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Bhopal News: मैनिट भोपाल में पढ़ाई का सिस्टम बदला, अब विदेश में पढ़ाई और स्टार्टअप भी बनेंगे डिग्री का हिस्सा

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Tue, 10 Feb 2026 05:30 PM IST
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सार

मैनिट भोपाल ने NEP-2020 के तहत पढ़ाई का सिस्टम बदला है। अब छात्र दो सेमेस्टर तक देश-विदेश के संस्थानों में पढ़ सकेंगे और वहां के क्रेडिट मैनिट की डिग्री में जुड़ेंगे। सिलेबस को व्यावहारिक बनाने के लिए इंडस्ट्री एक्सपर्ट पढ़ाएंगे, कमजोर छात्रों के लिए रेमेडियल क्लास होंगी और स्टार्टअप व इनोवेशन पर भी अकादमिक क्रेडिट मिलेगा।

Bhopal News: The education system has changed in MANIT Bhopal, now studies abroad and startups will also becom
मैनिट भोपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

 मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) भोपाल में तकनीकी शिक्षा का चेहरा बदलने जा रहा है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी-2020 के तहत मैनिट ने ऐसे बड़े शैक्षणिक सुधार लागू किए हैं, जिनसे छात्रों को अब विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ने, इंडस्ट्री से सीधे सीखने और स्टार्टअप शुरू करने पर भी अकादमिक क्रेडिट मिल सकेगा। अब मैनिट के छात्र दो सेमेस्टर तक देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई कर सकेंगे। वहां अर्जित किए गए क्रेडिट्स को मैनिट की डिग्री में जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई, नई तकनीकों और अलग शैक्षणिक माहौल का अनुभव मिलेगा।
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रटने वाली पढ़ाई पर रोक, इंडस्ट्री से जुड़ेगा सिलेबस
मैनिट ने परंपरागत रटने वाली शिक्षा से हटकर पाठ्यक्रम को व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने का फैसला किया है। सिलेबस का एक हिस्सा अब इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स पढ़ाएंगे, ताकि छात्रों को नौकरी और उद्योग की वास्तविक जरूरतों की समझ मिल सके।
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कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं
जो छात्र पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं, उनके लिए रेमेडियल क्लासेस शुरू की जाएंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को सीखने का समान मौका मिले और कोई भी पढ़ाई से बाहर न हो।

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स्टार्टअप और इनोवेशन को मिलेगा अकादमिक दर्जा
मैनिट अब छात्रों को सिर्फ नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला उद्यमी बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। यदि कोई छात्र स्टार्टअप शुरू कर तय टेक्नोलॉजी रेडिनेस लेवल (TRL) हासिल करता है, तो उसे उसी के अनुसार अकादमिक क्रेडिट दिए जाएंगे।

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तकनीकी शिक्षा में बड़ा बदलाव
मैनिट के ये फैसले तकनीकी शिक्षा को लचीला, आधुनिक और देश की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में यह मॉडल देश के अन्य तकनीकी संस्थानों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।

 
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