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केंद्र ने मध्य प्रदेश को 84 हजार टन से ज्यादा मूंग की अतिरिक्त खरीदी की मंजूरी दी, किसानों को राहत
Thu, 27 Aug 2026 10:12 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 27 Aug 2026 10:12 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन 2026 सीजन के लिए 84,492 टन अतिरिक्त मूंग खरीदी को मंजूरी दे दी है। इसके बाद राज्य में मूंग खरीदी की कुल स्वीकृत सीमा 5.39 लाख मीट्रिक टन हो गई है।
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विस्तार
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के किसानों को राहत देते हुए ग्रीष्मकालीन 2026 सीजन में 84,492 टन की अतिरिक्त मूंग खरीदी को मंजूरी दी है। पहले राज्य के लिए 4,54,580 टन मूंग खरीदी की सीमा तय की गई थी। अतिरिक्त मात्रा की मंजूरी मिलने के बाद कुल स्वीकृत खरीदी बढ़कर 5,39,072 मीट्रिक टन हो गई। पिछले दिनों किसानों ने मूंग खरीदी की मांग को लेकर भोपाल कूच किया था, इसके बाद केंद्र ने अतिरिक्त खरीदी को मंजूरी दी।
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को नई दिल्ली के कृषि भवन में मध्य प्रदेश के कृषि और बागवानी मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक में मूंग खरीदी की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मात्रा की मंजूरी किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए दी गई है। इससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आया। समीक्षा बैठक में बताया गया कि ग्रीष्मकालीन 2026 सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक 5.33 लाख मीट्रिक टन से अधिक मूंग की खरीदी की गई है। खरीदी की अवधि समाप्त हो चुकी है और वास्तविक खरीदी केंद्र सरकार की स्वीकृत सीमा के भीतर रही। सरकार के अनुसार सभी इच्छुक और पंजीकृत किसानों से उनकी उपलब्ध मूंग की खरीदी की गई। मूंग की खरीदी मुख्य रूप से नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से की गई। किसानों को उनकी उपज का भुगतान न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर किया गया। इससे किसानों को बाजार में उचित मूल्य मिलने में मदद मिली।
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पिछले साल से बेहतर रही खरीदी
मूंग खरीदी के मामले में इस साल मध्य प्रदेश का प्रदर्शन पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहा। ग्रीष्म 2025 में केंद्र ने 4,19,692 मीट्रिक टन खरीदी की अनुमति दी थी, जबकि 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग खरीदी गई थी। इस साल स्वीकृत मात्रा के साथ वास्तविक खरीदी में भी बढ़ोतरी हुई है।
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फसल बीमा पर भी हुई चर्चा
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मध्य प्रदेश में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने के लिए टर्म-शीट को लेकर भी बात हुई। केंद्र सरकार ने संबंधित टर्म-शीट राज्य को उपलब्ध करा दी है। बैठक में विंड्स प्रणाली लागू करने और फसल उत्पादन के आकलन की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। केंद्र ने इसे जल्द लागू करने पर जोर दिया। फसल उपज के आकलन में तकनीकी व्यवस्था के साथ खेत स्तर के आंकड़ों को शामिल करने की सलाह भी दी गई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों के हित में खरीदी, भुगतान और फसल बीमा की व्यवस्था को और बेहतर बनाएंगे। समय पर खरीदी, एमएसपी और प्रभावी बीमा व्यवस्था से किसानों का भरोसा मजबूत होगा।
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पिछले साल से बेहतर रही खरीदी
मूंग खरीदी के मामले में इस साल मध्य प्रदेश का प्रदर्शन पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहा। ग्रीष्म 2025 में केंद्र ने 4,19,692 मीट्रिक टन खरीदी की अनुमति दी थी, जबकि 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग खरीदी गई थी। इस साल स्वीकृत मात्रा के साथ वास्तविक खरीदी में भी बढ़ोतरी हुई है।
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फसल बीमा पर भी हुई चर्चा
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मध्य प्रदेश में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने के लिए टर्म-शीट को लेकर भी बात हुई। केंद्र सरकार ने संबंधित टर्म-शीट राज्य को उपलब्ध करा दी है। बैठक में विंड्स प्रणाली लागू करने और फसल उत्पादन के आकलन की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। केंद्र ने इसे जल्द लागू करने पर जोर दिया। फसल उपज के आकलन में तकनीकी व्यवस्था के साथ खेत स्तर के आंकड़ों को शामिल करने की सलाह भी दी गई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों के हित में खरीदी, भुगतान और फसल बीमा की व्यवस्था को और बेहतर बनाएंगे। समय पर खरीदी, एमएसपी और प्रभावी बीमा व्यवस्था से किसानों का भरोसा मजबूत होगा।
