसर अपनाएगा, तब यह ई-ऑफिस सिस्टम प्रशासनिक कामकाज को और अधिक सुचारू बनाएगा। निगम के अधिकारियों के अनुसार, ई-ऑफिस प्रणाली के तहत अधिकारियों की आधिकारिक ई-मेल आईडी भी सक्रिय की जा रही हैं, जिससे निगम का पूरा कामकाज डिजिटल, पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
 
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