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मध्य प्रदेश: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति में सीपीसीटी से छूट, 45 वर्ष की उम्र वालों को राहत
Wed, 14 Oct 2026 07:56 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 14 Oct 2026 07:56 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति में सीपीसीटी स्कोर कार्ड से राहत मिलेगी। सामान्य प्रशासन विभाग के नए निर्देशों के अनुसार, पदोन्नति की तारीख पर 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को यह छूट मिलेगी, लेकिन कंप्यूटर दक्षता संबंधी योग्यता की शर्तें लागू रहेंगी।
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वल्लभ भवन, भोपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति देने के लिए कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (सीपीसीटी) की अनिवार्यता से छूट देने को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 14 अक्तूबर को जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि पदोन्नति की तारीख पर 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को सीपीसीटी स्कोर कार्ड से छूट मिलेगी। हालांकि, ऐसे कर्मचारियों के लिए कंप्यूटर दक्षता जरूरी रहेगी। यह छूट केवल विभागीय पदोन्नति के मामलों में लागू होगी। सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अंकित अस्थाना की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि चतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया में आ रही कठिनाइयों को दूर करने और कर्मचारियों को न्यायसंगत अवसर देने के लिए पहले जारी निर्देशों को एकीकृत किया गया है। यह आदेश सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को भेजा गया है।
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दो साल में पूरी करनी होगी कंप्यूटर संबंधी योग्यता
आदेश के अनुसार, सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दो साल की परीक्षण अवधि पर पदोन्नत किया जा सकेगा। इस अवधि में उन्हें सीपीसीटी उत्तीर्ण करने के साथ निर्धारित मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा या सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा। कंप्यूटर डिप्लोमा के लिए यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या मुक्त विश्वविद्यालय, डीओईएसीसी, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट कोर्स और एनसीवीटी या एससीवीटी से प्राप्त एक वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (सीओपीए) प्रमाणपत्र को मान्य किया गया है। इसके अलावा बीई (कंप्यूटर साइंस/आईटी), एमसीए, बीसीए, एमएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस), बीएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस), एमटेक, एमई और निर्धारित विषयों में एआईसीटीई से अनुमोदित पॉलीटेक्निक डिप्लोमा जैसी योग्यताएं भी मान्य होंगी। बीएससी या बीकॉम में केवल एक कंप्यूटर विषय पढ़ने को कंप्यूटर डिप्लोमा के समकक्ष नहीं माना जाएगा। हालांकि, बीएससी की अंकसूची में आईटी या कंप्यूटर साइंस विषय प्रमाणित होने पर उसे बीएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस) के समकक्ष मानने का प्रावधान किया गया है।
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पांच साल बाद मूल पद पर लौटना होगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्मचारी दो साल की परीक्षण अवधि में निर्धारित कंप्यूटर योग्यता प्राप्त नहीं कर पाता है, तो उसकी परीक्षण अवधि अधिकतम तीन साल और बढ़ाई जा सकेगी। इस तरह परीक्षण अवधि की कुल सीमा पांच साल होगी। यदि पांच साल में भी कर्मचारी आवश्यक योग्यता प्राप्त नहीं करता है, तो उसे अनिवार्य रूप से उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस कर दिया जाएगा।
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सीधी भर्ती में छूट नहीं
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को सीपीसीटी स्कोर कार्ड से मिलने वाली छूट केवल विभागीय पदोन्नति के लिए है। सीधी भर्ती या नियुक्ति के अन्य माध्यमों में निर्धारित सीपीसीटी और कंप्यूटर डिप्लोमा संबंधी योग्यता अनिवार्य रहेगी। सामान्य नियम के तहत सीपीसीटी स्कोर कार्ड की वैधता सात साल निर्धारित है।
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दो साल में पूरी करनी होगी कंप्यूटर संबंधी योग्यता
आदेश के अनुसार, सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दो साल की परीक्षण अवधि पर पदोन्नत किया जा सकेगा। इस अवधि में उन्हें सीपीसीटी उत्तीर्ण करने के साथ निर्धारित मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा या सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा। कंप्यूटर डिप्लोमा के लिए यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या मुक्त विश्वविद्यालय, डीओईएसीसी, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट कोर्स और एनसीवीटी या एससीवीटी से प्राप्त एक वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (सीओपीए) प्रमाणपत्र को मान्य किया गया है। इसके अलावा बीई (कंप्यूटर साइंस/आईटी), एमसीए, बीसीए, एमएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस), बीएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस), एमटेक, एमई और निर्धारित विषयों में एआईसीटीई से अनुमोदित पॉलीटेक्निक डिप्लोमा जैसी योग्यताएं भी मान्य होंगी। बीएससी या बीकॉम में केवल एक कंप्यूटर विषय पढ़ने को कंप्यूटर डिप्लोमा के समकक्ष नहीं माना जाएगा। हालांकि, बीएससी की अंकसूची में आईटी या कंप्यूटर साइंस विषय प्रमाणित होने पर उसे बीएससी (आईटी/कंप्यूटर साइंस) के समकक्ष मानने का प्रावधान किया गया है।
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पांच साल बाद मूल पद पर लौटना होगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्मचारी दो साल की परीक्षण अवधि में निर्धारित कंप्यूटर योग्यता प्राप्त नहीं कर पाता है, तो उसकी परीक्षण अवधि अधिकतम तीन साल और बढ़ाई जा सकेगी। इस तरह परीक्षण अवधि की कुल सीमा पांच साल होगी। यदि पांच साल में भी कर्मचारी आवश्यक योग्यता प्राप्त नहीं करता है, तो उसे अनिवार्य रूप से उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस कर दिया जाएगा।
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सीधी भर्ती में छूट नहीं
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को सीपीसीटी स्कोर कार्ड से मिलने वाली छूट केवल विभागीय पदोन्नति के लिए है। सीधी भर्ती या नियुक्ति के अन्य माध्यमों में निर्धारित सीपीसीटी और कंप्यूटर डिप्लोमा संबंधी योग्यता अनिवार्य रहेगी। सामान्य नियम के तहत सीपीसीटी स्कोर कार्ड की वैधता सात साल निर्धारित है।
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