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मध्यप्रदेश: बीना बनेगा पेट्रोकेमिकल उद्योग का नया केंद्र, सीएम यादव बोले-निवेशकों को हरसंभव मदद देगी सरकार

Thu, 22 Oct 2026 05:53 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Thu, 22 Oct 2026 05:53 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में पेट्रोकेमिकल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बीना को नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंडिया केम-2026 में वैश्विक निवेशकों को प्रदेश में निवेश का न्योता देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
 

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MP: Bina to Emerge as Petrochemical Hub, CM Mohan Yadav Assures Investors of Full Support
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश को रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित इंडिया केम-2026 के उद्घाटन सत्र में देश-विदेश के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक, दवाइयों और विभिन्न प्रकार के रसायनों के निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार निवेशकों को जरूरी सुविधाएं, सहयोग और अनुकूल औद्योगिक माहौल उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2040 तक देश के रसायन और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े कारोबार को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने उद्योगपतियों को वर्ष 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने का न्योता भी दिया। 
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बीना में 50 हजार करोड़ की परियोजना से खुलेंगे अवसर
मुख्यमंत्री ने बीना को प्रदेश में पेट्रोकेमिकल उद्योग के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सागर जिले के बीना में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल परियोजना की आधारशिला रखी जा चुकी है। इससे हर साल 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होने की संभावना है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की एथिलीन क्रैकर और रिफाइनरी विस्तार परियोजना से भी प्लास्टिक, पैकेजिंग, फार्मा और ऑटोमोबाइल जैसे उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराने के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने इंडियन ऑयल, रिलायंस और हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स जैसी कंपनियों से बीना के आसपास पॉलिमर प्रसंस्करण और वितरण से जुड़ी इकाइयां स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया।
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प्लास्टिक पार्क और गैस आधारित उद्योगों पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायसेन जिले के तामोट में 121 एकड़ और ग्वालियर के बिलौआ में 93 एकड़ क्षेत्र में प्लास्टिक पार्क विकसित किए गए हैं। इनसे बड़े उद्योगों के साथ छोटे और मझोले उद्यमों को भी अवसर मिलेंगे। धार के पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क से कपड़ा उद्योग के अलावा रसायन, पॉलिमर और सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विजयपुर में गेल के गैस प्रसंस्करण ढांचे और यहां स्थापित ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, नागदा का औद्योगिक परिसर और आष्टा में प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल परियोजना भी प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने में मददगार होगी। 

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निवेश के लिए अनुकूल माहौल का दावा
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक भूमि, पर्याप्त बिजली और पानी, सड़क नेटवर्क, हवाई संपर्क तथा प्रशिक्षित श्रमशक्ति उपलब्ध है। सरकार ने उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पौने तीन वर्षों में प्रदेश को 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से बड़ी राशि की परियोजनाएं जमीन पर उतरने की प्रक्रिया में हैं। 

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2040 तक एक ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत के पेट्रोकेमिकल उद्योग का आकार करीब 220 अरब डॉलर है। इसे वर्ष 2040 तक एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नीतियां और वित्तीय सहायता उपलब्ध करा सकती है, लेकिन परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में राज्य सरकारों की भूमिका अहम है। सरकार रसायन पार्कों के विकास, शोध और नई तकनीक को प्रोत्साहित करने पर भी काम कर रही है। तीन दिवसीय इंडिया केम-2026 का आयोजन 24 अक्टूबर तक होगा। इसमें देश-विदेश की कंपनियां, उद्योग विशेषज्ञ और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश, तकनीक और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।
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