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भोपाल के 2 बड़े मामलों की आज सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट में 62,500 प्रतिष्ठान, NGT में तालाब-डैम की सीमा पर सुनवाई

Tue, 15 Sep 2026 09:15 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Tue, 15 Sep 2026 09:15 AM IST
सार

भोपाल में मंगलवार को दो अहम मामलों की सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट में रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े 62,500 प्रतिष्ठानों के मामले में नगर निगम की कार्रवाई रिपोर्ट और रहवासियों की आपत्तियों पर सुनवाई होगी। वहीं, एनजीटी में बड़ा तालाब-कलियासोत डैम के एफटीएल क्षेत्र में पांच दिन चले सर्वे की रिपोर्ट पेश होगी।

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Hearings on two major cases in Bhopal today: Supreme Court to hear the matter regarding 62,500 establishments,
सीलिंग कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी के लिए मंगलवार का दिन दो बड़े मामलों में अहम है। एक ओर रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी, तो दूसरी ओर बड़ा तालाब और कलियासोत डैम के जलभराव क्षेत्र में अतिक्रमण और निर्माण की स्थिति पर एनजीटी में पांच दिन के सर्वे की रिपोर्ट पेश की जाएगी। दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई को लेकर कोर्ट के निर्देश महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
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रहवासी इलाकों के 62,500 प्रतिष्ठानों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी। मामले में करीब 62 हजार 500 प्रतिष्ठान सूचीबद्ध हैं। नगर निगम अपनी अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर चुका है, जबकि रहवासियों ने निगम की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए दस्तावेज पेश किए हैं। 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस देना शुरू किया था। करीब 15 दिन चली कार्रवाई में 62 हजार 500 प्रतिष्ठानों में से 8084 को नोटिस दिए गए। इसके बाद तीन दिन तक कार्रवाई करते हुए 190 प्रतिष्ठान बंद किए गए।
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व्यापारियों के विरोध के बाद रुकी सीलिंग
नोटिस और सीलिंग के विरोध में भोपाल के व्यापारियों ने प्रदर्शन किया था। विरोध के बाद नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी। पिछले करीब 15 दिन से सीलिंग और प्रतिष्ठान बंद करने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। अब व्यापारियों के साथ रहवासियों की नजर भी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है। रहवासियों का आरोप है कि निगम ने सभी क्षेत्रों में समान कार्रवाई नहीं की। उनका दावा है कि कुछ ऐसे प्रतिष्ठान दोबारा खुल गए, जिन पर कार्रवाई की गई थी। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने नगर निगम की एक्शन टेकन रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। रहवासियों की ओर से ऐसे दस्तावेज पेश किए गए हैं, जिनके आधार पर सीलिंग के बाद कुछ प्रतिष्ठानों के दोबारा संचालन का दावा किया गया है।
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अरेरा कॉलोनी से उठा था मामला
रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों का मुद्दा अरेरा कॉलोनी से प्रमुखता से सामने आया था। यहां बड़े मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर रहवासियों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि आवासीय इलाकों में कारोबार बढ़ने से शोर, भीड़ और यातायात का दबाव बढ़ रहा है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा और सड़क हादसों के खतरे को लेकर भी चिंता जताई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में मामले की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाई थी। साथ ही दुकान संचालकों को हाईकोर्ट से मिले राहत संबंधी आदेश निरस्त कर दिए थे। इसके बाद नगर निगम ने अपनी कार्रवाई शुरू की और अब उसकी रिपोर्ट कोर्ट के सामने है।

बड़ा तालाब-कलियासोत की सीमा पर एनजीटी में खुलेगी सर्वे रिपोर्ट
दूसरी अहम सुनवाई बड़ा तालाब और कलियासोत डैम के जलभराव क्षेत्र को लेकर एनजीटी में होगी। एनजीटी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने 5 से 9 सितंबर तक पांच दिन ग्राउंड ट्रुथिंग की। इस दौरान ड्रोन से भी निगरानी की गई। सर्वे में एफटीएल क्षेत्र के भीतर या उसके बेहद करीब सड़क, फार्म हाउस, रेस्टोरेंट और अन्य निर्माण मिलने की जानकारी सामने आई है। कई जगह पानी की सीमा मुनार से करीब 5 से 10 फीट आगे तक पहुंची मिली। कुछ स्थानों पर एफटीएल और ग्रीन बेल्ट के मुनारे मौके पर दिखाई नहीं दिए।

एफटीएल के अंदर सड़क, फार्म हाउस तक पहुंच
सर्वे के दौरान फार्म हाउस तक जाने वाली सड़क तालाब के वेटलैंड क्षेत्र से होकर गुजरती मिली। यह सड़क एफटीएल क्षेत्र में स्थित दो मुनारों के बीच से फार्म हाउस तक जाती हुई पाई गई। इसके अलावा तालाब क्षेत्र के अंदर मकान, एफटीएल से लगा ऑटोमोबाइल यार्ड और तालाब के नजदीक रेस्टोरेंट निर्माण से जुड़ी जानकारी भी सर्वे में सामने आई। खानूगांव, हलालपुरा और ग्राम खुदागंज सहित कई क्षेत्रों में रेस्टोरेंट और अन्य निर्माण पानी की सीमा के बेहद करीब पाए गए। कलियासोत तालाब के जलभराव क्षेत्र के अंदर से सड़क मिलने की जानकारी भी सामने आई है। कुछ जगह प्लॉटिंग के लिए मुनारें लगाए जाने और प्राकृतिक जल प्रवाह प्रभावित होने की बात सर्वे में दर्ज की गई। केरवा डैम पर भी आज दिशा तय हो सकती है टीम को केरवा डैम क्षेत्र का भी सर्वे करना था, लेकिन वहां एफटीएल पर पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण ग्राउंड ट्रुथिंग नहीं हो सकी। अब एनजीटी की सुनवाई में केरवा क्षेत्र में आगे सर्वे और जांच की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।


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भदभदा के गेट खोलने के बाद बढ़ा था विवाद
बड़ा तालाब के एफटीएल क्षेत्र में अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति पता करने के लिए एनजीटी ने विशेष सर्वे के निर्देश दिए थे। इससे पहले 4 सितंबर को भदभदा डैम के गेट खोलने को लेकर भी सवाल उठे थे। एनजीटी ने बड़ा तालाब का पानी 1666.80 फीट पर बनाए रखने और स्थिति स्पष्ट होने तक गेट नहीं खोलने के निर्देश दिए थे।
 
भोपाल के 2 बड़े मामलों की आज सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट में 62,500 प्रतिष्ठान, NGT में तालाब-डैम की सीमा पर सुनवाई Hearings on two major cases in Bhopal today: Supreme Court to hear the matter regarding 62,500 establishments, and the NGT to hear the case concerning boundaries of lakes and dams.
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